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क्या है टेकबॉल?: एशियाड में पहली बार इस खेल में भारत की एंट्री, जानें क्या हैं नियम और कैसे खेला जाता है गेम
Sun, 20 Sep 2026 07:34 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 20 Sep 2026 07:34 AM IST
सार
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने पहली बार टेकबॉल में हिस्सा लिया। मोहम्मद अनस इमरान बेग, डेक्लन मार्शल गोंसाल्वेस और क्विंसी डिसूजा तीन स्पर्धाओं में चुनौती पेश करते दिखे। फुटबॉल और टेबल टेनिस के मिश्रण वाले इस खेल में घुमावदार टेबल और हाथों के इस्तेमाल पर रोक मुकाबले को खास बनाती है।
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क्या है टेकबॉल
- फोटो : Twitter
विस्तार
एशियन गेम्स में भारत का टेकबॉल अभियान जारी है। मोहम्मद अनस इमरान बेग, डेक्लन मार्शल गोंसाल्वेस और क्विंसी डिसूजा देश की चुनौती पेश करेंगे। टेकबॉल उन पांच खेलों में शामिल है, जिन्हें एशियन गेम्स में पहली बार शामिल किया गया है। भारत की तीन सदस्यीय टीम तीन स्पर्धाओं में उतरी है। इनमें पुरुष युगल, महिला एकल और मिश्रित युगल शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों की नजर इस नए खेल में एशियन गेम्स के मंच पर अच्छा प्रदर्शन करने पर है।
भारत की ओर से कौन किस स्पर्धा में?
मुंबई में नौकरी के साथ खेल की तैयारी
नागोया में भारतीय टेकबॉल दल की जिम्मेदारी तकनीकी निदेशक निहार शाह संभाल रहे हैं। खास बात यह है कि भारत के तीनों खिलाड़ी मुंबई में रहते हैं और खेल के साथ अपनी पूर्णकालिक नौकरियां भी जारी रखे हुए हैं। यानी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी के साथ इन खिलाड़ियों को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियां भी संभालनी पड़ती हैं। अब एशियन गेम्स में उन्हें इस खेल के सबसे बड़े मंचों में से एक पर अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिला।
क्या है टेकबॉल?
टेकबॉल अपेक्षाकृत नया खेल है, लेकिन कम समय में इसने अपनी अलग पहचान बना ली है। इसमें फुटबॉल और टेबल टेनिस के तत्व दिखाई देते हैं। खेल को 2016 में व्यापक स्तर पर दुनिया के सामने पेश किया गया था। ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो भी इसके लॉन्च से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं।
इस खेल की शुरुआत हंगरी में हुई थी। तीन फुटबॉल प्रेमियों ने ऐसी व्यवस्था बनाने का विचार किया था, जिसमें टेबल पर फुटबॉल खेला जा सके। इसी विचार से आगे चलकर टेकबॉल का विकास हुआ। पहली टेकबॉल टेबल 2014 में तैयार की गई थी, जबकि इसकी अंतरराष्ट्रीय संचालन संस्था फाइटेक (FITEQ) की स्थापना तीन साल बाद हुई। अब यह खेल एशियन गेम्स 2026 में पहली बार शामिल होकर अपने सबसे बड़े मंचों में से एक पर पहुंच चुका है।
कैसे खेला जाता है टेकबॉल?
टेकबॉल एक खास तरह से बनाई गई घुमावदार टेबल पर खेला जाता है। यह देखने में टेबल टेनिस की टेबल जैसी लगती है, लेकिन इसकी सतह बीच से घुमावदार होती है। टेबल टेनिस की तरह हल्की गेंद की जगह इसमें फुटबॉल का इस्तेमाल किया जाता है। खिलाड़ियों का लक्ष्य गेंद को नेट के ऊपर से विरोधी की तरफ भेजना होता है। इसके लिए पैर, जांघ, घुटने, छाती और सिर जैसे शरीर के हिस्सों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हाथ और बांह का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है।
घुमावदार टेबल इस खेल को चुनौतीपूर्ण बनाती है। गेंद के टेबल से टकराने के बाद उसके उछाल और दिशा का अनुमान लगाना पड़ता है। इसलिए खिलाड़ी के संतुलन, नियंत्रण, सटीकता और प्रतिक्रिया की लगातार परीक्षा होती है। टेकबॉल एकल और युगल दोनों प्रारूपों में खेला जाता है। एकल में दोनों तरफ एक-एक खिलाड़ी और युगल में दो-दो खिलाड़ियों की टीम होती है।
क्या है टेकबॉल का स्कोरिंग सिस्टम?
