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Sergio Busquets: विश्व कप में हार के बाद स्पेन के कप्तान का बड़ा फैसला, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को कहा अलविदा
Fri, 16 Dec 2022 08:51 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मैड्रिड
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मैड्रिड
Published by: रोहित राज
Updated Fri, 16 Dec 2022 08:51 PM IST
सार
बुस्केट्स ने कतर में विश्व कप में स्पेन की कप्तानी की। वह स्पेन के उन तीन खिलाड़ियों में से एक थे जो पेनल्टी शूटआउट में चूक गए थे। बुस्केट्स के चूकने पर सभी हैरान थे। उनका संन्यास लेना स्पेन के लिए एक युग के अंत के समान है।
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सर्जियो बुस्केट्स
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
स्पेन के कप्तान सर्जियो बुस्केट्स ने फीफा विश्व कप में टीम की हार के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया है। एक दशक से ज्यादा समय तक स्पेन मिडफील्ड की जान रहे बुस्केट्स प्री-क्वार्टर फाइनल में हार के बाद काफी निराश थे। स्पेन की टीम को मोरक्को ने पेनल्टी शूटआउट में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। बुस्केट्स क्लब स्तर पर अभी खेलना जारी रखेंगे।
स्पेनिश राष्ट्रीय टीम ने शुक्रवार को कहा कि 34 वर्षीय बुस्केट्स 143 मैचों के बाद अपने करियर को समाप्त कर रहे हैं। बुस्केट्स 2010 में विश्व कप और 2012 में यूरो कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे। वह स्पेन के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने के मामले में तीसरे स्थान पर रहे। इस मामले में उसने आगे सर्जियो रेमोस (180 मैच) और इकर कैसिलास (167 मैच) हैं।
पेनल्टी शूटआउट में चूक गए थे बुस्केट्स
बुस्केट्स ने कतर में विश्व कप में स्पेन की कप्तानी की। वह स्पेन के उन तीन खिलाड़ियों में से एक थे जो पेनल्टी शूटआउट में चूक गए थे। बुस्केट्स के चूकने पर सभी हैरान थे। उनका संन्यास लेना स्पेन के लिए एक युग के अंत के समान है। वह 2010 में विश्व कप जीतने वाली टीम के इकलौते सदस्य थे, जो मौजूदा टीम में भी थे। बुस्केट्स क्लब स्तर पर बार्सिलोना के लिए खेलते हैं।
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इनिएस्ता और जावी के साथ बनाई थी शानदार तिकड़ी
दुबले-पतले बुस्केट्स बार्सिलोना और स्पेन की सफलताओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे। वह आंद्रे इनिएस्ता और जावी हर्नांडेज के साथ क्लब और देश के लिए शानदार तिकड़ी बनाते थे। बुस्केट्स हमेशा एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में सामने आए जो किसी सांचे में फिट नहीं होते थे। वह न तो तेजी के लिए जाने जाते थे और न ही स्कोर करने के लिए। बुस्केट्स को गोल बनाने और दूसरी टीम की मिडफील्ड को तोड़ने में माहिर माना जाता है।
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स्पेनिश राष्ट्रीय टीम ने शुक्रवार को कहा कि 34 वर्षीय बुस्केट्स 143 मैचों के बाद अपने करियर को समाप्त कर रहे हैं। बुस्केट्स 2010 में विश्व कप और 2012 में यूरो कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे। वह स्पेन के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने के मामले में तीसरे स्थान पर रहे। इस मामले में उसने आगे सर्जियो रेमोस (180 मैच) और इकर कैसिलास (167 मैच) हैं।
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पेनल्टी शूटआउट में चूक गए थे बुस्केट्स
बुस्केट्स ने कतर में विश्व कप में स्पेन की कप्तानी की। वह स्पेन के उन तीन खिलाड़ियों में से एक थे जो पेनल्टी शूटआउट में चूक गए थे। बुस्केट्स के चूकने पर सभी हैरान थे। उनका संन्यास लेना स्पेन के लिए एक युग के अंत के समान है। वह 2010 में विश्व कप जीतने वाली टीम के इकलौते सदस्य थे, जो मौजूदा टीम में भी थे। बुस्केट्स क्लब स्तर पर बार्सिलोना के लिए खेलते हैं।
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इनिएस्ता और जावी के साथ बनाई थी शानदार तिकड़ी
दुबले-पतले बुस्केट्स बार्सिलोना और स्पेन की सफलताओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे। वह आंद्रे इनिएस्ता और जावी हर्नांडेज के साथ क्लब और देश के लिए शानदार तिकड़ी बनाते थे। बुस्केट्स हमेशा एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में सामने आए जो किसी सांचे में फिट नहीं होते थे। वह न तो तेजी के लिए जाने जाते थे और न ही स्कोर करने के लिए। बुस्केट्स को गोल बनाने और दूसरी टीम की मिडफील्ड को तोड़ने में माहिर माना जाता है।