FIFA WC: मोरक्को की जीत को इमरान समेत दिग्गजों ने इस्लाम से जोड़ा, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस; जानें पूरा मामला
तीन वजहों से मोरक्को बनाम पुर्तगाल मैच चर्चाओं में है। पहला तो स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप जीतने का सपना टूट गया। वहीं, दूसरी वजह मोरक्को का इतिहास रचना रहा। तीसरी वजह मुकाबले को धर्म से जोड़ना रहा।
विस्तार
तीन वजहों से यह मैच चर्चा में है। पहला तो स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप जीतने का सपना टूटना। दूसरी वजह मोरक्को का इतिहास रचना। मोरक्को की टीम फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बन गई। चर्चा की तीसरी वजह मोरक्को की जीत को इस्लाम से जोड़ना रहा।
सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ गई है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान समेत दुनियाभर के कुछ नेताओं ने मोरक्को की जीत को इस्लाम से जोड़ा, जिसपर अब विवाद हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स ने लोगों को खेल को धर्म से दूर रखने की अपील की है।
दरअसल, यह पूरा विवाद मोरक्को की जीत के बाद शुरू हुआ। शनिवार को कतर के अल-थुमामा स्टेडियम में मोरक्को ने इतिहास रचा। इसके बाद अफ्रीकी और अरब देशों में जश्न का माहौल छा गया। मोरक्को ने यूरो कप की पूर्व चैंपियन रोनाल्डो की पुर्तगाल टीम को 1-0 से हरा दिया। मैच में एकमात्र गोल मोरक्को के स्ट्राइकर यूसुफ एन नेसरी ने दागा।
मैच के बाद मोरक्को के कुछ खिलाड़ी मैदान में ही सजदा करते दिखे थे, जिसे सोशल मीडिया पर खूब वायरल किया गया। कुछ लोगों ने इसी को शेयर करते हुए मोरक्को की जीत को इस्लाम से जोड़ा। बेल्जियम के खिलाफ जीत के बाद भी मोरक्को ने खिलाड़ियों ने सजदा किया था। तब भी यही माहौल देखने को मिला था।
Sajda is the Best way to celebrate the victory. The Best picture of this world cup so Far Morocco 🇲🇦 🙌#Qatar2022 | #BELMOR | #Alhamdulillah ــ pic.twitter.com/mLE6Bh1fAv
— Cricket Junoon®️❤️🔥 (@Cricktjunoon) November 27, 2022
बस इसी को लेकर दुनियाभर के कुछ लोगों ने मोरक्को की जीत में इस्लाम की जीत ढूंढ ली और खेल को पूरी तरह से धर्म से जोड़ दिया। अरब और इस्लामिक देश बाकी यूरोपियन टीमों की तुलना में ऑन पेपर कमजोर मोरक्को की जीत से ज्यादा इस बात का जश्न मना रहे हैं कि एक मुसलमान बहुल देश टूर्नामेंट में इतना आगे आया है। हालांकि, कई फैन्स सोशल मीडिया पर इसे धर्म से जोड़कर न देखने की सलाह भी दे रहे हैं।
Morocco🇲🇦 is a Muslim nation.
— Khaled Beydoun (@KhaledBeydoun) December 10, 2022
98% of the population practice Islam, and the players drop down in prayer after goals & victory.
This is a victory for 2 Billion Muslims globally.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने मोरक्को की जीत पर लिखा- पुर्तगाल पर मोरक्को की जीत और फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने पर बधाई। पहली बार अरब, अफ्रीकी और एक मुस्लिम टीम फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची है। मोरक्को को शुभकामनाएं, यह टीम सेमीफाइनल और उससे भी आगे जाए। मिशिगन की वने स्टेट यूनिवर्सिटी के लॉ प्रोफेसर खालिद बेदून ने लिखा- मोरक्को एक मुस्लिम देश है। यहां 98 फीसदी लोग इस्लाम को प्रैक्टिस करते हैं। टीम का हर खिलाड़ी गोल और जीत के बाद इबादत में सिर झुकाता है। ये दुनिया के दो अरब मुसलमानों की जीत है।
Congratulations to Morocco on their victory over Portugal to reach the Football World Cup semi finals. First time an Arab, African & a Muslim team has reached a FIFA World Cup semi final. Wishing them success in the semi final & beyond.