एक मुकाबले में अधिकतम तीन सेट होते हैं। जो खिलाड़ी या टीम पहले 12 अंक हासिल करती है, वह सेट जीत जाती है। अगर स्कोर 11-11 हो जाता है तो सेट जीतने के लिए दो अंकों की बढ़त हासिल करनी होती है। हर रैली की शुरुआत सर्विस से होती है। सर्विस हर चार अंक के बाद बदलती है। इसके बाद खिलाड़ियों को बिना हाथ या बांह का इस्तेमाल किए गेंद को विरोधी के पाले में लौटाना होता है। गेंद को वापस भेजने से पहले छूने की संख्या भी सीमित होती है। एकल मुकाबले में खिलाड़ी अधिकतम तीन बार गेंद को छू सकता है। युगल में दोनों खिलाड़ी मिलकर अधिकतम तीन टच ले सकते हैं।
एक अहम नियम यह भी है कि खिलाड़ी लगातार दो बार शरीर के एक ही हिस्से से गेंद को नहीं छू सकता। अगर खिलाड़ी गेंद को वैध तरीके से वापस नहीं भेज पाता, गेंद उसके हिस्से में एक से ज्यादा बार टप्पा खाती है, गेंद खेल क्षेत्र से बाहर चली जाती है या कोई अन्य फॉल्ट होता है तो रैली खत्म हो जाती है और विरोधी को अंक मिलता है। युगल मुकाबलों में खिलाड़ियों को अपने टच बारी-बारी से लेने होते हैं। इससे टीम के बीच तालमेल, संवाद और सही पोजिशनिंग बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
फुटबॉल का अंदाज, लेकिन चाहिए गजब की सटीकता
टेकबॉल में फुटबॉल की झलक साफ दिखाई देती है, लेकिन यह सिर्फ गेंद को किक करने का खेल नहीं है। छोटी जगह, घुमावदार टेबल और तेज उछाल के कारण टाइमिंग, रिफ्लेक्स और सटीकता की बड़ी भूमिका होती है। खिलाड़ी कई नियंत्रित टच के बाद अचानक आक्रामक शॉट लगाकर रैली खत्म करने की कोशिश कर सकते हैं। इस दौरान गेंद की दिशा और टेबल से मिलने वाले उछाल दोनों का अनुमान लगाना पड़ता है। एशियन गेम्स 2026 में टेकबॉल की पांच स्पर्धाएं हुईं। इनमें पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल शामिल हैं।
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भारत की ओर से कौन किस स्पर्धा में?
- मोहम्मद अनस और डेक्लन मार्शल गोंसाल्वेस पुरुष युगल में भारत का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन कोई पदक नहीं जीत सके। इस स्पर्धा में कुल 24 जोड़ियों ने हिस्सा लिया था।
- मोहम्मद अनस ने मिश्रित युगल में क्विंसी डिसूजा के साथ जोड़ी बनाया। वहीं क्विंसी ने महिला एकल में भी भारत की चुनौती पेश की। हालांकि, वह कांस्य पदक मुकाबले में जापान की साकामोटो से हार गईं।
- सात बार की राष्ट्रीय चैंपियन क्विंसी को महिला एकल के ग्रुप ए में रखा गया था। उन्हें सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद वह कांस्य पदक मुकाबले में उतरीं। कांस्य पदक मुकाबले में क्विंसी ने शानदार खेला और 12-11, 12-11 के कड़े मुकाबले में हारीं।
- क्विंसी के लिए एशियन गेम्स का मंच खास मौका है। महिला एकल के साथ मिश्रित युगल में भी पदक की चुनौती पेश करते हुए वह भारत को इस नए खेल में पहचान दिलाने की कोशिश कर रही हैं। अब वह अनस के साथ मिक्स्ड डबल्स में कांस्य पदक मुकाबले में उतरेंगी।
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मुंबई में नौकरी के साथ खेल की तैयारी
नागोया में भारतीय टेकबॉल दल की जिम्मेदारी तकनीकी निदेशक निहार शाह संभाल रहे हैं। खास बात यह है कि भारत के तीनों खिलाड़ी मुंबई में रहते हैं और खेल के साथ अपनी पूर्णकालिक नौकरियां भी जारी रखे हुए हैं। यानी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी के साथ इन खिलाड़ियों को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियां भी संभालनी पड़ती हैं। अब एशियन गेम्स में उन्हें इस खेल के सबसे बड़े मंचों में से एक पर अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिला।
क्या है टेकबॉल?
