Chaitra Navratri 2021 : अष्टमी और नवमी के दिन है हवन का विधान, ये है पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट और विधि
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प्रत्येक वर्ष चैत्र मांस की शुक्ल पक्ष नवरात्रि में पड़ने वाली अष्टमी तिथि का बहुत महत्व होता है। इस बार चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि 20 अप्रैल 2021 यानि कल पड़ रही है। इस दिन मां दुर्गा के अष्टम स्वरूप मां महागौरी की पूजा का विधान है। इसके अगले दिन 21 अप्रैल 2021 को नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री का पूजन किया जाएगा। अष्टमी तिथि पर हवन और नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया जाता है लेकिन कई लोग अष्टमी तिथि को ही हवन और कन्या पूजन करते हैं तो कई लोग नवमी तिथि को हवन और कन्या पूजन करते हैं। हवन में बहुत सारी पूजा सामग्री लगती है इसलिए पहले से ही सारी सामग्री इकट्ठा करके रख देनी चाहिए ताकि पूजा करते समय किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न न हो। चलिए जानते हैं हवन सामग्री की पूरी लिस्ट और विधि।
हवन के लिए कोई पात्र या हवन कुंड
अग्नि प्रज्वलित करने के लिए आम की लकड़ी
आम या पान के पत्ते
पीपल का तना
छाल, बेल, नीम
गूलर की छाल
चंदन की लकड़ी
अश्वगंधा, मुलैठी की जड़
अक्षत यानि साबुत चावल, रोली
लौंग, कपूर, पूजा की सुपारी, तिल
हरी इलायची, पूजा का जायफल, कलावा
शक्कर, मिष्ठान, शहद
पंचमेवा, फल, फूल, जौ
जटाधारी नारियल, सूखा गोला
गाय का शुद्ध घी, रुई, धूपबत्ती, सूखी धूप
- प्रात: काल जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ- स्वच्छ वस्त्र पहन लें।
- किसी स्वच्छ स्थान पर पूजा के लिए आसन बिछाएं और हवन कुंड स्थापित करें।
- यदि विवाहित हैं तो हवन के समय पति- पत्नी को साथ में बैठना चाहिए।
- यदि स्वयं हवन कर सकते हैं तो हवन कुंड में आम के पेड़ की लकड़ी रखें और फिर कपूर देशी घी से अग्नि प्रज्जवलित करें।
- हवन की सारी सामग्री को एक साफ पात्र में मिला लें।
- इसके बाद हवन कुंड में सभी देवी- देवताओं के नाम की आहुति दें।
- पौराणिक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कम से कम 108 बार या इससे अधिक आहुति देनी चाहिए।
- हवन के पूर्ण हो जाने के बाद सभी परिवारजन खड़े होकर आरती करें।
- इसके बाद भगवान को मिष्ठान का भोग लगाएं।