बड़ा खास है यह दिन, गंगा स्नान से पाप मुक्ति और धन लाभ भी
धरती पर जिस दिन गंगा का अवतरण हुआ था वह दिन है जेष्ठ शुक्ल दशमी तिथि। इसलिए इस दशमी तिथि को गंगा दशहरा के नाम से भी जाना जाता है।
शास्त्रों के अनुसार गंगा स्नान यूं तो हर दिन शुभ फलदायी और कल्याणकारी होता है लेकिन कुछ खास दिन ऐसे हैं जिसमें गंगा स्नान का बड़ा ही उत्तम फल मिलता है। इन्हीं में से एक है गंगा दशहरा का दिन।
पुराणों में गंगा दशहरा का महत्व
भविष्य पुराण में बताया गया है कि जो मनुष्य गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान करके गंगा की धारा में खड़ा होकर गंगा स्तोत्र का पाठ करता है वह गंगा की कृपा का योग्य बन जाता है। ऐसे व्यक्ति के पाप गंगा हर लेती है और अपने पुण्य के प्रभाव से व्यक्ति इस जन्म में सुखी और अगले जन्म में धन धान्य प्राप्त करता है।
गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान के पुण्य का वर्णन स्कंद पुराण में भी मिलता है। पुराण के अनुसार मनुष्य को ध्यान पूर्वक गंगा का स्मरण करना चाहिए और गंगा जी का मंत्र -ॐ नमो भगवति हिलि हिलि मिलि मिलि गंगे माँ पावय पावय स्वाहा। इस मंत्र से पुष्प और अर्घ्य देना चाहिए।
गंगा दशहरा की मान्यता
गंगा दशहरा से जुड़ी एक ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करके गंगा तट पर बाल कटवाकर गंगा जल में प्रवाहित करने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। इससे बालों से संबंधित परेशानी भी दूर होती और बाल लंबे घने होते हैं।