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एफआईए ने करवाए बीआईसी ट्रैक में बदलाव
ग्रेटर नोएडा/ब्यूरो
Updated Fri, 12 Oct 2012 11:45 AM IST
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इंटरनेशनल ऑटोमोबाइल फेडरेशन (एफआईए) ने बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी) पर एफ-1 के उद्घाटन आयोजन में कुछ खामियां पाई हैं। ब्राजीली ड्राइवर फेलिपी मासा की पिछली बार की शिकायत को ध्यान में रख ट्रैक के चार टर्न (साउसेज) में बदलाव किए गए हैं। साथ ही धूल से निपटने को युद्धस्तर पर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
जीएम रेस आपरेशंस फरहान वोहरा की मानें तो ट्रैक के साउसेज छह, सात, आठ और नौ की लंबाई पांच से बढ़ाकर 15 मीटर की गई है। इन्हें ऑरेंज रंग दिया है। पिछली बार कई ड्राइवरों ने इन टर्नों पर शॉर्ट कट मारा था। एफआईए के निर्देश पर अब इन्हें बदला गया है।
वोहरा का कहना है कि इस बार किसी ड्राइवर ने आरेंज रंग पर जाने की हिमाकत की तो उस पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। वहीं टर्न नंबर 10 और 11 के एक मीटर क्षेत्र को घास की बजाय एस्ट्रो टर्फ से ढकने को कहा गया है, जिसे पूरा कर लिया गया है।
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एफआईए का कहना है कि इससे मिट्टी ट्रैक पर आने का खतरा था। धूल से निपटने के लिए आयोजकों ने इस बार स्वीपरों पर भरोसा करने की बजाय मशीनों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इसके लिए बहरीन से दो ऐसी मशीनें मंगवाई गई हैं जो ट्रैक की धुलाई व सफाई का काम करेंगी। वोहरा का दावा है कि अगर धूल भरी आंधी नहीं चली तो इस बार पहले की तरह कोई समस्या नहीं आने वाली है।
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जीएम रेस आपरेशंस फरहान वोहरा की मानें तो ट्रैक के साउसेज छह, सात, आठ और नौ की लंबाई पांच से बढ़ाकर 15 मीटर की गई है। इन्हें ऑरेंज रंग दिया है। पिछली बार कई ड्राइवरों ने इन टर्नों पर शॉर्ट कट मारा था। एफआईए के निर्देश पर अब इन्हें बदला गया है।
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वोहरा का कहना है कि इस बार किसी ड्राइवर ने आरेंज रंग पर जाने की हिमाकत की तो उस पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। वहीं टर्न नंबर 10 और 11 के एक मीटर क्षेत्र को घास की बजाय एस्ट्रो टर्फ से ढकने को कहा गया है, जिसे पूरा कर लिया गया है।
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एफआईए का कहना है कि इससे मिट्टी ट्रैक पर आने का खतरा था। धूल से निपटने के लिए आयोजकों ने इस बार स्वीपरों पर भरोसा करने की बजाय मशीनों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इसके लिए बहरीन से दो ऐसी मशीनें मंगवाई गई हैं जो ट्रैक की धुलाई व सफाई का काम करेंगी। वोहरा का दावा है कि अगर धूल भरी आंधी नहीं चली तो इस बार पहले की तरह कोई समस्या नहीं आने वाली है।