{"_id":"6aafd5f893410811360524b1","slug":"indian-javelin-thrower-neeraj-chopra-has-regrets-about-missing-the-asian-games-eyes-set-on-a-comeback-2026-09-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नीरज चोपड़ा: भारतीय भाला फेंक एथलीट को एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लेने का है मलाल, वापसी करने पर नजरें","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
नीरज चोपड़ा: भारतीय भाला फेंक एथलीट को एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लेने का है मलाल, वापसी करने पर नजरें
Sun, 20 Sep 2026 06:18 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 20 Sep 2026 06:18 PM IST
सार
भारतीय भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा चोट के कारण एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। नीरज को इस बात का काफी मलाल है, लेकिन उन्होंने कहा कि इसे स्वीकार करना जरूरी है।
विज्ञापन
नीरज चोपड़ा
- फोटो : IANS
विस्तार
भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एशियाई खेलों से बाहर होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन कहा कि इस झटके को स्वीकार करना और जल्द वापसी पर ध्यान केंद्रित करना अहम है। नीरज ने टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को एथलेटिक्स में पहला ओलंपिक स्वर्ण दिलाया था। इसके बाद उन्होंने पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीता। हालांकि ट्रेनिंग के दौरान लिगामेंट में चोट लगने के कारण वह लगातार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक की हैट्रिक बनाने का मौका गंवा बैठे।
विज्ञापन
नीरज को लुसाने डायमंड लीग में लगी थी चोट
यह चोट लुसाने डायमंड लीग में 88.05 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के कुछ ही समय बाद लगी। इसके साथ ही उनका 2026 सत्र समय से पहले समाप्त हो गया और वह एशियाई खेलों के साथ डायमंड लीग फाइनल से बाहर हो गए। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के खेलो भारत पॉडकास्ट में उन्होंने कहा, यह निश्चित रूप से मुश्किल है। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह आसान है। मेरे लिए यह थोड़ा सामान्य हो गया है क्योंकि मेरे करियर में ऐसा कई बार हुआ है। कई बार ऐसा हुआ जब मैं पूरी तरह तैयार था और अचानक चोट लग गई। ’
उन्होंने कहा, मैंने खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत ज्यादा झोंक दिया था। मैंने साल की शुरुआत से ही ट्रेनिंग शुरू कर दिया था। मैंने अपने परिवार के साथ बिल्कुल भी समय नहीं बिताया था। मैंने अपना पूरा ध्यान ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं पर केंद्रित कर दिया था क्योंकि यह साल बहुत व्यस्त रहा। मैं बार-बार यही सोचता रहा कि इतनी मेहनत करने के बाद भी मैं आखिरकार वहीं वापस आ गया था, जहां साल की शुरुआत में था।
यह चोट लुसाने डायमंड लीग में 88.05 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के कुछ ही समय बाद लगी। इसके साथ ही उनका 2026 सत्र समय से पहले समाप्त हो गया और वह एशियाई खेलों के साथ डायमंड लीग फाइनल से बाहर हो गए। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के खेलो भारत पॉडकास्ट में उन्होंने कहा, यह निश्चित रूप से मुश्किल है। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह आसान है। मेरे लिए यह थोड़ा सामान्य हो गया है क्योंकि मेरे करियर में ऐसा कई बार हुआ है। कई बार ऐसा हुआ जब मैं पूरी तरह तैयार था और अचानक चोट लग गई। ’
उन्होंने कहा, मैंने खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत ज्यादा झोंक दिया था। मैंने साल की शुरुआत से ही ट्रेनिंग शुरू कर दिया था। मैंने अपने परिवार के साथ बिल्कुल भी समय नहीं बिताया था। मैंने अपना पूरा ध्यान ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं पर केंद्रित कर दिया था क्योंकि यह साल बहुत व्यस्त रहा। मैं बार-बार यही सोचता रहा कि इतनी मेहनत करने के बाद भी मैं आखिरकार वहीं वापस आ गया था, जहां साल की शुरुआत में था।
विज्ञापन
विज्ञापन
एशियाड में उतरे भारतीय दल को क्या दी सलाह?
जब नीरज से एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों के लिए संदेश के बारे में पूछा गया तो नीरज ने उन्हें इस मौके का भरपूर लाभ उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा, मैं उनसे बस यही कहूंगा कि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। आपको एशियाई खेलों जैसे बड़े खेल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का मौका हर चार साल में एक बार मिलता है इसलिए अपने मन में ऐसा कुछ लेकर वापस नहीं आएं कि बाद में आपको लगे, मैं यह कर सकता था। अगले चार साल तक इंतजार करने के बजाय खुद को अच्छी तरह मानसिक रूप से तैयार करें और वहां अपना शतक प्रतिशत दें, ताकि आपको यह संतुष्टि रहे कि आपने अपनी कड़ी मेहनत के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया। मेरी सभी को शुभकामनाएं हैं। मुझे उम्मीद है कि एशियाई खेलों में भारत का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहेगा और हर खिलाड़ी वह प्रदर्शन हासिल करेगा, जिसे वह लक्ष्य बनाकर चल रहा है।
जब नीरज से एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों के लिए संदेश के बारे में पूछा गया तो नीरज ने उन्हें इस मौके का भरपूर लाभ उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा, मैं उनसे बस यही कहूंगा कि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। आपको एशियाई खेलों जैसे बड़े खेल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का मौका हर चार साल में एक बार मिलता है इसलिए अपने मन में ऐसा कुछ लेकर वापस नहीं आएं कि बाद में आपको लगे, मैं यह कर सकता था। अगले चार साल तक इंतजार करने के बजाय खुद को अच्छी तरह मानसिक रूप से तैयार करें और वहां अपना शतक प्रतिशत दें, ताकि आपको यह संतुष्टि रहे कि आपने अपनी कड़ी मेहनत के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया। मेरी सभी को शुभकामनाएं हैं। मुझे उम्मीद है कि एशियाई खेलों में भारत का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहेगा और हर खिलाड़ी वह प्रदर्शन हासिल करेगा, जिसे वह लक्ष्य बनाकर चल रहा है।