{"_id":"8429f85f3c4499598a537f242d9751b7","slug":"mauni-amavasya-snan-vrat-importance","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिस दिन हुआ था धरती का पहला मनुष्य पैदा","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
जिस दिन हुआ था धरती का पहला मनुष्य पैदा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 30 Jan 2014 11:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुराणों में धरती का सबसे पहला मनुष्य मनु को बताया गया है। इनका जन्म माघ मास की कृष्ण पक्ष की अमवस्या को हुआ था। माना जाता है कि मनाली ही वह स्थान है जहां से मनु ने मनुष्य की वंश परंपरा को आगे बढ़ाया। इसलिए मनाली में इनका जन्मदिवस धूम-धाम और धार्मिक उत्साह से मनाया जाता है।
विज्ञापन
पं. मुरली झा बताते हैं कि सृष्टि के प्रथम मनुष्य का जन्मदिवस प्रत्येक मनुष्य के लिए आदरणीय है। जाने-अनजाने हमारे मुंह को कोई अपशब्द न निकले इसलिए इसदिन मौन धारण करने की बात शास्त्रों में कही गयी है। बहुत से लोग इस दिन से कम बोलने की शपथ भी लेते हैं। इसलिए इस दिन को मौनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।
विज्ञापन
पढ़ें, फरवरी महीने का राशिफल विस्तार से
विज्ञापन
जो लोग पूरे दिन मौन नहीं रह सकते उन्हें प्रातः सूर्योदय से पूर्व उठकर कुछ बोलने से पहले स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद भगवान की पूजा करके मनु महाराज का ध्यान करना चाहिए।
पढ़ें, 2014 में शनि करेंगे किसे परेशान और किस पर रहेंगे मेहरबान
मौनी अमावस्या को गंगा, यमुना एवं अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने का शास्त्रों में बड़ा महात्म्य बताया गया है। सोमवार के दिन मौनी अमावस्या पड़ने पर सबसे उत्तम माना जाता है। जिस वर्ष मौनी अमावस्या रविवार के दिन पड़ता है, उस दिन बहुत ही खास याोग बनता है।
पढ़ें, अचानक नहीं आई, गांधी जी को पहले से पता था आने वाली है मौत
शास्त्रों में बताया गया है कि रविवार के दिन मौनी अमवस्या हो और साथ में व्यतिपात योग एवं श्रवण नक्षत्र होने पर अर्धोदय योग बनता है। इस योग में सभी नदियां, सरोवर एवं तलाब का पानी गंगाजल के समान पवित्र हो जाता है।