फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Kamaljeet Singh, Suruchi Singh Win Gold in Mixed 10m Air Pistol After Setbacks

कमलजीत की कहानी: पिता ने कहा था- ईश्वर ने मौका दिया है, शांति से खेलना; एशियाड में दिलाया सोना

Sat, 26 Sep 2026 08:19 AM IST
Hemant Rastogi हेमंत रस्तोगी
Updated Sat, 26 Sep 2026 08:19 AM IST
सार

कमलजीत एक अंक से व्यक्तिगत फाइनल से चूकने के बाद पिता रतीराम को फोन कर रो पड़े थे। मिश्रित टीम में खेलने का मौका मिलने पर पिता ने उन्हें शांति से खेलने की सलाह दी। बुखार से जूझ रहीं सुरुचि के साथ कमलजीत ने शानदार प्रदर्शन किया और भारत को स्वर्ण पदक दिलाया।

विज्ञापन
Kamaljeet Singh, Suruchi Singh Win Gold in Mixed 10m Air Pistol After Setbacks
कमलजीत और सुरुचि - फोटो : IANS

विस्तार

एक दिन पहले ही कमलजीत पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। वह महज एक अंक से 10 मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत मुकाबलों के फाइनल में जगह बनाने से रह गए थे। कमलजीत को कुछ नहीं सूझ रहा था और उन्होंने पिता रतीराम को फोन मिलाया और रोने लगे।
विज्ञापन


कमलजीत के लिए यह दुख तीन साल पहले घटी उस मुसीबत से भी बड़ा था जब सड़क दुर्घटना में उनकी जांघ की हड्डी टूट गई थी। 10 मीटर एयर पिस्टल की टीम और व्यक्तिगत इवेंट में शामिल उस वक्त तक कमलजीत के लिए एशियाई खेल खत्म हो चुके थे। इन दोनों ही इवेंट में भारत का कोई पदक नहीं आया था, लेकिन थोड़ी देर जब उन्हें बताया गया कि केदारलिंग की जगह मिश्रित टीम स्पर्धा में वह सुरुचि के साथ खेलेंगे। फिर क्या था कमलजीत ने फिर पिता को फोन मिलाया और बताया कि वह शुक्रवार को सुरुचि के साथ खेलने जा रहे हैं। रतीराम ने बेटे से कहा, भगवान ने बड़ा मौका दिया है, शांति से खेलना और फिर उन्होंने सोना जीत लिया। 
विज्ञापन


बुखार से उबरकर सुरुचि ने जीता सोना
कमलजीत की तरह सुरुचि सिंह के लिए भी 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित स्पर्धा का स्वर्ण बड़ी राहत से कम नहीं है। व्यक्तिगत मुकाबलों में पदक की दावेदार सुरुचि ने ऐसा प्रदर्शन किया था जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। पिता इंदर सिंह और भाई निशांत ने उनसे पूछा कि क्या हो गया था तो उन्होंने बताया कि बुधवार की रात उन्हें बुखार था और वह रात भर नहीं सो पाई। मैच के दौरान भी उनका शरीर टूट रहा था। शुक्रवार की सुबह घरवालों ने जब सुरुचि से बात की तो उन्होंने कहा बुखार ठीक है, अब आप लोग चिंता नहीं करो मैं कमलजीत के साथ अपना श्रेष्ठ करके आउंगी। विश्वकप में पांच स्वर्ण जीत चुकीं सुरुचि ने ऐसा ही किया और स्वर्ण जीतने में अहम भूमिका निभाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुरुचि के लगातार प्रदर्शन ने ही किया प्रेरित: कमलजीत
नई दिल्ली। पहली बार सुरुचि के साथ जोड़ी बनाकर खेल रहे कमलजीत ने जीत के बाद बताया कि वह फाइनल में सुरुचि के प्रदर्शन से प्रेरित हुए। उन्होंने कहा, फाइनल में मुझे घर खाली हाथ नहीं जाना था। एक दिन पहले ही मुझे दूसरा पदक जीतने का दूसरा मौका मिला था। फाइनल में मैं देख रहा था कि हर शॉट में सुरुचि अच्छा कर रही है। मेरे मन में था कि वो अच्छा कर रही है तो मुझे भी करना है। मैंने इससे यह सीखा की लय कैसे पकड़नी है। एथलेटिक्स से ताल्लुक रखने वाले कमलजीत कहते हैं कि वह अभी भी एथलेटिक्स देखते हैं और शॉटपुटर तजिंदरपाल सिंह तूर को फॉलो करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed