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Janmashtami 2021: इस कारण भगवान विष्णु जी ने लिया था श्रीकृष्ण के रूप में अवतार
Mon, 30 Aug 2021 01:19 PM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रुस्तम राणा
Updated Mon, 30 Aug 2021 01:19 PM IST
सार
भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध में अर्जुन को यह बताया था कि जब जब धरती पर पाप बढ़ेगा। धर्म का नाश होगा। साधु-संतों का जीना मुश्किल हो जाएगा उस समय धर्म की स्थापना के लिए भगवान विष्णु अवतरित होंगे।
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जन्माष्टमी 2021
- फोटो : iStock
विस्तार
जन्माष्टमी पर्व भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव है और यह पर्व आज देशभर में मनाया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण के भक्त इस पर्व को बड़ी धूमधाम के साथ मनाते हैं। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रोहिणी नक्षत्र और वृष लग्न में हुआ था। भगवान श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं। वे वसुदेव और देवकी के पुत्र थे। मथुरा कारावास में उनका जन्म हुआ था और गोकुल में यशोदा और नन्द के यहां उनका लालन पालन हुआ था। जगत के पालन ने भगवान विष्णु जी ने श्रीकृष्ण के रूप में क्यों अवतार लिया, आखिर इसके पीछे का महत्व क्या था?
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भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में हुआ था। हालांकि भगवान हर युग में जन्म लेते हैं। द्वापर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म क्यों हुआ था इस बात को स्वयं लीलाधर ने गीता के एक श्लोक में बताया है जो इस प्रकार है -
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यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युथानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।
परित्राणाय साधुनां विनाशाय च दुष्कृताम्। धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे।।
इस श्लोक में श्रीकृष्ण ने अपने अवतरित होने के कारण को बताया है। भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध में अर्जुन को यह बताया था कि जब जब धरती पर पाप बढ़ेगा। धर्म का नाश होगा। साधु-संतों का जीना मुश्किल हो जाएगा उस समय धर्म की स्थापना के लिए भगवान विष्णु अवतरित होंगे।
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इस बात को तुलसीदास जी ने अपने एक दोहे की चौपाई में कहा है जो इस प्रकार है- जब जब होई धरम की हानि, बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी, तब-तब प्रभु धरि विविध सरीरा, हरहिं कृपानिधि सज्जन पीरा। अर्थात जब-जब धर्म का ह्रास होता है और अभिमानी राक्षस प्रवृत्ति के लोग बढ़ने लगते हैं तब तब कृपानिधान प्रभु भांति-भांति के दिव्य शरीर धारण कर सज्जनों की पीड़ा हरते हैं। श्रीकृष्ण ने कंस, शिशुपाल, जरासंध आदि दुष्टों और इनके अत्याचारों से समाज को छुटकारा दिलाया। पूरे जगत को गीता का ज्ञान देने के लिए वो इस संसार में आए।
भगवान विष्णु के दस अवतार हैं :
- मत्स्य
- कूर्म
- वराह
- नरसिंह
- वामन
- परशुराम
- राम
- कृष्ण
- बुद्ध
- कल्कि