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काम के हैं ये आसन, गिरते बालों का है समाधान
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sun, 06 Mar 2016 01:32 PM IST
सार
- इस आसन से बालों खूबसूरत बनते हैं बल्कि अपच की समस्या भी दूर होती है। पाचन सही होने से बाल भी स्वस्थ होते हैं
- इससे सांस लेने में भी आसानी होती है।
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- फोटो : getty images
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विस्तार
मर्दों में भी बाल पतले होने, झड़ने, उम्र से पहले सफेद होने या अस्वस्थ होने जैसी कई शिकायतें होती हैं। हो भी क्यों न! आखिर बाल भी तो खूबसूरत और स्मार्ट लगने में मदद करते हैं। अगर इसके लिए ज्यादा घरेलू उपचार नहीं कर सकते तो कम से कम ये आसान योगा आसन ही कर लें। इससे न सिर्फ बाल सुंदर और घने बनेंगे बल्कि अपच और कम खून के बहाव जैसी समस्याएं भी दूर होंगी।
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सर्वांगासन। पीठ के बल सीधे लेट जाएं और पैरों को इस तरह ऊपर उठाएं कि अंगूठे छत की तरफ हों। गर्दन, सिर औऱ पीठ के सहारे संतुलन बनाएं और हाथों को रीढ़ की हड्डी पर रखें। इस आसन से भी खून का बहाव सिर तक अच्छा होता है और बाल स्वस्थ होते हैं। इसे सांस लेने में भी आसानी होती है।
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पवनमुक्तासन। पीठ के बल लेटें और घुटने को सीने की तरफ मोड़ें। फिर हाथ से घुटनों को जकड़ लें जैसे कि तस्वीर में बना है। घुटनों को अंदर मोड़ते वक्त सांस अंदर लें और जैसे जैसे घुटनों को वापस सीधा करें, सांस छोड़ें। इससे न सिर्फ बालों खूबसूरत बनते हैं बल्कि अपच की समस्या भी दूर होती है। पाचन सही होने से बाल भी स्वस्थ होते हैं।
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योगा
उष्ट्रासन। घुटने के बल खड़ें हों, पीठ और सिर को पीछे की तरफ झुकाएं। इसे इस तरह करें कि आपके हाथ एढ़ियों तक पहुंचें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहें और सांस लेते रहें। जैसे जैसे इस मुद्रा से पहली वाली साधारण मुद्रा में वापस आएं, सांस छोड़ें। बाल टूटने और पतले होने की परेशानी दूर हो जाएगी। हां लेकिन अगर पीठ में कई गहरी चोट लगी है तो इसे न करें।
वज्रासन। घुटनों को मोड़ कर बैठें औऱ रीढ़ की हड्डी सीधी रखें। हाथों को जाघों के ऊपर रखें। फिर सांस अंदर लें और छोड़ें। इसी तरह कुछ देर करते रहें। इस मुद्रा से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता सुधरती है जो सिर की खाल में होने वाले किसी भी तरह के इंफेक्शन से लड़ती है। इसे खाने के तुरंत बाद भी कर सकते हैं।
भुजंगासन। पेट के बल सीधा लेटें। हाथों को सामने जमीन पर, कंधों की सिधाई में रखें। अब अपना वजन कुहनी पर डाल दें औऱ हथेली के सहारे सीने को ऊपर उठाएं। पैर सीधे ही रखें और इस मुद्रा में 20-25 सेकेंड तक रहें।
वज्रासन। घुटनों को मोड़ कर बैठें औऱ रीढ़ की हड्डी सीधी रखें। हाथों को जाघों के ऊपर रखें। फिर सांस अंदर लें और छोड़ें। इसी तरह कुछ देर करते रहें। इस मुद्रा से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता सुधरती है जो सिर की खाल में होने वाले किसी भी तरह के इंफेक्शन से लड़ती है। इसे खाने के तुरंत बाद भी कर सकते हैं।
भुजंगासन। पेट के बल सीधा लेटें। हाथों को सामने जमीन पर, कंधों की सिधाई में रखें। अब अपना वजन कुहनी पर डाल दें औऱ हथेली के सहारे सीने को ऊपर उठाएं। पैर सीधे ही रखें और इस मुद्रा में 20-25 सेकेंड तक रहें।
योगा
शीर्षासर। इसमें अपने शरीर को सिर के बल संतुलित करना होता है, हाथों का सहारा लेकर। ये यकीनन मुश्किल है लेकिन अगर नियमित तौर पर किया तो बालों को बहुत फायदा मिलेगा। ऐसा करने से खून सिर तक पहुंचता है जिससे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और बालों की जड़ें मजबूत होती हैं।
और सबसे सरल प्राणायाम। कपालभाति करें यानी नाक के एक छोड़ से धीरे धीरे सांस लें औऱ दूसरे से तुरंत छोड़ें। ऐसा करने से खून का बहाव अच्छा होता है औऱ दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है। शरीर से हानिकारक टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। तनाव दूर होता है जो कि बाल झड़ने के पीछे एक अहम कारण है।
और सबसे सरल प्राणायाम। कपालभाति करें यानी नाक के एक छोड़ से धीरे धीरे सांस लें औऱ दूसरे से तुरंत छोड़ें। ऐसा करने से खून का बहाव अच्छा होता है औऱ दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है। शरीर से हानिकारक टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। तनाव दूर होता है जो कि बाल झड़ने के पीछे एक अहम कारण है।