फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Mirabai jayanti 2023 date time krishna devotee mirabai life story in hindi

Mirabai Jayanti 2023: मीराबाई जयंती आज, जानिए मीरा कैसे हुईं कृष्ण के प्रेम में लीन

Sat, 28 Oct 2023 08:17 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Sat, 28 Oct 2023 08:17 AM IST
सार

Meera Bai Jayanti 2023: मीराबाई बचपन से ही भगवान कृष्ण की भक्ति में रम गई थीं। वे अपने पूरे जीवन काल में भगवान कृष्ण की भक्ति करती रहीं। आज भी मीराबाई की भक्ति के किस्से लोगों के याद रहते हैं।

विज्ञापन
Mirabai jayanti 2023 date time krishna devotee mirabai life story in hindi
मीराबाई जयंती 2023 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Meera Bai Jayanti 2023: भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों में मीराबाई का स्थान सर्वोच्च है। मीराबाई ने स्वयं को पूरी तरह से कृष्ण भक्ति में लीन कर लिया था। प्रत्येक वर्ष अश्विन मास की शरद पूर्णिमा के दिन मीराबाई की जयंती मनाई जाती है। इस बार मीराबाई जयंती 28 अक्तूबर 2023 को है। वैसे तो इनके जन्म समय का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिलता है, लेकिन कुछ मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि मीराबाई का जन्म 1448 के लगभग हुआ था। मीराबाई बचपन से ही भगवान कृष्ण की भक्ति में रम गई थीं। वे अपने पूरे जीवन काल में भगवान कृष्ण की भक्ति करती रहीं। आज भी मीराबाई की भक्ति के किस्से लोगों के याद रहते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं कि कैसे मीराबाई हुईं कृष्ण प्रेम में लीन और कैसा रहा उनका भक्ति सफर...

विज्ञापन


Chandra Grahan 2023: क्यों लगता है चंद्रमा पर ग्रहण? जानिए चंद्र ग्रहण से जुड़े 10 सवालों के जवाब
विज्ञापन


मीराबाई कैसे बनीं कृष्ण भक्त
एक मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि मीराबाई जब बाल्यकाल की अवस्था थीं तब उनके पड़ोस में किसी धनवान व्यक्ति के यहां बारात आई थी। सभी स्त्रियां छत पर खड़ी होकर बारात देख रही थीं। मीराबाई भी बारात देखने के लिए छत पर आ गईं। बारात को देख मीरा ने अपनी माता से पूछा कि मेरा दूल्हा कौन है, इस पर मीराबाई की माता ने उपहास में ही भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति की तरफ इशारा करते हुए कह दिया कि यही तुम्हारे पति हैं, यह बात मीराबाई के मन में एक गांठ की तरह समा गई और वे कृष्ण को ही अपना पति मानने लगीं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


मीराबाई का जीवन
मीराबाई जोधपुर, राजस्थान के मेड़वा राजकुल की राजकुमारी थीं। ये अपने पिता रतन सिंह की एकमात्र संतान थीं। मीराबाई जब छोटी थीं तभी उनकी मां का देहांत हो गया। इसके बाद उनके दादा राव दूदा उन्हें मेड़ता ले आए और यहीं पर मीराबाई का पालन-पोषण हुआ। मीराबाई ने बचपन से ही अपने मन में कृष्ण की छवि को बसा लिया था और जीवनभर उन्हें ही अपना सब कुछ मानकर उनकी भक्ति में लीन रहीं। मीराबाई ने कृष्ण को ही अपने पति के रूप में स्वीकार लिया था, इसलिए वे विवाह भी नहीं करना चाहती थी। हालांकि उनकी इच्छा के विरुद्ध राजकुमार भोजराज के साथ उनका विवाह कर दिया गया।
 
पति की मृत्यु के बाद और ज्यादा बढ़ गई मीरा की कृष्ण के प्रति भक्ति
मीराबाई के विवाह के कुछ समय बाद ही उनके पति का देहांत हो गया, जिसके बाद वे और भी ज्यादा कृष्ण भक्ति में लीन हो गईं। कहा जाता है कि उस समय लोगों ने मीराबाई को उनके पति के साथ सती करना चाहा, लेकिन वे इसके लिए नहीं मानी क्योंकि वे कृष्ण को अपना पति मानती थीं। यह भी कहा जाता है कि इसी कारण उन्होंने अपना श्रृंगार भी नहीं उतारा। इसके बाद मीराबाई की अनुपस्थिति में ही उनके पति का अंतिम संस्कार कर दिया गया।


Sharad Purnima 2023: चंद्र ग्रहण के साए में शरद पूर्णिमा, जानें खुले आसमान में खीर रखें या नहीं

मीराबाई के पति का देहांत होने के बाद उनकी भक्ति दिनों-दिन बढ़ती चली गई। वे मदिर में जाकर इतनी लीन हो जाती थीं कि श्रीकृष्ण की मूर्ति के सामने घंटों तक नाचती रहती थीं। मीराबाई की कृष्ण के प्रति इतनी भक्ति उनके ससुराल वालों को अच्छी नहीं लगती थी। इसलिए उन्हें कई बार मारने का प्रयास भी किया गया। कभी विष देकर तो कभी जहरीले सांप के द्वारा। परंतु श्रीकृष्ण की कृपा से मीराबाई को कुछ नहीं हुआ।  

कृष्ण की मूर्ति में समा गई मीराबाई
कई बार मीराबाई के मारने का प्रयास किया, इसके बाद वे वृंदावन और फिर वहां से द्वारिका चली आईं। इसके बाद वे साधु-संतों के साथ रहने लगीं व कृष्ण की भक्ति में रमी रहीं। मीराबाई की मृत्यु के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने जीवन भर भगवान कृष्ण की भक्ति की और अंत समय में भी वे भक्ति करते हुए कृष्ण की मूर्ति में समा गई थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed