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Ganesh Chaturthi 2020: कोरोना काल में ऐसे करें गणेशजी का पूजन, जानिए शुभ मुहूर्त और विधि

Wed, 19 Aug 2020 01:07 AM IST
मुकेश कुमार डिजिटल डेस्क, अमर उजाला, आगरा
डिजिटल डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 19 Aug 2020 01:07 AM IST
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ganesh chaturthi 2020 shubh muhurat pujan vidhi in hindi
ganesh chaturthi 2020
गणेश चतुर्थी का पर्व 22 अगस्त (शनिवार) को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष शनिवार को भाद्र शुक्ल चतुर्थी को हस्त नक्षत्र, साध्य योग, वणिज करण, कन्या राशि के चन्द्रमा, सिंह राशि के सूर्य व धनु राशि के गुरु में मध्यान्ह काल में श्री गणेश घर-घर में विराजेंगे। इसके साथ 10 दिवसीय गणेश महोत्सव का शुभारंभ हो जाएगा। 
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ज्योतिषाचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि आज से लगभग सवा सौ वर्ष पूर्व 1893 में लोकमान्य तिलक ने सार्वजनिक गणेश महोत्सव की नींव डाली थी। पहली बार वैश्विक महामारी कोरोना के कारण सार्वजनिक पंडालों में गणेश स्थापना नहीं होगी। गणपति बप्पा घर-घर विराजेंगे। सुबह से शाम तक श्रीगणेश स्थापना, पूजन अर्चन के विविध मुहूर्त हैं। 
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प्रातः7 बजकर 41 मिनट से 9 .15 बजे तक शुभ, दोपहर 12.30 से 2.05 तक चर, दोपहर 2.05 से 3.40 तक लाभ, 3.40 से शाम 5.15 तक अमृत, शाम 6.52 से रात 8.17 तक लाभ की बेला में श्रीगणेश स्थापना और पूजन सुख, शांति व समृद्धि प्रदान करेगा। 
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गणेश स्थापना का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त  दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से 2 बजकर 05 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि में श्री गणेश प्राकट्य काल, मध्यान्ह, अभिजीत  काल, चंचल का चौघड़िया, वृश्चिक स्थिर लग्न रहेगा, जो चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति में सहायक होगा।  

ऐसे करें गणेशजी को प्रसन्न

ज्योतिषाचार्य के अनुसार गणेशजी को प्रसन्न करने के लिए चंदन, सुगन्धित इत्र, यज्ञोपवीत, दूर्वांकुर, सिंदूर, मोदक का नैवेद्य, पान, सुपारी, लोंग, इलायची, धूप, शुद्ध घी का दीपक लगाकर आरती अवश्य करें। इससे गणपति बप्पा की वर्षभर कृपा बनी रहती है। गणेशजी को तुलसी पत्र न चढ़ाएं। रात को चंद्रमा के दर्शन भूलकर भी न करें। 

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि गणेशजी की पूजा सिद्धि व बुद्धि के साथ ही करें। पूजा स्थल शुद्ध और पवित्र हो। संभव हो सके तो प्रतिमा ईशान कोण में ही स्थापित करें। घर में नौ इंच ( अंगुष्ठ पर्व से वितस्ति पर्यंत ) से बड़ी प्रतिमा स्थापित नहीं करें। पार्थिव गणेश प्रतिमा के पूजन का ही महत्व धर्मशास्त्रों में बताया गया है। 

घर में तीन गणेश प्रतिमा एक स्थान पर नहीं रखें। प्रतिदिन पूजा के साथ मोदक का भोग अवश्य लगाएं। इस प्रकार जो गणेशजी की पूजा अर्चना करता है उसे कभी विघ्न नहीं होता। इस वर्ष पूजन के साथ भगवान गणेश से कोरोना महामारी के सर्वनाश के लिए प्रार्थना करें। 
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