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किसी भी रूप में आ सकते हैं भगवान

सद्गुरु Updated Fri, 23 Feb 2018 05:13 PM IST
god can appear in any form in front of you
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एक योगी थे, मंदिर के प्रांगण में बैठे रहते थे। लोगों ने उन्हें पूजना शुरू कर दिया। योगी कभी पागलों की तरह हरकतें करते, तो कभी शांत हो जाते। एक व्यक्ति जो रोजाना मंदिर आता था, उसने देखा की अगर कोई योगी को खाने के लिए कुछ न दे, तो वह कई दिनों तक खाना नहीं खाते। वह रोजाना उनके लिए खाना लेकर आता और उनके खाने का इंतजार करता।
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कुछ सालों तक यही क्रम चलता रहा। एक दिन योगी को उस आदमी पर स्नेह आया और उन्होंने प्यार से कहा-‘कल से तुम्हें यहां आने की कोई जरूरत नहीं है। मैं खुद तुम्हारे घर आ जाऊंगा।' अगले दिन उस व्यक्ति ने खाना तैयार किया और योगी का इंतजार करने लगा। वहां एक कुत्ता आया और खाने के पास जाने की कोशिश करने लगा। उस व्यक्ति ने कुत्ते को कई बार भगाया और डंडे से उसकी पिटाई कर दी।

कुत्ता वहां से चला गया। शाम तक इंतजार के बाद भी योगी नहीं आए। जब उस व्यक्ति ने मंदिर जाकर देखा तो योगी वहीं बैठे थे। उसने पूछा, ‘महाराज, आपने कहा था कि घर आएंगे'? योगी ने जवाब दिया, 'मैं आया था। तुमने मुझे गाली दी और मुझे मारा भी।' तब उस आदमी को वह कुत्ता याद आया, उसने योगी से क्षमा मांगी। जरूरी नहीं है कि गुरु या प्रभु हमेशा सुंदर हंस के रूप में आएं। वह किसी भी रूप में आ सकते हैं। अगर आप किसी खास रूप या अनुभव से लगाव बना लेते हैं, तो असली अनुभव से वंचित रह जाते हैं। 

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