जानिए गुजरात में मोढेरा के सूर्य मंदिर की क्या है खासियत, प्रधानमंत्री मोदी ने खुद की इसकी तारीफ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गुजरात के मोढेरा स्थित सूर्य मंदिर का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियों में गुजरात के मोढेरा में स्थित सूर्य मंदिर की छटा बहुत निराली लग रही थी। बारिश में इस मंदिर का नाजारा देखने के लायक है। प्रधानमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडिल से इस वीडियो को साझा करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में यह मंदिर उत्कृष्ट दिखता है। एक नजर देखिए" गुजरात का प्रसिद्ध सूर्य मंदिर वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, यह मंदिर मेहसाणा जिले के मोढेरा गांव में पुष्पावती नदी के किनारे बना हुआ है। जानतें है कि क्या है इस मंदिर की खासियत..
यह सूर्य मंदिर प्रधानमंत्री मोदी के गृह राज्य गुजरात में स्थित है, यह बहुत प्राचीन मंदिर हैं, इसका एतिहासिक महत्व भी है। मोढेरा में स्थित सूर्य मंदिर का निर्माण 1026 ई. में सूर्यवंशी सोलंकी राजा भीमदेव प्रथम द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर ग्याहरवीं शताब्दी का है। इस मंदिर का निर्माण इस तरह से किया गया है कि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के समय तक इसपर सूर्य की किरणें पड़ती हैं। यह एक पहाड़ी पर स्थित है।
इस मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर बहुत सुंदर नक्काशी की गई है। इसकी दीवारों पर नक्काशी से पौराणिक कथाओं का चित्रण किया गया है। यह मंदिर तीन हिस्सों में विभाजित है। इस मंदिर में सूर्य कुंड, सभा मंडप और गूढ़ मंडप बना है, कुंड में जाने के लिए सीढ़ियों का निर्माण किया गया है।
यह मंदिर विश्वप्रसिद्ध है, इस मंदिर में वास्तुकला का अद्भुत नमूना देखने को मिलता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसको बनाने में चूने का प्रयोग नहीं किया गया है। राजा भीमदेव के द्वारा इस मंदिर का निर्माण करवाया गया था जिसमें सभामंडप और गर्भगृह आता है। सभा मंडप के आगे की ओर को एक कुंड बना हुआ है जिस सूर्यकुंड या रामकुंड कहा जाता है। यह एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल भी है। इसकी देख-रेख अब पुरातत्व विभाग के द्वारा की जाती है।