फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   navratri 2018 importance of shardiya navratri festival in india

नवरात्रि 2018: जानें क्यों जरूरी है शक्ति की सााधना में माता गायत्री का अनुष्ठान

Mon, 08 Oct 2018 04:48 PM IST
डॉ. प्रणव पण्ड्या
डॉ. प्रणव पण्ड्या Updated Mon, 08 Oct 2018 04:48 PM IST
विज्ञापन
navratri 2018 importance of shardiya navratri festival in india
navratri 2018

मानवी काया की अयोध्या में नौ द्वार (इंद्रियां) हैं। नवरात्रि के दिनों में अनुष्ठान करते हुए एक-एक रात्रि में एक-एक इंद्री के बारे में विचार करते हुए, उन पर संयम और सामर्थ्य को उभारना है। यही शक्ति की साधना का मर्म है।  नवरात्र की साधना-उपासना ऋतुसंधि की वेला में की जाती है। ऋतुसंधि अर्थात जब दो ऋतुएं मिल रही हों। आश्विन में होने वाली नवरात्र के समय गर्मी जा रही होती है और सर्दी आ रही होती है। इसी तरह चैत्र नवरात्र के समय सर्दी जा रही होती है और गर्मी आ रही होती है। इन दिनों, नवरात्र के समय में सूक्ष्म जगत महान परिवर्तनों के दौर से गुजरता है। सूक्ष्म प्रकृति में प्राण-प्रवाह विशेष रूप से उमड़-घुमड़ रहा होता है। अतः नवरात्र के इन दिनों की गई साधना शरीर-मन के विक्षेप निष्कासन से लेकर दिव्य अनुदान ग्रहण करने तक के अवसर अनायास ही आ रहे होते हैं।

विज्ञापन


नवरात्रि से गायत्री अनुष्ठान का संबंध
संयम के बिना शरीर और उसके स्वामी की ऊर्जा इन छिद्रों से बहती और नष्ट होती रहती है। साधना द्वारा ऊर्जा के बिखराव-बहाव को बांधना है। नवरात्र के इन क्षणों और दिनों में अपनी चेतना के परिष्कार उत्कर्ष की दिशा में बढ़ता हुआ साधक चौबीस हजार गायत्री जप का अनुष्ठान करता है। प्रतिदिन का जप साधक की अपनी लगन के अनुसार तीन से चार घंटे में पूरा हो जाता है। श्रद्धा सामर्थ्य से होने वाली साधना के अच्छे परिणाम होते हैं, क्योंकि गायत्री शरीर, प्राण और अंतःकरण में दिव्य तत्वों को बढ़ाने वाली महाशक्ति है। किसी को थोड़ा असमंजस भी हो सकता है कि नवरात्र को दुर्गा उपासना से जोड़कर रखा है, फिर गायत्री अनुष्ठान का उससे क्या संबंध? वास्तव में दुर्गा महाकाली भी गायत्री महाशक्ति का ही एक रूप है। दुर्गा कहते हैं- दोष-दुर्गुणों, कषाय-कल्मषों को नष्ट करने वाली शक्ति को। उपासना का उद्देश्य है कि चेतना में जड़ जमाए बैठे दुर्गुण नष्ट हो जाएं। मनुष्य की पापमयी वृत्तियां ही महिषासुर हैं। इन्हीं प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाया जाता है। संस्कारी आत्मा को ही दुर्गा, महाकाली, गायत्री की शक्ति आदि नाम दिए गए हैं। प्राण चेतना परिष्कृत हो, तो यही शक्ति महिषासुर मर्दिनी बन जाती है।
विज्ञापन


नवरात्रि अनुशासन का तत्वदर्शन
साकार उपासना में सूर्य मध्यस्थ गायत्री या गुरु का अथवा निराकार उपासक सूर्य और उससे झरने वाली किरणों का गायत्री शक्ति के रूप में ध्यान करते हैं। वैसी भावभूमि बनने पर मातृभाव में ध्यान तुरंत लग जाता है, जप स्वतः होंठों पर चलता रहता है। उंगलियों में माला के मनके बढ़ते रहते हैं और ध्यान मातृसत्ता के स्नेह ऊर्जा की ओर, उसका पयपान करने में लगा रहता है। इस अवधि में आत्मचिंतन विशेष रूप से करना चाहिए। मन को चिंताओं से जितना खाली रखा जा सके, रखना चाहिए। अपनी नवरात्रि की साधना को प्रखर करने के लिए कुछ साधना-सूत्रों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। इनमें प्रमुख हैं- उपवास, ब्रह्मचर्य, कठोर बिछौने पर शयन करना, किसी से सेवा न लेना एवं दिनचर्या को पूर्णतया नियमित एवं अनुशासित रखना। नौ दिन के लिए इतना संयम नियम आसानी से निबाहा जा सकता है। इसके साथ मानसिक धरातल पर दिन भर उपासना के क्षणों के भाव-प्रवाह को बनाए रखने का प्रयास करें। अपने दैनिक कर्तव्य-दायित्व में संलग्न रहते हुए अधिक-से अधिक अपने इष्ट-चिंतन में निमग्न रहें। ईर्ष्या-द्वेष, परिचर्चा-निंदा आदि से दूर ही रहें। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपना मानसिक संतुलन बनाए रखें। विपरीत परिस्थितियों को आदिशक्ति जगत जननी मां का कृपा प्रसाद मानकर प्रसन्न रहने का प्रयास करें। सबके प्रति आत्मीयतापूर्ण सद्भाव रखें। सृष्टि के सभी प्राणी माता गायत्री की संतानें हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed