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Boxing Championship: भूकंप में घर उजड़ा, परिवार को टेंट में छोड़ तुर्किये के लिए पदक जीतने पहुंचीं राबिया
Sat, 18 Mar 2023 09:20 AM IST
शक्तिराज सिंह
हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 18 Mar 2023 09:20 AM IST
सार
राबिया विश्व चैंपियनशिप में 50 भार वर्ग में खेल रही हैं। उन्हें विश्व चैंपियनशिप के लिए सिर्फ 10 दिन तैयारियों का मौका मिला है। राबिया कहती हैं कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें अपना घर मिल जाएगा।
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राबिया टोपुज
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
तुर्किये की राबिया के दिलो-दिमाग में वह काली बर्फीली रात पूरी तरह घर कर चुकी है। मालात्या शहर स्थित उनके घर का कमरा हिला तो वह कुछ ही सेकंड में बाहर निकल आईं। उनके पैर में जूते भी नहीं थे और बाहर कड़ाके की सर्दी के साथ बर्फ पड़ रही थी। चारों ओर चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। राबियां बताती हैं कि उन्होंने और उनके परिवार ने किसी तरह जान तो बचा ली, लेकिन हालात मौत से भी बदतर थे। 10 दिन तक उन्हें कार में सोना पड़ा। तब जाकर उन्हें रहने के लिए टेंट नसीब हुआ। अभी भी वह और उनका परिवार टेंट में रह रहे हैं। वह टेंट में ही रहकर यहां खेलने पहुंची हैं। वह अपने देश के लिए यहां पदक जीतना चाहती हैं। उन्हें उनके देश का झंडा प्रेरणा देता है।
राबिया को उम्मीद जल्द मिलेगा उन्हें अपना घर
राबिया विश्व चैंपियनशिप में 50 भार वर्ग में खेल रही हैं। उन्हें विश्व चैंपियनशिप के लिए सिर्फ 10 दिन तैयारियों का मौका मिला है। राबिया कहती हैं कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें अपना घर मिल जाएगा। टेंट में कठिन परिस्थितियों में रहने के बावजूद वह अपने को इस चैंपियनशिप में खेलने से नहीं रोक पाई हैं। हालांकि ऐसी स्थितियों में खेलना काफी कठिन है। वह इस टूर्नामेंट के बाद एक बार फिर अपनी तैयारियां शुरू करेंगी।
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राबिया को उम्मीद जल्द मिलेगा उन्हें अपना घर
राबिया विश्व चैंपियनशिप में 50 भार वर्ग में खेल रही हैं। उन्हें विश्व चैंपियनशिप के लिए सिर्फ 10 दिन तैयारियों का मौका मिला है। राबिया कहती हैं कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें अपना घर मिल जाएगा। टेंट में कठिन परिस्थितियों में रहने के बावजूद वह अपने को इस चैंपियनशिप में खेलने से नहीं रोक पाई हैं। हालांकि ऐसी स्थितियों में खेलना काफी कठिन है। वह इस टूर्नामेंट के बाद एक बार फिर अपनी तैयारियां शुरू करेंगी।
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तुर्किये की सेनुर डेमिर
- फोटो : सोशल मीडिया
अपने दर्द को अंदर रखकर खेल रहीं तुर्किये की मुक्केबाज
तुर्किये के कोच टुंके वारोल का कहना है कि उनके मुक्केबाज यहां अपने दर्द को अंदर रखकर खेल रहे हैं। वे इसे जाहिर नहीं करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य पेरिस ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना है। यही कारण है कि इस चैंपियनशिप में खेलना जरूरी था। उन्हें मालूम है कि स्थितियां बहुत खराब हैं, लेकिन उनकी टीम इस पर विजय पाना जानती है। हम इस चैंपियनशिप में अपने देश तुर्की के लिए जान लगा देंगे। राबिया ने बमुश्किल भूकंप के दौरान अपनी जान बचाई है, लेकिन वह फिर भी यहां हैं। तुर्की की टीम में सेमा और एलिफ दो ऐसी मुक्केबाज हैं जिन्होंने पिछले वर्ष उन्हीं के शहर इस्तांबुल में हुई विश्व चैंपियनशिप में पदक जीते थे।
तुर्किये के कोच टुंके वारोल का कहना है कि उनके मुक्केबाज यहां अपने दर्द को अंदर रखकर खेल रहे हैं। वे इसे जाहिर नहीं करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य पेरिस ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना है। यही कारण है कि इस चैंपियनशिप में खेलना जरूरी था। उन्हें मालूम है कि स्थितियां बहुत खराब हैं, लेकिन उनकी टीम इस पर विजय पाना जानती है। हम इस चैंपियनशिप में अपने देश तुर्की के लिए जान लगा देंगे। राबिया ने बमुश्किल भूकंप के दौरान अपनी जान बचाई है, लेकिन वह फिर भी यहां हैं। तुर्की की टीम में सेमा और एलिफ दो ऐसी मुक्केबाज हैं जिन्होंने पिछले वर्ष उन्हीं के शहर इस्तांबुल में हुई विश्व चैंपियनशिप में पदक जीते थे।