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Kho-Kho: खो-खो को बढ़ावा देने के लिए ओडिशा सरकार ने उठाया बड़ा कदम, तीन साल के प्रायोजन का एलान किया
Mon, 06 Jan 2025 03:53 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: Mayank Tripathi
Updated Mon, 06 Jan 2025 03:53 PM IST
सार
भारतीय हॉकी टीम के साथ सफल प्रायोजन के बाद खो-खो के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रायोजन खेल विकास के लिए ओडिशा की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस पहल का उद्देश्य खो-खो की स्थिति को ऊपर उठाना और राष्ट्रीय टीम को आवश्यक सहायता प्रदान करना है।
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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी
- फोटो : ANI
विस्तार
ओडिशा सरकार ने देश में स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय खो-खो टीम के साथ तीन साल के प्रायोजन की घोषणा की। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य जनवरी 2025 से दिसंबर 2027 तक सालाना पांच करोड़ रुपये का निवेश करेगा। ओडिशा खनन निगम के माध्यम से वित्त पोषण प्रदान किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने किया बड़ा एलान
भारतीय हॉकी टीम के साथ सफल प्रायोजन के बाद खो-खो के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रायोजन खेल विकास के लिए ओडिशा की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस पहल का उद्देश्य खो-खो की स्थिति को ऊपर उठाना और राष्ट्रीय टीम को आवश्यक सहायता प्रदान करना है।
माझी ने कहा, यह भारत में खो-खो के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। अपने स्वदेशी खेलों का समर्थन करके हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ खिलाड़ियों के लिए नए अवसर भी पैदा कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, जिस तरह हमने भारतीय हॉकी को बदलने में भूमिका निभाई है उसी तरह हम खो-खो को भी फिर से लोकप्रिय बनाने के लिए कदम उठा रहे है। यह ओडिशा को खेल उत्कृष्टता के उत्प्रेरक के रूप में स्थापित करता है।
भारतीय हॉकी टीम के साथ सफल प्रायोजन के बाद खो-खो के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रायोजन खेल विकास के लिए ओडिशा की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस पहल का उद्देश्य खो-खो की स्थिति को ऊपर उठाना और राष्ट्रीय टीम को आवश्यक सहायता प्रदान करना है।
माझी ने कहा, यह भारत में खो-खो के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। अपने स्वदेशी खेलों का समर्थन करके हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ खिलाड़ियों के लिए नए अवसर भी पैदा कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, जिस तरह हमने भारतीय हॉकी को बदलने में भूमिका निभाई है उसी तरह हम खो-खो को भी फिर से लोकप्रिय बनाने के लिए कदम उठा रहे है। यह ओडिशा को खेल उत्कृष्टता के उत्प्रेरक के रूप में स्थापित करता है।
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भारतीय खो-खो महासंघ के अध्यक्ष ने की इस पहल की सराहना
भारतीय खो-खो महासंघ के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने इस पहल का स्वागत किया। भारत इस महीने 13 से 19 जनवरी तक नई दिल्ली में पहले खो-खो विश्व कप की मेजबानी करेगा। मित्तल ने कहा, खो-खो के प्रति ओडिशा की प्रतिबद्धता इस पारंपरिक खेल के लिए एक अहम मोड़ की तरह है। यह प्रायोजन विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को विकसित करने और वैश्विक मंच पर खो-खो को बढ़ावा देने की हमारी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।
यह प्रायोजन के विकास, प्रशिक्षण के बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी की सुविधा को मजबूत करेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह साझेदारी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में ओडिशा के लिए ब्रांडिंग के अवसर भी प्रदान करेगी।
भारतीय खो-खो महासंघ के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने इस पहल का स्वागत किया। भारत इस महीने 13 से 19 जनवरी तक नई दिल्ली में पहले खो-खो विश्व कप की मेजबानी करेगा। मित्तल ने कहा, खो-खो के प्रति ओडिशा की प्रतिबद्धता इस पारंपरिक खेल के लिए एक अहम मोड़ की तरह है। यह प्रायोजन विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को विकसित करने और वैश्विक मंच पर खो-खो को बढ़ावा देने की हमारी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।
यह प्रायोजन के विकास, प्रशिक्षण के बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी की सुविधा को मजबूत करेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह साझेदारी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में ओडिशा के लिए ब्रांडिंग के अवसर भी प्रदान करेगी।