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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Mauni Amavasya 2022 When is Mauni Amavasya Know Date Muhurat and Significance

Mauni Amavasya 2022: कब है मौनी अमावस्या? जानें तिथि, मुहूर्त एवं महत्व

Sat, 22 Jan 2022 09:00 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sat, 22 Jan 2022 09:00 AM IST
सार

Mauni Amavasya 2022: मौनी अमावस्या 1 फरवरी को पड़ रही है। हिंदू धर्म में इस मास को बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है। माघ के महीने में स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व बताया गया है। 
 

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Mauni Amavasya 2022 When is Mauni Amavasya Know Date Muhurat and Significance
Mauni Amavasya 2022 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Mauni Amavasya 2022: माघ मास आरंभ हो चुका है।  हिन्दू पंचांग के अनुसार, माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या होती है। मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहते हैं।  सभी अमावस्याओं में मौनी अमावस्या का विशेष स्थान है। मौनी अमावस्या 1 फरवरी को पड़ रही है। हिंदू धर्म में इस मास को बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है। माघ के महीने में स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व बताया गया है। मौनी अमावस्या के दिन विधि-विधान से भगवान का पूजन करते हैं, लेकिन इस दिन पूजा-पाठ के भी कुछ नियम होते हैं।  आइए जानते हैं मौनी अमावस्या के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व और व्रत के नियम के बारे में-  

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Mauni Amavasya 2022 When is Mauni Amavasya Know Date Muhurat and Significance
Mauni Amavasya 2022 - फोटो : prayagraj

मौनी अमावस्या 2022 तिथि और मुहूर्त 
मौनी अमावस्या की तिथि आरंभ:
31 जनवरी, सोमवार, रात्रि  02: 18 मिनट से 
मौनी अमावस्या की तिथि समाप्त: 01 फरवरी,मंगलवार प्रातः 11: 15 मिनट तक
स्नान आदि सूर्योदय के समय से होता है, इसलिए मौनी अमावस्या 01 फरवरी को है। 

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Mauni Amavasya 2022 - फोटो : prayagraj

मौनी अमावस्या का महत्व
हिन्दू मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान का विधान है। इसके उपरांत व्रत किया जाता है। मौनी अमावस्या के दिन लोग मौन व्रतधारण करते हैं।  मौन व्रत के दौरान लोग प्रभु की भक्ति में लीन रहते हैं, ध्यान लगाते हैं। ऐसा करके भक्त आध्यात्म की ओर बढ़ते हैं। मौनी अमावस्या के दिन श्रद्धालु स्नान के बाद पितरों को तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान आदि कर्म करते हैं। यदि कोई व्यक्ति पितृ दोष से ग्रसित है तो उन्हें अमावस्या के दिन ये सब उपाय करने चाहिए। 

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Mauni Amavasya 2022 - फोटो : अमर उजाला

मौनी अमावस्या के व्रत नियम 

  • ब्रह्ममुहूर्त या शाम को स्नान के पहले व्रत का संकल्प लें। 
  • ब्रह्ममुहूर्त में गंगा नदी, सरोवर या पवित्र कुंड में स्नान करें। 
  • स्नान करने के उपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण करें और जल में काले तिल सूर्य देव को अर्घ्य दें। 
  • सूर्य को अर्घ्य देने के उपरांत मंत्र जाप करें और दान आदि करें। 
  • श्रद्धालु अनाज, वस्त्र, तिल, आंवला, कंबल, पलंग, घी और गौ शाला में गाय के लिए भोजन दान कर सकते हैं।
  • मौनी अमावस्या के दिन व्रत रखकर यदि संभव हो मौन व्रत धारण करें। 
  • मौनी अमावस्या के दिन क्रोध न करें। 
  • किसी को अपशब्द न कहें। 
  • मौनी अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं को ईश्वर की भक्ति में लीन रहना चाहिए।  
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