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आज से खरमास शुरू, एक महीने तक भूलकर भी न करें ये 3 काम
Sun, 16 Dec 2018 01:25 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 16 Dec 2018 01:25 PM IST
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16 दिसंबर से खरमास का महीने जिसे मलमास भी कहा जाता है शुरू हो रहे हैं। ज्योतिष के अनुसार जब भी सूर्य गोचर करते हुए धनु और मीन राशि में जाते हैं तब उन महीनों को मलमास कहा जाता है। यह अवधि ज्योतिष में शुभ नहीं मानी जाती है। दरअसल इस समय सूर्य वृश्चिचक राशि को छोड़कर धनु राशि में प्रवेश करते हैं। मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की नवमी से मलमास शुरू हो जाएगा और 14 जनवरी 2019 पौष शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि तक रहेगा।
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खरमास की कथा
भगवान सूर्यदेव सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर लगातार ब्रह्मांड की परिक्रमा करते रहते हैं। एक बार उनके घोड़े लगातार चलने और विश्राम न मिलने के कारण भूख-प्यास से बहुत थक गए थे। भगवान सूर्यदेव उन्हें एक तालाब के किनारे ले गये लेकिन उन्हें तभी यह भी आभास हुआ कि अगर रथ रूका तो अनर्थ हो जायेगा। लेकिन तालाब के किनारे दो गधे मौजूद थे।
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भगवान सूर्यदेव घोड़ों को पानी पीने व विश्राम देने के लिये छोड़ देते हैं और गधों को अपने रथ में जोड़ लेते हैं। जिसके कारण रथ की गति धीमी हो जाती है फिर भी जैसे तैसे एक मास का चक्र पूरा होता है तब तक घोड़ों को भी विश्राम मिल चुका होता है इस तरह यह क्रम चलता रहता है और हर सौर वर्ष में एक सौर मास खर मास कहलाता है।
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इस महीने सूर्य देवता के रथ को घोड़ों की जगह गधे खिंचते हैं। रथ की गति धीमी होने के कारण ही इस मास में अत्यधिक सर्दी भी पड़ती है। शास्त्रों के अनुसार इस दौरान कुछ काम नहीं करना चाहिए।
मलमास में वर्जित है ये 3 काम
- इस पूरे महीने तक विवाह, सगाई, ग्रह-प्रवेश जैसे शुभ और मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए।
- वहीं दूसरी और नई चीजें जैसे नया घर, नई कार की खरीददारी भी नहीं करनी चाहिए।
- खरमास के समय किसी से विवाद करने से बचना चाहिए और अपने गुरुओं और बड़ों का आदर करना चाहिए।