Bajrang-Vinesh: 'मुझे भी ऑफर मिला था, लेकिन...', बजरंग-विनेश की राजनीति में एंट्री के बीच साक्षी मलिक का बयान
विनेश ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय रेलवे की सेवा करना मेरे जीवन का यादगार और गर्व से भरा समय रहा। मैंने रेलवे की सेवा से खुद को अलग करने का फैसला किया है और भारतीय रेलवे के संबंधित अधिकारियों को अपना इस्तीफा भेज दिया है।'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उन्होंने कहा, 'किसी पार्टी में शामिल होना उनकी निजी पसंद है। मेरा मानना है कि हमें त्याग करना चाहिए। हमारे आंदोलन और महिलाओं के लिए लड़ाई को गलत धारणा नहीं दी जानी चाहिए। मेरी तरफ से आंदोलन जारी है। मुझे भी ऑफर मिले थे, लेकिन मैं अंत तक देखना चाहती थी कि मैंने क्या शुरू किया है। जब तक फेडरेशन की सफाई नहीं हो जाती और महिलाओं का शोषण बंद नहीं हो जाता, मेरी लड़ाई जारी रहेगी। यह लड़ाई वास्तविक है और यह जारी रहेगा।'
#WATCH | On Bajrang Punia & Vinesh Phogat, wrestler Sakshee Malikkh says, "...It is their personal choice to join the party. I believe that we should make sacrifices. Our agitation, the fight for women should not be given a wrong impression...From my end, the agitation… pic.twitter.com/hdnlnXKqzD
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 6, 2024
भारतीय रेलवे की सेवा मेरे जीवन का एक यादगार और गौरवपूर्ण समय रहा है।
— Vinesh Phogat (@Phogat_Vinesh) September 6, 2024
जीवन के इस मोड़ पर मैंने स्वयं को रेलवे सेवा से पृथक करने का निर्णय लेते हुए अपना त्यागपत्र भारतीय रेलवे के सक्षम अधिकारियों को सौप दिया है। राष्ट्र की सेवा में रेलवे द्वारा मुझे दिये गये इस अवसर के लिए मैं… pic.twitter.com/HasXLH5vBP
विनेश और बजरंग के हरियाणा विधानसभा में चुनाव लड़ने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विनेश को दादरी से टिकट दिया जा सकता है, जबकि बजरंग को किसी जाट बहुल सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। इससे पहले हरियाणा बीजेपी के वरिष्ठ नेता अनिल विज ने विनेश पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि अगर विनेश देश की बेटी से कांग्रेस की बेटी बनना चाहती है, तो हमें क्या दिक्कत होगी। उन्होंने पहलवानों के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के उकसाने से ही पहलवान आंदोलन चल रहे थे, नहीं तो उसका फैसला भी हो जाता।