फार्मूला वन: रोमांच और स्पीड का खेल

नई दिल्ली/सौरभ गुप्ता Updated Tue, 16 Oct 2012 08:16 PM IST
Formula One thrill and speed game
अपनी दमदार आवाज से कानों के परदे फाड़ने और अपनी रफ्तार से आंखों से एक पल में ओझल हो जाने वाली दुनिया की सबसे खतरनाक कार रेस फार्मूला वन (एफ-1) अब जल्द ही भारतीय दर्शकों को रोमांचित करने आ रही है। नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में 26 से 28 अक्तूबर तक होने वाली इस रेस की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। दुनिया के इस सबसे मंहगे खेल में उच्च तकनीक वाली मंहगी गाड़ियां का जादू इसके चाहनेवालों के सर चढ़कर बोलता है।

आखिर क्या है फार्मूला वन
फार्मूला वन को एफ-1 के नाम से भी जाना जाता है। एफ-1 दुनिया में सिंगल सीट ऑटो रेसिंग की सर्वोच्च रेस मानी जाती है। इस रेस का आयोजन फेडरेशन इंटरनेशनल डी ऑटोमोबाइल (एफआईए) करती है। अपनी रफ्तार, रंग, डिजाइन और तेजी के कारण यह रेस दुनियाभर में काफी प्रसिद्ध है।

चैंपियनशिप
वैसे तो दुनिया में कई कारों की तरह की चैंपियनशिप होती हैं लेकिन वर्ल्ड चैंपियनशिप और वर्ल्ड कान्स्ट्रक्टर्स चैंपियनशिप फार्मूला वन की दो प्रमुख रेस हैं।

-फार्मूला: इस शब्द का इस्तेमाल रेस से जुड़े सभी नियमों को एक सूत्र में बांधने के लिए किया जाता है और इन नियमों का पालन सभी ड्राइवरों करना होता है।
-ग्रांड प्रिक्स (ग्रांप्री): एक सीजन में होने वाली रेसों की पूरी सीरीज को ग्रांप्री के नाम से जाना जाता है। ग्रांप्री, दरअसल एक फ्रेंच शब्द है जिसका मतलब है ग्रांड प्राइज।
-सर्किट: फार्मूला वन रेस के लिए विशेष रास्तों का निर्माण किया जाता है जिसे सर्किट कहते हैं।
-शंघाई सबसे मंहगा सर्किट: करीब 300 मिलियन डॉलर के साथ चीन का शंघाई सर्किट दुनिया का सबसे मंहगा सर्किट है।

रेस के लिए सुपर लाइसेंस जरूरी
कार ड्राइवरों, टीम मालिकों, ट्रैक अधिकारियों, आयोजकों और सर्किट के पास मान्यता प्राप्त ‘सुपर लाइसेंस’ होना बेहद जरूरी है। यह लाइसेंस एफआईए जारी करता है। रेसिंग की दुनिया का यह सर्वोच्च स्तरीय लाइसेंस है।  

पहले चैंपियन थे फारिना
1950 में आयोजित हुए पहली एफ-1 वर्ल्ड चैंपियनशिप के चैंपियन अल्फा रोमियो टीम के इटालियन ड्राइवर गियास्पे फारिना बने। फारिना ने अपने टीम के साथी अर्जेंटीना के जुआन मान्युएल फेंगियो को शिकस्त दी।

लेकिन फिर रही फेंगियो की बादशाहत
शुरुआती रेस में हारने वाले जुआन मान्युएल फेंगियो 1951 में अल्फा रोमियो के साथ ही पहली बार चैंपियन बने। इसके बाद उन्होंने चार बार 1954, 1955, 1956 और 1957 में वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीता। पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन फेंगियो का यह रिकॉर्ड 45 साल तक कायम रहा। उनका यह रिकॉर्ड जर्मनी के माइकल शूमाकर ने तोड़ा जिन्होंने कुल सात बार वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीता है।

1950: में पहली एफ-1 वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन ब्रिटेन के सिल्वरस्टोन में हुआ था।
350: किमी प्रति घंटा से भी अधिक होती है कारों की गति।
3000: सीसी की क्षमता इन कारों के इंजन की होती है।
527: मिलियन लोग पूरी दुनिया में इन रेसों के टीवी दर्शक हैं।

ये हैं चैंपियन--
07: सात बार सर्वाधिक वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीतने का रिकॉर्ड जर्मनी के माइकल शूमाकर के नाम है।
91: रेस सर्वाधिक माइकल शूमाकर ने अभी तक अपने नाम की हैं।
224: रेस सर्वाधिक ब्रिटेन के ड्राइवरों ने जीती।
19: कुल ड्राइवरों ने सर्वाधिक ब्रिटेन के लिए एफ-1 में भाग लिया।

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