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देवी बगलामुखी जयंती पर अनुष्ठान कराने का आखिरी मौका, मात्र तीन घंटे शेष
Fri, 01 May 2020 12:03 PM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Fri, 01 May 2020 12:03 PM IST
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मां दुर्गा के दस महाविद्या स्वरूपों में से एक स्वरूप मां बगलामुखी का भी है। इन्हें पीताम्बरा और ब्रह्मास्त्र भी कहते हैं। हिंदु पंचांग के बैसाख माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मां बगलामुखी की जयंती के पर्व के रूप में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि सौराष्ट्र में प्रकट महातूफान को शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने इनकी तपस्या की थी। दस महाविद्याओं में से एक होने के कारण ये अचूक सिद्धि की दात्री देवी हैं। इन दसों महाविद्याओं की कथा अति रोचक है जो कि इस प्रकार है-
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श्री देवी भागवत पुराण के अनुसार आदिशक्ति मां दुर्गा के 10 महाविद्या रूप हैं जिन्हें माता पार्वती का ही रूप माना जाता है। इनकी उत्पत्ति भगवान शिव और उनकी पत्नी सती के बीच एक विवाद के कारण हुई थी। ऐसी मान्यता है कि माता सती के पिता दक्ष प्रजापति ने एक बार विशाल यज्ञ का आयोजन किया, लेकिन उस यज्ञ में उन्होंने माता सती व भगवान शंकर को निमन्त्रित नहीं किया। सती, पिता के द्वारा आयोजित यज्ञ में जाने की जिद करने लगीं जिसे भगवान शिव ने अनसुना कर दिया। जिस पर माता सती ने भयानक महाकाली का अवतार लिया। जिससे भयभीत होकर भगवान शिव भागने लगे। वो जिस दिशा में भागते मां का एक अन्य रूप उस दिशा में प्रकट होकर उनका मार्ग रोक लेता। इस प्रकार माता सती ने दसों दिशाओं में दस रूप लिए जिन्हें महाविद्या कहा गया। जिसमें मां बगलामुखी आठवीं महाविद्या हैं।
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पिताम्बराविद्या के नाम से प्रसिद्ध मां बगलामुखी की उपासना प्रायः शत्रुभय से मुक्ति के लिए की जाती है। इनकी उपासना में पीले फूलों व पीले वस्त्रों का विशेष महत्व है। प्रत्येक वर्ष नलखेड़ा में, जहां पर मान्यता है कि मां बगलामुखी साक्षात विराजित हैं, मां की पूजा के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। यहां पर बगलामुखी जयंती के दिन अनुष्ठान कराना अत्यंत शुभ माना गया है। परन्तु इस वर्ष मां बगलामुखी जयंती 1 मई को होने के कारण भक्तों को अनुष्ठान कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन के कारण यह मंदिर आम भक्तों के लिए तो बंद है, परन्तु यहां पर पुजारियों द्वारा नित्य पूजा की जा रही है।
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अगर आप भी मां बगलामुखी जयंती के दिन नलखेड़ा में मां बगलामुखी की पूजा कराना चाहते हैं तो myjyotish.com ला रहा है आपके लिए खास मौका। जिसमें आप घर से ही मां बगलामुखी अनुष्ठान करा सकते हैं। यह पूजा मंदिर के पुजारी द्वारा कराई जाएगी, साथ ही पूजा शुरू होने से पहले फोन पर आपका संकल्प कराया जाएगा व पूजा समाप्ति के बाद आपको प्रसाद भी भेजा जाएगा।
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