फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Doping: Ten lifters trapped in dope in weightlifting, used banned power enhancing drugs for medal

Doping: वेटलिफ्टिंग में दस लिफ्टर डोप में फंसे, पदक के लिए प्रतिबंधित शक्तिवर्धक ड्रग्स का प्रयोग किया

Wed, 15 May 2024 08:49 AM IST
Mayank Tripathi हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Mayank Tripathi Updated Wed, 15 May 2024 08:49 AM IST
सार

भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने भी राष्ट्रीय शिविर के बाहर बढ़ते डोप के मामलों पर संज्ञान लेते हुए 10 प्रशिक्षकों पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। ये उन 10 लिफ्टरों के प्रशिक्षक हैं, जो 2023 की नागरकोइल राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग में डोप में फंसे थे।

विज्ञापन
Doping: Ten lifters trapped in dope in weightlifting, used banned power enhancing drugs for medal
डोपिंग - फोटो : twitter

विस्तार

पदक और नौकरी के लिए खेलों में प्रतिबंधित शक्तिवर्धक ड्रग्स का चलन कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस वर्ष जनवरी में ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) में हुई राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में एक या दो नहीं 10 वेटलिफ्टर डोप पॉजिटिव पाए गए हैं। ये सभी पदक विजेता हैं। इनमें सात पुरुष और तीन महिलाएं हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से कुछ लिफ्टरों के सैंपल में तीन से चार तरह के प्रतिबंधित ड्रग्स का कॉकटेल मिला है। इनमें स्टेरायड, सार्म, स्टीमुलेंट सभी कुछ है। नाडा ने इन लिफ्टरों को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया है।
विज्ञापन


कम उम्र के हैं लिफ्टर
हरियाणा के सोमनाथ और अनुष ने ईटानगर में 109 और 67 किलो में कांस्य पदक जीता। दोनों की उम्र 18 से 20 केे बीच है, लेकिन इनका केस खेलों में घुसी डोपिंग की जड़ों और इसकी गंभीरता को बयां करता है। सोमनाथ के सैंपल में एनाबॉलिक स्टेरायड मिटेंडियोनॉन, ड्रॉस्टेनोलॉन, लिगेंड्रॉल (सार्म) और स्टीमुलेंट मिफेनटरमाइन पाया गया है। हाल-फिल्हाल में एक सैंपल में इतने प्रतिबंधित ड्रग्स मिलते नहीं देखे गए हैं। वहीं अनुष के सैंपल में टे्रंबोलॉन, ओस्टारिन (सार्म), मिफेनटरमाइन मिले हैं। अन्य पॉजिटिव खिलाडिय़ों में देवीश्री (आंध्र प्रदेश), सागर (बिहार), मृणमय गोगोई (असम), गौरव (पुलिस बोर्ड), राखी पुरोहित (राजस्थान), शीतल भाटी (हरियाणा), सुमित राजपूत (मध्य प्रदेश), सचिन पंवार (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।
विज्ञापन


दस प्रशिक्षकों पर भी लगा प्रतिबंध
भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने भी राष्ट्रीय शिविर के बाहर बढ़ते डोप के मामलों पर संज्ञान लेते हुए 10 प्रशिक्षकों पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। ये उन 10 लिफ्टरों के प्रशिक्षक हैं, जो 2023 की नागरकोइल राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग में डोप में फंसे थे। इनमें हरियाणा, यूपी के दो-दो और एक कोच सर्विसेज का भी है। इन पर 2026 तक का प्रतिबंध लगा है। ये महासंघ की प्रशिक्षण की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं रह सकते हैं। महासंघ के अध्यक्ष सहदेव यादव का कहना है कि शिविर के बाहर डोपिंग रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय शिविर में नाडा की निगरानी रहती है, लेकिन सीधे चैंपियनशिप में खेलने आ रहे लिफ्टरों को डोपिंग से रोकना चुुनौती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed