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ज्येष्ठ माह: जून में लगेगा साल का पहला सूर्यग्रहण, जानिए ज्येष्ठ माह का महत्व और व्रत-त्योहार
Mon, 31 May 2021 07:16 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 31 May 2021 07:16 AM IST
सार
हिंदू पंचांग के अनुसार 27 मई से ज्येष्ठ माह आरंभ जो चुका है जो 25 जून तक चलेगा। ज्येष्ठ माह को आम बोलचाल की भाषा में जेठ भी कहा जाता है।
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10 जून को लगने वाला यह सूर्यग्रहण एशिया के कुछ हिस्से, यूरोप, रूस, कनाडा और अमेरिका में देखा जा सकेगा।
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विस्तार
26 मई को चंद्रग्रहण लगने के बाद अब 10 जून को सूर्यग्रहण लगेगा। साल 2021 में कुल दो सूर्यग्रहण लगेगा। 10 जून को लगने वाला यह सूर्यग्रहण एशिया के कुछ हिस्से, यूरोप, रूस, कनाडा और अमेरिका में देखा जा सकेगा। लेकिन भारत में इस सूर्यग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा। भारत में ग्रहण नहीं होने की वजह से यहां पर सूतककाल मान्य नहीं होगा।
ज्येष्ठ माह का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार 27 मई से ज्येष्ठ माह आरंभ जो चुका है जो 25 जून तक चलेगा। ज्येष्ठ माह को आम बोलचाल की भाषा में जेठ भी कहा जाता है। जेठ के महीने में गर्मी ज्यादा पड़ने के कारण पानी का महत्व बढ़ जाता है। जेठ में सूर्य के रौद्र रूप से धरती में मौजूद पानी का वाष्पीकरण सबसे तेज हो जाता है जिसके कारण से नदियां और तालाब सूख जाते हैं। ऐसे में हमारे शास्त्रों में इस महीने में जल के संरक्षण का विशेष जोर दिया जाता है। जिसके चलते ज्येष्ठ महीने में गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी जैसे व्रत रखे जाते हैं। गंगा दशहरा में नदियों की पूजा और निर्जला एकादशी में बिना जल का व्रत रखा जाता है।
ज्येष्ठ माह के व्रत-त्योहार
2 जून- कालाष्टमी व्रत
6 जून- अचला एकादशी
हिन्दू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी अथवा अचला एकादशी के नाम से जाना जाता है। सनातन मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
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7 जून- सोम प्रदोष व्रत
हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
8 जून- मासिक शिवरात्रि
हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का तो महत्व माना ही जाता है लेकिन हर माह पड़ने वाली शिवरात्रि भी बहुत महत्व रखती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है।
10 जून- ज्येष्ठ अमावस्या, शनि जयंती, सूर्यग्रहण और वट सावित्री व्रत
10 जून ज्येष्ठ अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। इसके अलावा इसी दिन शनि जयंती भी मनाई जाएगी।
14 जून- विनायक चतुर्थी
15 जून- मिथुन संक्रांति
16 जून- स्कंद षष्ठी
18 जून- मासिक दुर्गा अष्टमी
20 जून- गंगा दशहरा
21 जून- निर्जला एकादशी और गायत्री जयंती
24 जून- वट पूर्णिमा व्रत
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ज्येष्ठ माह का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार 27 मई से ज्येष्ठ माह आरंभ जो चुका है जो 25 जून तक चलेगा। ज्येष्ठ माह को आम बोलचाल की भाषा में जेठ भी कहा जाता है। जेठ के महीने में गर्मी ज्यादा पड़ने के कारण पानी का महत्व बढ़ जाता है। जेठ में सूर्य के रौद्र रूप से धरती में मौजूद पानी का वाष्पीकरण सबसे तेज हो जाता है जिसके कारण से नदियां और तालाब सूख जाते हैं। ऐसे में हमारे शास्त्रों में इस महीने में जल के संरक्षण का विशेष जोर दिया जाता है। जिसके चलते ज्येष्ठ महीने में गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी जैसे व्रत रखे जाते हैं। गंगा दशहरा में नदियों की पूजा और निर्जला एकादशी में बिना जल का व्रत रखा जाता है।
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ज्येष्ठ माह के व्रत-त्योहार
2 जून- कालाष्टमी व्रत
6 जून- अचला एकादशी
हिन्दू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी अथवा अचला एकादशी के नाम से जाना जाता है। सनातन मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
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7 जून- सोम प्रदोष व्रत
हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
8 जून- मासिक शिवरात्रि
हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का तो महत्व माना ही जाता है लेकिन हर माह पड़ने वाली शिवरात्रि भी बहुत महत्व रखती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है।
10 जून- ज्येष्ठ अमावस्या, शनि जयंती, सूर्यग्रहण और वट सावित्री व्रत
10 जून ज्येष्ठ अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। इसके अलावा इसी दिन शनि जयंती भी मनाई जाएगी।
14 जून- विनायक चतुर्थी
15 जून- मिथुन संक्रांति
16 जून- स्कंद षष्ठी
18 जून- मासिक दुर्गा अष्टमी
20 जून- गंगा दशहरा
21 जून- निर्जला एकादशी और गायत्री जयंती
24 जून- वट पूर्णिमा व्रत