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Commonwealth Games 2022: मीराबाई चानू की अगुआई में भारोत्तोलकों से उम्मीदें, ऑस्ट्रेलिया से मिल सकती है टक्कर
Fri, 22 Jul 2022 11:42 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 22 Jul 2022 11:42 PM IST
सार
2018 में हुए गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय भारोत्तोलकों ने पांच स्वर्ण सहित कुल नौ पदक जीते थे। बर्मिंघम में भी भारतीय खिलाड़ियों से काफी उम्मीद है।
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राष्ट्रमंडल खेलों में भारत्तोलन में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को भारोत्तोलकों (वेटलिफ्टर्स) से बड़ी आस है। इन खेलों में भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) के परंपरागत पॉवरहाउस चीन और उत्तर कोरिया की अनुपस्थिति का भारतीय भारोत्तोलक बखूबी फायदा उठाते हैं। ओलंपिक की रजत विजेता मीराबाई चानू की अगुआई में सभी 15 वेटलिफ्टर पदक जीतने की काबिलियत रखते हैं।
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अब तक 43 स्वर्ण सहित 125 पदक जीत चुका है भारत
राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन को 1950 में शामिल किया गया था। इस खेल में भारत ने शुरू से ही अच्छा प्रदर्शन किया है। भारत ने अब तक 43 स्वर्ण सहित कुल 125 पदक जीते हैं। ऑस्ट्रेलिया (59 स्वर्ण सहित 159 पदक) के बाद तालिका में भारत दूसरे नंबर पर है। भारत ने 1990, 2002 और 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। इन खेलों में भारत ने भारोत्तोलन में सभी देशों से ज्यादा पदक जीते थे।
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2018 में पांच स्वर्ण समेत नौ पदक जीते
मीराबाई चानू 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान
- फोटो : सोशल मीडिया
गोल्ड कोस्ट 2018 खेलों में भारतीय भारोत्तोलकों ने पांच स्वर्ण सहित कुल नौ पदक जीते थे। बर्मिंघम में भी भारतीय खिलाड़ियों से काफी उम्मीद है। मुख्य कोच विजय शर्मा ने बताया, टोक्यो ओंलपिक की पदज विजेता मीराबाई चानू 49 भारवर्ग में चुनौती पेश करेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि महिला भारोत्तोलक ज्यादा पदक दिला सकती हैं। उन्होंने कहा, भारत इन खेलों में चार से पांच स्वर्ण जीत सकता है। मीराबाई ने कहा था, राष्ट्रमंडल खेल उनके लिए आसान होंगे।
नाईजीरियन और और मलयेशियन वेटलिफ्टर्स से मिलेगी चुनौती
अन्य भारतीय भारोत्तोलकों को नाईजीरियाई और मलयेशियन से कड़ी चुनौती मिलेगी। यूथ ओलंपिक के स्वर्ण विजेता जेरेमी लालरिन्नुंगा 67 भारवर्ग में स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार है, क्योंकि इस वर्ग में पाकिस्तान के तल्हा तालिब प्रतिबंधित पदार्थ लेने की वजह से इन खेलों में नहीं खेलेंगे।
इनसे है पदक की उम्मीद
बिंदियारानी देवी
- फोटो : सोशल मीडिया
महिला : मीराबाई चानू (49 भारवर्ग), बिंदियारानी देवी (55 भार वर्ग), पॉपी हजारिका (59 भार वर्ग), हरजिंदर कौर (71 भार वर्ग), पूनम यादव (76 भार वर्ग), ऊषा कुमारी (87 भार वर्ग), पूर्णिमा पांडेय (87 से अधिक भार वर्ग)।
पुरुष : संकेत सागर (55 भार वर्ग), गुरुराजा पुजारी (61 भार वर्ग), जेरेमी लालरिन्नुंगा (67 भार वर्ग), अचिंता सेहुली (73 भार वर्ग), अजय सिंह (81 भार वर्ग), विकास ठाकुर (96 भार वर्ग), लवप्रीत सिंह (109 भार वर्ग), गुरदीप सिंह (109 से अधिक भार वर्ग)।
पुरुष : संकेत सागर (55 भार वर्ग), गुरुराजा पुजारी (61 भार वर्ग), जेरेमी लालरिन्नुंगा (67 भार वर्ग), अचिंता सेहुली (73 भार वर्ग), अजय सिंह (81 भार वर्ग), विकास ठाकुर (96 भार वर्ग), लवप्रीत सिंह (109 भार वर्ग), गुरदीप सिंह (109 से अधिक भार वर्ग)।
1990 में 13 में से 12 स्वर्ण भारोत्तोलकों ने दिलवाए थे
राष्ट्रमंडल खेल 1990 में भारत ने कुल 13 स्वर्ण पदक जीते थे। इनमें 12 भारोत्तोलकों ने जीते। वहीं 8 रजत पदक में से 7 सिर्फ भारोत्तोलक जीते। साथ 11 कांस्य में से 5 भारोत्तोलकों के थे। वहीं, मैनचेस्टर में 2002 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 30 स्वर्ण जीते थे। इनमें 11 स्वर्ण का योगदान भारोत्तोलकों ने दिया।
इन भारतीयों ने बनाए रिकॉर्ड
कातुलु रवि कुमार और सतीश सिवालिंगम
- फोटो : सोशल मीडिया
दिल्ली में आयोजित 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में कातुलु रवि कुमार ने 69 भारवर्ग में कुल 321 किलो वजन उठाकर रिकॉर्ड बनाया था। 2014 में सतीश सिवालिंगम ने 77 भारवर्ग में 328 किलो वजन उठाया था। 2018 में मीराबाई चानू ने 48 भारवर्ग में कुल 196 किलो वजन उठाकर रिकॉर्ड कायम किया। इन खिलाड़ियों का रिकॉर्ड अब तक कोई नहीं तोड़ सका है।