Karwa Chauth 2022: करवा चौथ की रात सुहागिन महिलाएं क्यों देखती हैं ‘छलनी’ से चांद ?
चंद्र पूजन का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा को लंबी आयु का वरदान प्राप्त है। मान्यता है कि चंद्रमा ब्रह्मा जी का रूप माना जाता है। चंद्रमा सुंदरता और प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है। उनकी पूजा करने से दीर्घायु प्राप्त होती है। यही कारण है कि करवा चौथ के व्रत में महिलाएं छलनी से चांद को देखकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती है।
छलनी से जुड़ी पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन काल में एक साहूकार के 7 बेटे और 1 बेटी थी। एक बार साहूकार की बेटी ने अपने पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा लेकिन अत्यधिक भूख की वजह से उसकी हालत खराब होने लगी। जब सातों भाइयों ने अपनी बहन को भूख से तड़पता देखा तो उन्होंने उसे खाना खाने को कहा। लेकिन साहूकार की बेटी ने खाना खाने से मना कर दिया।
लेकिन इंद्राणी ने उन्हें चौथ की पूजा और व्रत करने को कहा और छलनी से पहले चांद देखने के बाद पति को देखें। ऐसी मान्यता है कि तभी से अपने हाथ में छलनी लेकर बिना छल-कपट के चांद को देखने के बाद पति के दीदार की परंपरा शुरू हुई।