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Badminton: बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, शाइना और दीक्षा ने स्वर्ण पदक जीते
Sun, 26 Oct 2025 03:17 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Sun, 26 Oct 2025 03:17 PM IST
सार
अंडर-15 बालिका एकल फाइनल में शाइना ने जापान की चिहारू तोमिता को 21-14, 22-20 से हराया, जबकि दीक्षा ने हमवतन लक्ष्य राजेश को 21-16, 21-9 से हराकर अंडर-17 बालिका एकल का खिताब जीता।
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बैडमिंटन
- फोटो : adobestock
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विस्तार
शाइना मणिमुथु और दीक्षा सुधाकर ने रविवार को अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीते जिससे भारत बैडमिंटन एशिया अंडर-17 और अंडर-15 चैंपियनशिप में अपना अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहा। अंडर-15 बालिका एकल फाइनल में शाइना ने जापान की चिहारू तोमिता को 21-14, 22-20 से हराया, जबकि दीक्षा ने हमवतन लक्ष्य राजेश को 21-16, 21-9 से हराकर अंडर-17 बालिका एकल का खिताब जीता।
इस तरह से भारतीय दल ने दो स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदकों के साथ महाद्वीपीय स्पर्धा का समापन किया जो चैंपियनशिप में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने पिछली बार 2013 में दो स्वर्ण पदक जीते थे। तब सिरिल वर्मा ने अंडर-15 लड़कों का एकल खिताब और चिराग शेट्टी और एमआर अर्जुन ने अंडर-17 लड़कों का युगल खिताब जीता था। शाइना अंडर-15 वर्ग का खिताब जीतने वाली चौथी भारतीय महिला एकल खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने पहले गेम में तोमिता पर दबदबा बनाया और फिर दूसरे गेम में जापान की खिलाड़ी की कड़ी चुनौती से पार पाते हुए मैच 44 मिनट में जीत लिया। दीक्षा 27 मिनट तक चले फाइनल में अपना दबदबा कायम रखते हुए अंडर-17 खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला एकल खिलाड़ी बनीं। जगशेर सिंह खंगगुरा तथा जंगजीत सिंह काजला और जननिका रमेश की मिश्रित युगल जोड़ी ने शनिवार को कांस्य पदक जीता था।
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इस तरह से भारतीय दल ने दो स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदकों के साथ महाद्वीपीय स्पर्धा का समापन किया जो चैंपियनशिप में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने पिछली बार 2013 में दो स्वर्ण पदक जीते थे। तब सिरिल वर्मा ने अंडर-15 लड़कों का एकल खिताब और चिराग शेट्टी और एमआर अर्जुन ने अंडर-17 लड़कों का युगल खिताब जीता था। शाइना अंडर-15 वर्ग का खिताब जीतने वाली चौथी भारतीय महिला एकल खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने पहले गेम में तोमिता पर दबदबा बनाया और फिर दूसरे गेम में जापान की खिलाड़ी की कड़ी चुनौती से पार पाते हुए मैच 44 मिनट में जीत लिया। दीक्षा 27 मिनट तक चले फाइनल में अपना दबदबा कायम रखते हुए अंडर-17 खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला एकल खिलाड़ी बनीं। जगशेर सिंह खंगगुरा तथा जंगजीत सिंह काजला और जननिका रमेश की मिश्रित युगल जोड़ी ने शनिवार को कांस्य पदक जीता था।
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