— Imran Khan (@ImranKhanPTI) December 11, 2022
प्रोफेसर और नेताओं के बाद जर्मनी के पूर्व स्टार फुटबॉलर मेसुत ओजिल ने भी कुछ वैसा ही ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- क्या बेहतरीन टीम है मोरक्को! मुझे गर्व है। अफ्रीकी महाद्वीप और मुस्लिम दुनिया के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। आधुनिक फुटबॉल में इस तरह का मैच देखना अब भी संभव है। यह बहुत से लोगों को शक्ति और उम्मीद देगा। इतना ही नहीं पाकिस्तान में भी मोरक्को की जीत का खूब जश्न मनाया जा रहा है। वहां मोरक्को को लेकर ट्रेंड बना हुआ है और लोग लाखों ट्वीट कर चुके हैं। वहीं, फलस्तीन में भी मोरक्को की जीत का जश्न मनाया जा रहा है। कई मीडिया रिपोर्ट्स तो इसे एक देश की जीत नहीं बल्कि अरब देशों की जीत तक बता रहे हैं।
Proud 🤲🏼 What a team! 🇲🇦❤️ What an achievement for the African continent & the Muslim world 🤲🏼 Great to see such a fairytale is still possible in modern football - this will give so many people so much power & hope ❤️❤️⚽ #Morocco #WorldCup #Qatar2022
— Mesut Özil (@M10) December 10, 2022
I don’t know who needs to hear this (a lot of people based on my various social timelines) but Morocco won today, an Arab and African nation, not the religion of Islam. Unless the religion of Christianity has been winning the World Cup since 1930.
— Kareem Shaheen (@kshaheen) December 11, 2022
दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने भी ट्वीट किया और लिखा- एटलस के शेरों को बधाई। आप अपने प्रशंसकों और दुनिया भर के अरब परिवारों के लिए खुशियां लेकर आए हैं। आज, आपके दृढ़ संकल्प के साथ हमने कतर में एक असाधारण मुकाम हासिल किया है। हमारा सपना अब और बड़ा होता जा रहा है ताकी हम और कामयाबी हासिल कर सकें।
مبروك يا المغرب … مبروك يا أسود الأطلس…من جديد صنعتم الفرحة وأسعدتم جماهيركم في كل بيت عربي وحول العالم … اليوم، بهمتكم يكبُر الحلم بتسجيل انجاز عربي استثنائي على أرض دولة قطر الشقيقة. pic.twitter.com/4HByxF1qpi
— Hamdan bin Mohammed (@HamdanMohammed) December 10, 2022
I was celebrating Morocco’s win today. I did not mention Islam once. I was asking why the person was linking Morocco’s victory to Palestine. https://t.co/kSqPPWGum4
— Gad Saad (@GadSaad) December 11, 2022
मैच की बात करें तो अल थुमामा स्टेडियम में खेले गए मैच में मोरक्को ने पुर्तगाल को 1-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ मोरक्को की टीम ने इतिहास रच दिया और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बन गई है। वहीं, हार के साथ ही पुर्तगाल और क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप में अभियान समाप्त हो गया।
रोनाल्डो मैच के बाद रोते हुए दिखे और स्टेडियम से बाहर गए। इससे पहले कोई भी अफ्रीकी देश फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाया था। मोरक्को से पहले अफ्रीका की तीन टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंची हैं, लेकिन तीनों को हार का सामना करना पड़ा था। 1990 में कैमरून, 2002 में सेनेगल और 2010 में घाना क्वार्टर फाइनल में हार गई थी।