Budget 2023: बजट में प्राचीन ग्रंथों को संरक्षित रखने की हुई बात, जानिए भारत का सबसे पुराना ग्रंथ कौन सा है
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा कि प्राचीन ग्रंथों को संरक्षित रखने के लिए काम किया जाएगा। ऐसे में चलिए जानते हैं कि धर्म ग्रंथ किसे कहते हैं और भारत का सबसे पुराना ग्रंथ कौन सा है...
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Union Budget 2023: 01 फरवरी 2023 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश कर दिया है। इस बजट में उन्होंने कई बड़े एलान किए। इस बजट में उन्होंने करदाताओं को सबसे बड़ी राहत दी है। वित्त वर्ष 2023-24 का आम बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि 7 लाख रुपये तक की कुल कमाई करने वालों को अब कोई टैक्स नहीं देना होगा। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने सप्तर्षि का भी जिक्र किया। उन्होंने समावेशी विकास, वंचितों को वरीयता, बुनियादी ढांचे और निवेश, क्षमता विस्तार, हरित विकास, युवा शक्ति, और वित्तीय क्षेत्र को इस बजट का सप्तर्षि बताया। इसके साथ ही उन्होंने प्राचीन ग्रंथों के बारे में जिक्र किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा कि प्राचीन ग्रंथों को संरक्षित रखने के लिए काम किया जाएगा। ऐसे में चलिए जानते हैं कि धर्म ग्रंथ किसे कहते हैं और भारत का सबसे पुराना ग्रंथ कौन सा है...
Union Budget 2023: कौन हैं सप्तऋषि, बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने क्यों लिया नाम? जानें इनके बारे में
धर्म ग्रंथ क्या है ?
धर्म ग्रंथ किसी भी पंथ, मजहब अथवा सम्प्रदाय का मुख्य साहित्य होता है।
भारत के सबसे प्राचीन ग्रंथ कौन से हैं?
भारत के सबसे पुराने ग्रंथों की बात करें तो सबसे पहले चारों वेदों नाम आता है। ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद तथा साम वेद सनातन धर्म के मूल ग्रंथ हैं, जो किसी एक ग्रंथाकार ने नहीं लिखे, बल्कि कई परम ज्ञानी ऋषि मुनियों के अनुसंधान तथा उनकी अनुभूतियों का संकलन हैं। वेदों में देवी-देवताओं, प्राकृतिक शक्तियों और औषधियों को संबोधित कर के उनका विस्तार से जिक्र किया गया है।
महाकाव्य
प्राचीन ग्रंथों में महाकाव्य का भी अहम स्थान है। भारत में कई महाकाव्य लिखे गए हैं। उनमें रामायण तथा महाभारत का विशेष स्थान है, क्योंकि रामायण और महाभारत ने भारत के जन जीवन तथा उसकी विचारधारा को अत्यधिक प्रभावित किया है। रामायण ऋषि वाल्मीकि की रचना है, जिसमे मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के बारे में वर्णन मिलता है। वहीं महाभारत महर्षि वेदव्यास द्वारा लिखित है।
पुराण
पुराण भी भारत के प्राचीनतम ग्रंथों में से एक हैं। इसमें हिंदू देवी-देवताओं और पौराणिक कथाओं का वर्णन मिलता है। हिंदू धर्म में कुल 18 पुराण हैं, जिनके नाम- ब्रह्म पुराण, पद्म पुराण, विष्णु पुराण, वायु पुराण, भागवत पुराण, नारद पुराण, मार्कण्डेय पुराण, अग्नि पुराण, भविष्य पुराण, ब्रह्म वैवर्त पुराण, लिङ्ग पुराण, वराह पुराण, स्कन्द पुराण, वामन पुराण, कूर्म पुराण, मत्स्य पुराण, गरुड़ पुराण, ब्रह्मांड पुराण हैं।