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World Championship: 10वीं बाजी में बढ़त हासिल करने के लिए बेताब होंगे गुकेश-लिरेन, अब तक समान अंक पर मौजूद
Fri, 06 Dec 2024 06:19 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 06 Dec 2024 06:19 PM IST
सार
विश्व चैंपियनशिप में अब सिर्फ पांच क्लासिकल बाजियां खेली जानी शेष है। गुरुवार को भी लिरेन और गुकेश ने अंक बांटे। चीन के 32 वर्षीय लिरेन ने पहली बाजी जीती थी जबकि गुकेश तीसरी बाजी में विजयी रहे थे। बाकी सभी बाजियां ड्रॉ रही।
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डी गुकेश और डिंग लिरेन
- फोटो : Twitter
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विस्तार
भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश और गत चैंपियन चीन के डिंग लिरेन विश्व शतरंज चैंपियनशिप की 10वीं बाजी में बढ़त हासिल करने के लिए बेताब होंगे। गुकेश और लिरेन के बीच लगातार छह बाजी ड्रॉ रही है और दोनों खिलाड़ियों के फिलहाल एक समान 4.5 अंक हैं। गुकेश ने जीत के कई मौके गंवाए लेकिन फायदे की स्थिति को जीत में नहीं बदल सके।
विश्व चैंपियनशिप में अब सिर्फ पांच क्लासिकल बाजियां खेली जानी शेष है। गुरुवार को भी लिरेन और गुकेश ने अंक बांटे। चीन के 32 वर्षीय लिरेन ने पहली बाजी जीती थी जबकि गुकेश तीसरी बाजी में विजयी रहे थे। बाकी सभी बाजियां ड्रॉ रही। अगर इतिहास की बात करें तो अगर आठ बाजियों के बाद स्कोर 4-4 से बराबर हो तो गत चैंपियन मैच जीत जाता है।
भारतीय ग्रैंडमास्टर को पता है कि उन्हें अपने चीन के प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बेजोड़ खेल दिखाना होगा जिन्हें मुश्किल समय में चतुराई भरी चाल चलने के लिए पहचाना जाता है। विश्व के नंबर एक और पांच बार के विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन ने बिना किसी संकोच के कहा कि गुकेश के पास अधिक समय नहीं है। कार्लसन ने कहा, मुझे लगता है कि हम आखिरकार उस लम्हे पर पहुंच गए हैं जब गुकेश अब इस मुकाबले में प्रबल दावेदार नहीं है, अब दोनों के पास 50 प्रतिशत मौका है।
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यदि 14 दौर के बाद भी स्कोर बराबर रहता है तो विजेता का निर्धारण करने के लिए फास्टर टाइम कंट्रोल का सहारा लिया जाएगा और कहा जाता है कि छोटे प्रारूप की बाजियों में लिरेन बेहतर स्थिति में रहते हैं। हाल ही में शतरंज ओलंपियाड में भारत की पहली खिताबी जीत के सूत्रधारों में से एक गुकेश ने गुरुवार को नौवीं बाजी ड्रॉ होने के बाद कहा था कि वह महत्वपूर्ण क्षणों में अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहेंगे। नौवीं बाजी में भारतीय खिलाड़ी को अपनी 20वीं चाल पर कुछ दबाव बनाने का मौका मिला लेकिन लिरेन ने उन्हें चौंका दिया।
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विश्व चैंपियनशिप में अब सिर्फ पांच क्लासिकल बाजियां खेली जानी शेष है। गुरुवार को भी लिरेन और गुकेश ने अंक बांटे। चीन के 32 वर्षीय लिरेन ने पहली बाजी जीती थी जबकि गुकेश तीसरी बाजी में विजयी रहे थे। बाकी सभी बाजियां ड्रॉ रही। अगर इतिहास की बात करें तो अगर आठ बाजियों के बाद स्कोर 4-4 से बराबर हो तो गत चैंपियन मैच जीत जाता है।
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भारतीय ग्रैंडमास्टर को पता है कि उन्हें अपने चीन के प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बेजोड़ खेल दिखाना होगा जिन्हें मुश्किल समय में चतुराई भरी चाल चलने के लिए पहचाना जाता है। विश्व के नंबर एक और पांच बार के विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन ने बिना किसी संकोच के कहा कि गुकेश के पास अधिक समय नहीं है। कार्लसन ने कहा, मुझे लगता है कि हम आखिरकार उस लम्हे पर पहुंच गए हैं जब गुकेश अब इस मुकाबले में प्रबल दावेदार नहीं है, अब दोनों के पास 50 प्रतिशत मौका है।
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यदि 14 दौर के बाद भी स्कोर बराबर रहता है तो विजेता का निर्धारण करने के लिए फास्टर टाइम कंट्रोल का सहारा लिया जाएगा और कहा जाता है कि छोटे प्रारूप की बाजियों में लिरेन बेहतर स्थिति में रहते हैं। हाल ही में शतरंज ओलंपियाड में भारत की पहली खिताबी जीत के सूत्रधारों में से एक गुकेश ने गुरुवार को नौवीं बाजी ड्रॉ होने के बाद कहा था कि वह महत्वपूर्ण क्षणों में अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहेंगे। नौवीं बाजी में भारतीय खिलाड़ी को अपनी 20वीं चाल पर कुछ दबाव बनाने का मौका मिला लेकिन लिरेन ने उन्हें चौंका दिया।