फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Jasmine, the first woman boxer to go to the army, won in 83 seconds in Boxing Championship

Boxing Championship: सेना में जाने वाली पहली महिला मुक्केबाज जैस्मिन 83 सेकंड में जीतीं, श्रुति को मिली हार

Sat, 18 Mar 2023 08:45 AM IST
शक्तिराज सिंह अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Sat, 18 Mar 2023 08:45 AM IST
सार

मुकाबला शुरू होते ही जैस्मिन के मुक्कों के आगे दो बार मुकाबला रोककर गिनती गिननी पड़ी। तीसरे मौके पर रेफरी ने बाउट ही रोक दी।

विज्ञापन
Jasmine, the first woman boxer to go to the army, won in 83 seconds in Boxing Championship
जैस्मिन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सेना में जाने वाली देश की पहली महिला मुक्केबाज हरियाणा की जैस्मिन ने विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में धमाकेदार आगाज किया है। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली इस मुक्केबाज ने 60 भार वर्ग में महज 83 सेकंड के अंदर तंजानिया की मुक्केबाज न्यामबेगा एंबोस को पछाड़ दिया। जैस्मिन ने बाउट की शुरुआत से ही इतने मुक्के बरसाए कि रेफरी को पहले दौर में ही मुकाबला रोकना पड़ा। वहीं हरियाणा की ही शशि चोपड़ा ने 63 भार वर्ग में जीत से शुरुआत की है। उन्होंने कीनिया की मवांगी वांजिरू को 5-0 से पराजित किया, लेकिन चैंपियनशिप में देश को पहली हार का सामना करना पड़ा जब 70 भार वर्ग में चीन की झोउ पेन ने श्रुति यादव को 0-5 से परास्त किया।
विज्ञापन


रेफरी ने दो बार रोकी बाउट
जैस्मिन ने हाल ही में सेना में ज्वाइनिंग की और उन्होंने आर्मी स्पोट्र्स इंस्टीट्यूट पुणे में ट्रेनिंग भी शुरू कर दी है। जैस्मिन के माथे से अभी पसीना भी नहीं निकला था कि रेफरी को मुकाबला रोकना पड़ा। मुकाबला शुरू होते ही जैस्मिन के मुक्कों के आगे दो बार मुकाबला रोककर गिनती गिननी पड़ी। तीसरे मौके पर रेफरी ने बाउट ही रोक दी।
विज्ञापन


दादा की प्रेरणा से सेना को अपनाया
जैस्मिन के पास अन्य संस्थानों में नौकरी करने के मौके थे, लेकिन उन्होंने सेना को चुना। जैस्मिन बताती हैं कि उनके दादा जी सेना में थे। उन्होंने दादा जी के जरिए बचपन से देखा कि सेना का अनुशासन क्या होता है। यही नहीं दादा जी के जरिए वह सेना की वीरगाथाओं को सुनती थीं। यही कारण है जब उनके सामने सेना में जाने का प्रस्ताव आया तो उन्होंने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया। जैस्मिन को बीते वर्ष अक्तूबर माह में कंधे की चोट लग गई, जिसके चलते वह राष्ट्रीय चैंपियनशिप नहीं खेलीं और उसके बाद उन्हें टायफायड हो गया। वह वापसी कर रही थीं तो उन्हें विश्व चैंपियनशिप से पहले विवादों में घिरना पड़ा। उनके वजन में पूनम पूनिया ने चयन को चुनौती देते हुए अदालत की शरण ली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शशि रास आया नया भार वर्ग
नए भार वर्ग 63 किलो में खेल रहीं शशि चोपड़ा को कीनिया की वांजिरू कोई टक्कर नहीं दे सकीं। तीनों ही राउंड में जजों ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। शशि का फुटवर्क शानदार और मुक्के दमदार रहे। शशि ने अपनी फिटनेस पर ध्यान दिया। शशि ने कहा कि जब वह 60 भार वर्ग में थीं तो वह थोड़ी धीमीं थी, लेकिन ज्यादा वजन में आकर उनकी तेजी कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ गई है। सनामाचा चानू के चोटिल होने के चलते अंतिम क्षणों में टीम में शामिल की गईं। श्रुति यादव चीन की झोउ पेन को चुनौती नहीं दे पाईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed