Guruwar Vrat: गुरुवार का व्रत रखने से पहले जान लें जरूरी नियम, पूर्ण होगी हर मनोकामना
भगवान विष्णु की पूजा से जीवन में चल रहे दुखों का अंत हो जाता है और अपार सुख की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए जानत लेते हैं गुरुवार व्रत के खास नियम...
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Guruwar Vrat: हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को जगत का पालनहार माना जाता है। भगवान विष्णु को नारायण और श्री हरि के नाम से भी जाना जाता है। गुरुवार के दिन भक्त विष्णु जी की पूजा अर्चना करते हैं। बृहस्पतिवार के दिन विष्णु जी की पूजा और आराधना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस दिन बहुत से मंदिरों में श्रीमद्भागवत गीता का पाठ भी किया जाता है। बृहस्पतिवार को पूजा पाठ करके भक्त पुण्य प्राप्त करते है।
ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा से जीवन में चल रहे दुखों का अंत हो जाता है और अपार सुख की प्राप्ति होती है। लेकिन इस व्रत का फल पाने के लिए जरूरी है कि इस व्रत से जुड़े जरूरी नियम आपको पता हैं। यदि इन नियमों का पालन नहीं किया गया, तो व्रत असफल भी हो सकता है। ऐसे में आइए जानत लेते हैं गुरुवार व्रत के खास नियम...
गुरुवार का व्रत कैसे करें?
- गुरुवार का व्रत श्री हरि विष्णु जी के लिए रखा जाता है। इस व्रत का फल पाने के लिए कोई भी व्यक्ति इस दिन व्रत रख सकता है।
- हिंदू धर्म के अनुसार, 16 गुरुवार व्रत करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामना पूरी हो जाती है।
- इस दिन व्रत करने के लिए सबसे पहले सुबह स्नान के पश्चात व्रत कथा का पाठ जरूर करें।
- इस दिन पीले रंग का बड़ा महत्व बताया गया है। पीला रंद भगवान विष्णु को अति प्रिय है।
- इसलिए आप इस दिन पीला वस्त्र धारण करें।
- इस दिन आप पीली चीजों का दान भी कर सकते हैं, जैसे चने की दाल या केला।
- व्रत के दौरान आप विष्णु जी के मंत्र का 21 बार जाप करें।
- बृहस्पतिवार के दिन भगवान विष्णु का केले के पेड़ की जड़ में विधिपूर्वक पूजन करना चाहिए।
- पूजा करते समय केले के पेड़ पर जल अर्पित करें और दीपक जलाएं। साथ भी भगवान को चने की दाल, हल्दी और गुड़ आदि अर्पित करें।
- आप गुरुवार का व्रत संतान,दम्पति, बुद्धि और शिक्षा प्राप्ति के लिए कर सकते हैं।
- अगर आपके विवाह में देरी हो रही हो तो भी आप गुरुवार का व्रत कर सकते हैं। ऐसा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर हो जाएंगी।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।