फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   mahashivratri 2020 shivratri festival puja vidhi

Mahashivratri 2020: भगवान शिव के अभिषेक और पूजा से दूर होंगे घर के सारे वास्तुदोष

Wed, 19 Feb 2020 11:19 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन, वास्तुविद्
अनीता जैन, वास्तुविद् Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 19 Feb 2020 11:19 AM IST
विज्ञापन
mahashivratri 2020 shivratri festival puja vidhi
महाशिवरात्रि 2020

Mahashivratri 2020 : शास्त्रों का कथन है कि 'शिवः अभिषेक प्रियः' अर्थात कल्याणकारी शिव को अभिषेक अत्यंत प्रिय है। समस्त मनोरथों को पूर्ण करने की शक्ति शिवलिंग के अभिषेक में समाहित है। ब्रह्म का विग्रह रूप ही शिव हैं। ''रुतम -दुःखम द्रावयति-नाशयतीति रुद्रः' यानि भगवान शिव सभी दुखों को नष्ट कर देते हैं। ईश्वर,शिव,रूद्र,शंकर,महादेव आदि सभी ब्रह्म के ही पर्यायवाची शब्द हैं। इन शिव की शक्ति शिवा है। इनमें सतोगुण सृष्टि के पालक श्री विष्णु,एवं रजोगुण सृष्टिकर्ता ब्रह्मा हैं। श्वास वेद हैं एवं सूर्य-चंद्र नेत्र व वक्षस्थल तीनों लोक और चौदह भुवन हैं। विशाल जटाओं में सभी नदियों, पर्वतों और तीर्थों का वास हैं, जहाँ सृष्टि के सभी ऋषि,मुनि,योगी आदि तपस्या में लीन रहते हैं। इसलिए शिवलिंग का पूजन-अभिषेक करने से सभी देवी-देवताओं के अभिषेक का फल उसी क्षण प्राप्त हो जाता है।

विज्ञापन


कामनानुसार करें अभिषेक-

  • शिव पुराण में बताया गया है कि शिव को अर्पित किए जाने वाले द्रव्यों के लाभ भी अलग-अलग होते हैं।
  • विवाह की इच्छा रखने वालों को दूध,बेलपत्र,गंगाजल,शमीपत्र,नारियल पानी, भांग, खोये की मिठाई तथा गुलाबी रंग के गुलाल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।
  • विज्ञापन
  • ज्वर में जो मनुष्य प्रलाप करने लगता है,उसकी शांति के लिए जलधारा शुभकारक बताई गई है। इसके आलावा जल से अभिषेक करने पर मनुष्य को सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। 
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • दूध से उत्तम संतान की प्राप्ति एवं जब तन-मन में अकारण ही उच्चाटन होने लगे,कहीं भी प्रेम न रहे, दुःख बढ़ जाए एवं घर में सदैव कलह रहे तब भोले नाथ पर दूध की धारा चढ़ाने से सारा दुःख नष्ट हो जाता है।
  • गन्ने के रस से यश,मनोनुकूल पति/पत्नी,शहद से कर्जमुक्ति,कुश के जल से रोगमुक्ति,पंचामृत से अष्टलक्ष्मी व तीर्थों के जल से मोक्ष की प्राप्ति होती है। 
  • इसी प्रकार चन्दन मिश्रित जल चढाने से व्यक्तित्व आकर्षक होता है। 
  • भांग चढाने से बुराइयां और मन के विकार दूर होते हैं।कुशाग्र बुद्धि के लिए विद्यार्थियों को शर्करा मिश्रित दुग्ध की धारा चढ़ानी चाहिए।गंगाजल से अभिषेक करने पर भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है। सुबासित तेल से पूजा करने पर सारा दुःख नष्ट हो जाता है।

 शिव पूजा से वास्तुदोष निवारण-

  • भगवान शिव ऐसे देव हैं जिनकी पूजा-आराधना से वास्तुदोषों का शमन होता है। जिन भवनों में वास्तुदोष हो वहां सुख-शांति के लिए शिवलिंग पर अभिषेक करने के उपरान्त जलहरी के जल को घर लाकर उससे 'ॐ नमः शिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय ' ये मंत्र जपते हुए पूरे भवन में छिड़काव करना चाहिए। ऐसा करने से वहां उपस्थित सभी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं।
  • कार्य में विघ्न-बाधा, आपसी कलह, रोग आदि परेशानियों को दूर करने के लिए घर के उत्तर-पूर्व (ईशान)या ब्रह्म स्थान में रुद्राभिषेक करना शुभ परिणाम देगा।
  • घर-परिवार पर भगवान शिव की कृपा बनी रहे, धन का आगमन हो इसके लिए घर की पूर्व या उत्तर-पश्चिम (वायव्य)दिशा में बिल्व का पेड़ लगाएं और उसको नियमित रूप से जल दें एवं शाम के समय इसके नीचे घी का दीपक जलाएं।
  • उत्तर-पूर्व दिशा ईश की दिशा मानी गई है, सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह एवं शुद्ध विचारों में वृद्धि के लिए यहाँ शिव परिवार की तस्वीर लगाने से शुभ फलों में वृद्धि संभव है।
  • वास्तु दोषों से उत्पन्न अकारण भय, परेशानी आदि के निवारण के लिए तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री रुद्राष्टकम का पाठ किया जाना सकारात्मक परिणाम देगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed