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Phalgun Amavasya 2025: फाल्गुन अमावस्या पर शुभ फलों की प्राप्ति के लिए क्या करें और क्या न करें
Thu, 27 Feb 2025 11:17 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 27 Feb 2025 11:17 AM IST
सार
अमावस्या की तिथि पितरों को तर्पण देने के लिए बहुत ही खास होती है। इस तिथि पर कुछ विशेष कार्यों को करना शुभ माना जाता है,
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अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। इस दिन पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण, दान और पूजा-पाठ करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी प्रकार की बाधाओं का नाश होता है। इस दिन कुछ विशेष कार्यों को करना शुभ माना जाता है, वहीं कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं।
पितरों का तर्पण और श्राद्ध करें
फाल्गुन अमावस्या को पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं। इससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
गंगा स्नान और दान करें
इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि संभव न हो, तो घर पर ही स्नान के बाद गंगाजल के छींटे लगाएं । स्नान के बाद अन्न, वस्त्र, गुड़, तिल, घी आदि का दान करें।
भगवान शिव और विष्णुजी की पूजा करें
फाल्गुन अमावस्या पर भगवान शिव और श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं। इस दिन "ॐ नमः शिवाय" और "ॐ विष्णवे नमः" मंत्रों का जाप करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
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इस दिन काले तिल का दान और जल में प्रवाह करने से पितृदोष का निवारण होता है। साथ ही, संध्या समय पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से जीवन की समस्याएं दूर होती हैं।
संकल्प लें और व्रत रखें
यदि संभव हो तो इस दिन व्रत रखें और सच्चे मन से भगवान से अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करें। इससे सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
इस पवित्र दिन पर मांस, शराब आदि का सेवन करना वर्जित माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में बाधाएं आती हैं।
किसी का अपमान न करें
इस दिन किसी भी व्यक्ति का अपमान करने से पितृदोष बढ़ सकता है और दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करें।
झूठ और बुरी संगत से बचें
अमावस्या तिथि को झूठ बोलना, छल-कपट करना और बुरी संगत में पड़ना अत्यंत अशुभ माना जाता है। इससे जीवन में नकारात्मकता आती है।
इस दिन पीपल और तुलसी के पौधे को बिना स्नान किए स्पर्श करना वर्जित होता है। संध्या समय ही पीपल के नीचे दीप जलाना चाहिए।
घर में कलह न करें
इस दिन परिवार में झगड़ा, विवाद या किसी भी प्रकार की नकारात्मक चर्चा करने से घर में अशांति उत्पन्न होती है और दुर्भाग्य बढ़ता है
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फाल्गुन अमावस्या को क्या करें?
पितरों का तर्पण और श्राद्ध करें
फाल्गुन अमावस्या को पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं। इससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
गंगा स्नान और दान करें
इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि संभव न हो, तो घर पर ही स्नान के बाद गंगाजल के छींटे लगाएं । स्नान के बाद अन्न, वस्त्र, गुड़, तिल, घी आदि का दान करें।
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भगवान शिव और विष्णुजी की पूजा करें
फाल्गुन अमावस्या पर भगवान शिव और श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं। इस दिन "ॐ नमः शिवाय" और "ॐ विष्णवे नमः" मंत्रों का जाप करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
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Falgun Amavasya 2025: फाल्गुन अमावस्या आज, जानें मंत्र से लेकर स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
काले तिल और दीपदान करेंइस दिन काले तिल का दान और जल में प्रवाह करने से पितृदोष का निवारण होता है। साथ ही, संध्या समय पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से जीवन की समस्याएं दूर होती हैं।
संकल्प लें और व्रत रखें
यदि संभव हो तो इस दिन व्रत रखें और सच्चे मन से भगवान से अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करें। इससे सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
फाल्गुन अमावस्या को क्या न करें?
मांस-मदिरा का सेवन न करेंइस पवित्र दिन पर मांस, शराब आदि का सेवन करना वर्जित माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में बाधाएं आती हैं।
किसी का अपमान न करें
इस दिन किसी भी व्यक्ति का अपमान करने से पितृदोष बढ़ सकता है और दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करें।
झूठ और बुरी संगत से बचें
अमावस्या तिथि को झूठ बोलना, छल-कपट करना और बुरी संगत में पड़ना अत्यंत अशुभ माना जाता है। इससे जीवन में नकारात्मकता आती है।
Phalgun Amavasya 2025: फाल्गुन अमावस्या आज, जानें स्नान दान का शुभ मुहूर्त
पीपल और तुलसी के पौधे को स्पर्श न करेंइस दिन पीपल और तुलसी के पौधे को बिना स्नान किए स्पर्श करना वर्जित होता है। संध्या समय ही पीपल के नीचे दीप जलाना चाहिए।
घर में कलह न करें
इस दिन परिवार में झगड़ा, विवाद या किसी भी प्रकार की नकारात्मक चर्चा करने से घर में अशांति उत्पन्न होती है और दुर्भाग्य बढ़ता है