टेकबॉल अपेक्षाकृत नया खेल है, लेकिन कम समय में इसने अपनी अलग पहचान बना ली है। इसमें फुटबॉल और टेबल टेनिस के तत्व दिखाई देते हैं। खेल को 2016 में व्यापक स्तर पर दुनिया के सामने पेश किया गया था। ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो भी इसके लॉन्च से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं।
इस खेल की शुरुआत हंगरी में हुई थी। तीन फुटबॉल प्रेमियों ने ऐसी व्यवस्था बनाने का विचार किया था, जिसमें टेबल पर फुटबॉल खेला जा सके। इसी विचार से आगे चलकर टेकबॉल का विकास हुआ। पहली टेकबॉल टेबल 2014 में तैयार की गई थी, जबकि इसकी अंतरराष्ट्रीय संचालन संस्था फाइटेक (FITEQ) की स्थापना तीन साल बाद हुई। अब यह खेल एशियन गेम्स 2026 में पहली बार शामिल होकर अपने सबसे बड़े मंचों में से एक पर पहुंच चुका है।
कैसे खेला जाता है टेकबॉल?
टेकबॉल एक खास तरह से बनाई गई घुमावदार टेबल पर खेला जाता है। यह देखने में टेबल टेनिस की टेबल जैसी लगती है, लेकिन इसकी सतह बीच से घुमावदार होती है। टेबल टेनिस की तरह हल्की गेंद की जगह इसमें फुटबॉल का इस्तेमाल किया जाता है। खिलाड़ियों का लक्ष्य गेंद को नेट के ऊपर से विरोधी की तरफ भेजना होता है। इसके लिए पैर, जांघ, घुटने, छाती और सिर जैसे शरीर के हिस्सों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हाथ और बांह का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है।
घुमावदार टेबल इस खेल को चुनौतीपूर्ण बनाती है। गेंद के टेबल से टकराने के बाद उसके उछाल और दिशा का अनुमान लगाना पड़ता है। इसलिए खिलाड़ी के संतुलन, नियंत्रण, सटीकता और प्रतिक्रिया की लगातार परीक्षा होती है। टेकबॉल एकल और युगल दोनों प्रारूपों में खेला जाता है। एकल में दोनों तरफ एक-एक खिलाड़ी और युगल में दो-दो खिलाड़ियों की टीम होती है।
क्या है टेकबॉल का स्कोरिंग सिस्टम?
एक मुकाबले में अधिकतम तीन सेट होते हैं। जो खिलाड़ी या टीम पहले 12 अंक हासिल करती है, वह सेट जीत जाती है। अगर स्कोर 11-11 हो जाता है तो सेट जीतने के लिए दो अंकों की बढ़त हासिल करनी होती है। हर रैली की शुरुआत सर्विस से होती है। सर्विस हर चार अंक के बाद बदलती है। इसके बाद खिलाड़ियों को बिना हाथ या बांह का इस्तेमाल किए गेंद को विरोधी के पाले में लौटाना होता है। गेंद को वापस भेजने से पहले छूने की संख्या भी सीमित होती है। एकल मुकाबले में खिलाड़ी अधिकतम तीन बार गेंद को छू सकता है। युगल में दोनों खिलाड़ी मिलकर अधिकतम तीन टच ले सकते हैं।
एक अहम नियम यह भी है कि खिलाड़ी लगातार दो बार शरीर के एक ही हिस्से से गेंद को नहीं छू सकता। अगर खिलाड़ी गेंद को वैध तरीके से वापस नहीं भेज पाता, गेंद उसके हिस्से में एक से ज्यादा बार टप्पा खाती है, गेंद खेल क्षेत्र से बाहर चली जाती है या कोई अन्य फॉल्ट होता है तो रैली खत्म हो जाती है और विरोधी को अंक मिलता है। युगल मुकाबलों में खिलाड़ियों को अपने टच बारी-बारी से लेने होते हैं। इससे टीम के बीच तालमेल, संवाद और सही पोजिशनिंग बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
फुटबॉल का अंदाज, लेकिन चाहिए गजब की सटीकता
टेकबॉल में फुटबॉल की झलक साफ दिखाई देती है, लेकिन यह सिर्फ गेंद को किक करने का खेल नहीं है। छोटी जगह, घुमावदार टेबल और तेज उछाल के कारण टाइमिंग, रिफ्लेक्स और सटीकता की बड़ी भूमिका होती है। खिलाड़ी कई नियंत्रित टच के बाद अचानक आक्रामक शॉट लगाकर रैली खत्म करने की कोशिश कर सकते हैं। इस दौरान गेंद की दिशा और टेबल से मिलने वाले उछाल दोनों का अनुमान लगाना पड़ता है। एशियन गेम्स 2026 में टेकबॉल की पांच स्पर्धाएं हुईं। इनमें पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल शामिल हैं।