कतर लेगा भारत का इम्तिहान, छेत्री की टीम का एशियाई चैंपियन से आज होगा सामना
- 3 अंकों के साथ ग्रुप ई में चौथे स्थान पर है भारत
- कतर के खिलाफ ड्रॉ खेलने के बाद भारत का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।
- छेत्री की वापसी से भारतीय टीम का बढ़ेगा मनोबल
विस्तार
भारतीय फुटबॉल टीम की तैयारियां बहुत अच्छी नहीं रही हैं। ऐसे में एशियाई चैंपियन कतर के खिलाफ विश्व कप और एशियाई क्वालिफायर में बृहस्पतिवार को होने वाले मैच में उसकी कड़ी परीक्षा होगी। भारतीय टीम इस मैच में कतर के खिलाफ सितंबर 2019 में खेले गए मैच से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगी। तब भारत (105वें) ने अपने से अधिक रैंकिंग के कतर (58वें) को गोलरहित ड्रॉ पर रोका था। भारत के लिए हाल के समय में यह सर्वश्रेष्ठ परिणाम माना जाता है।
3 अंकों के साथ ग्रुप ई में चौथे स्थान पर है भारत
भारत को अपना घरेलू मैच कतर की राजधानी में खेलना पड़ रहा है। क्योंकि कोविड-19 के कारण पिछले साल स्थगित किए गए ग्रुप ई के मैचों को अब एक ही स्थान पर आयोजित किया जा रहा है। कतर के खिलाफ ड्रॉ खेलने के बाद भारत का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। दूसरी तरफ कतर पूरे आत्मविश्वास के साथ इस मैच में उतरेगा। उसने मार्च में खेले गए मैत्री मैचों में लक्सजमबर्ग को 1-0 से और अजरबेजान को 2-1 से हराया जबकि आयरलैंड से 1-1 से ड्रॉ खेला।
भारत मार्च में मैत्री मैच में यूएई से मिली 0-6 की करारी हार के बाद इस मैच में उतर रहा है। यही नहीं भारत अच्छी तैयारियां भी नहीं कर पाया क्योंकि कोविड-19 के कारण उसे मई के शुरू में अपना राष्ट्रीय शिविर रद्द करना पड़ा था। भारतीय टीम 19 मई को यहां पहुंची लेकिन खिलाड़ियों को वैसी सुविधाएं नहीं मिली जैसी उन्हें उम्मीद थी।
छेत्री की वापसी से टीम मजबूत
भारत के लिए सकारात्मक पक्ष यह है कि वह अपनी मजबूत टीम के साथ उतरेगा। कतर के खिलाफ 2019 के मैच में करिश्माई स्ट्राइकर सुनील छेत्री नहीं खेल पाए थे क्योंकि वह बुखार से पीड़ित थे। उनकी वापसी से निश्चिततौर पर भारतीय टीम का मनोबल बढ़ेगा। छेत्री मार्च में दो अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैचों में भी नहीं खेल पाए थे क्योंकि वह कोविड-19 के संक्रमण से उबर रहे थे। लेकिन कतर की टीम कागजों पर साफतौर पर मजबूत नजर आ रही है।
कतर एशिया की शीर्ष टीमों में शामिल है। उसने हाल में यूरोपीय और दक्षिण अमेरिकी टीमों के खिलाफ अच्छे परिणाम हासिल किए। पिछली बार उनके खिलाफ हमने अंक हासिल किया था जिससे टीम का मनोबल बढ़ा है। हम जानते हैं कि इस बार वे कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हमें भी एकजुट होकर उनका मुकाबला करना होगा।
-सुनील छेत्री, भारतीय कप्तान
टीम
गुरप्रीत सिंह संधू, अमरिंदर सिंह, धीरज सिंह, प्रीतम कोटल, राहुल भेके, नरेंद्र गहलोत, चिंगलेनसाना सिंह, संदेश झिंगन, आदिल खान, आकाश मिश्रा, सुभाशीष बोस, उदंता सिंह, ब्रेंडन फर्नांडीस, लिस्टन कोलाको, रॉलिन बोर्गेस, ग्लेन मार्टिंस, अनिरुद्ध थापा, प्रणॉय हलदर, सुरेश सिंह, लालेंगमाविया राल्ते, अब्दुल सहल, यासिर मोहम्मद, लल्लियांजुआला छंगटे, बिपिन सिंह, आशिक कुरुनियान, ईशान पंडिता, सुनील छेत्री, मनवीर सिंह।
कैंसर को मात देकर कोर्ट पर लौटी सुआरेज नवारो
स्पेन की कार्ला सुआरेज नवारो ने कैंसर को मात देकर लगभग डेढ़ साल बाद फ्रेंच ओपन से फिर से टेनिस कोर्ट पर वापसी की। हालांकि अपने सबसे पसंदीदा टूर्नामेंट के पहले ही दौर में हार से वह निराश भी थी। वह वापसी पर जीत हासिल करने के लिए बेताब थी। उन्होंने कहा हो सकता है कि समय के साथ मेरा नजरिया बदल जाए लेकिन अभी मैं बहुत खुश नहीं हूं। मैं यहां मैच जीतने आई थी।
नवारो ने कीमोथेरेपी से गुजरने के बाद पेशेवर टेनिस में वापसी की लेकिन वह पहले दौर में 2017 की यूएस ओपन चैंपियन स्लोएने स्टीफंस से 6-3, 6-7, 4-6 से हार गई। यह मैच लगभग ढाई घंटे तक चला जिसकेसमाप्त होने पर स्टीफंस ने नवारो को गले लगा दिया। स्टीफंस ने कहा, वह बुरे दौर से गुजरी हैं। हम सबको खुशी है कि वह अब स्वस्थ हैं और फिर से खेल रही हैं जो कि मेरी नजर में वास्तव में महत्वपूर्ण है।