Vidur Niti: इन 3 प्रकार के लोगों को भूलकर भी पैसा उधार न दें, जानें इसका कारण
विदुर नीति जीवन-युद्ध की नीति ही नहीं, जीवन-प्रेम, जीवन-व्यवहार की नीति के रूप में अपना विशेष स्थान रखती है। सत्य-असत्य का स्पष्ट निर्देश और विवेचन की दृष्टि से विदुर-नीति का विशेष महत्व है।
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विदुर नीति जीवन-युद्ध की नीति ही नहीं, जीवन-प्रेम, जीवन-व्यवहार की नीति के रूप में अपना विशेष स्थान रखती है। सत्य-असत्य का स्पष्ट निर्देश और विवेचन की दृष्टि से विदुर-नीति का विशेष महत्व है। व्यक्ति वैयक्तिक अपेक्षाओं से जुड़कर अनेक बार नितान्त व्यक्तिगत, एकेंद्रीय और स्वार्थी हो जाता है, वहीं वह वैक्तिक अपेक्षाओं के दायरे से बाहर आकर एक को अनेक के साथ तोड़कर, सत्य-असत्य का विचार करते हुए समष्टिगत भाव से समाज केंद्रीय या बहुकेंद्रीय होकर परार्थी हो जाता है। महात्मा विदुर दूरदर्शी, बुद्धिमान और कुशल राजनीतिज्ञ माना जाता था। विदुर और धृतराष्ट्र के मध्य का वार्तालाप विदुर नीति के रूप में आज भी प्रासंगिक है। विदुर नीति के अनुसार जीवन में 3 लोग ऐसे हैं जिन्हें कभी भी उधर नहीं देना चाहिए। महात्मा विदुर के अनुसार ऐसे लोगों को दिया गया धन वापस नहीं आ पाता और नष्ट हो जाता है। आइए जानते हैं कौन हैं वो तीन प्रकार के लोग
जो विश्वास योग्य न हो
यदि आपके जीवन में कोई ऐसा व्यक्ति है जिसके ईमानदार या विश्वासी होने का आपको भरोसा न हो, उसे कभी भी धन न दें। ऐसा धन कभी भी वापस मिलने की संभावना नहीं रहती। ऐसे लोगों धन उधार देकर व्यक्ति स्वयं ही अपने धन की हानि करता है।
आलसी व्यक्ति को न दें कर्ज
यदि आप से कोई ऐसा व्यक्ति कर्ज मांगता है जो धन अर्जित करने के लिए कोई कार्य न करता हो या फिर आलस के कारण कोई कार्य न करता, तो ऐसे व्यक्ति को कभी भी कर्ज न दें। ऐसे व्यक्ति अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए भी दूसरो पर आश्रित होते हैं। यदि आप ऐसे लोगों को अपना धन देते हैं तो वह वापस मिलना बहुत ही कठिन होता है।
गलत कार्य करने वालों को न दें उधार
ऐसा व्यक्ति जो गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़ा है या कोई अनैतिक कार्य करता है तो उसे भूलकर भी धन न दें। ऐसे व्यक्ति गलत कार्यों को बढ़ाने के लिए धन का प्रयोग करते हैं। ऐसे स्वभाव वाले व्यक्ति अपने हित के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं ऐसी स्थिति में न केवल आपका धन बर्बाद होने की आशंका तो रहती ही है साथ ही आपके प्राणों पर भी संकट हो सकता है।