फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   annapurna jayanti 2020 know the date and poranik katha of maa annapurna

annapurna jayanti 2020: जब पृथ्वी पर समाप्त हुआ अन्न तो कैसे मां अन्नपूर्णा ने प्रकट होकर की सबके प्राणों की रक्षा

Mon, 28 Dec 2020 08:25 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Mon, 28 Dec 2020 08:25 PM IST
विज्ञापन
annapurna jayanti 2020 know the date and poranik katha of maa annapurna
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

मार्गशीष माह की पूर्णिमा को अन्नपूर्णा जयंती भी मनाई जाती हैं इसलिए इस दिन का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इस बार अन्नपूर्णा जयंती 29 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस दिन को मां अन्नपूर्णा के प्राक्ट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को अन्न के सम्मान के दिवस के रूप में भी मनाया जाता है क्योंकि अन्न के बिना हमारा जीवन संभव नहीं है। वैसे तो कभी भी हमें अन्न का अपमान नहीं करना चाहिए, परंतु अन्नपूर्णा जयंती वाले दिन भूलकर भी अन्न का अपमान नहीं करना चाहिए। इस दिन मां पार्वती ने सभी के प्राणों की रक्षा हेतु अन्नपूर्णा का अवतार लिया था। तो चलिए जानते हैं पूरी कथा...

विज्ञापन

पौराणिक कथा के अनुसार एक समय धरती पर अन्न और जल समाप्त होने लगा, जिससे चारों ओर सभी त्राहि त्राहि करने लगे। जिसके बाद सभी मनुष्यों ने इस सृष्टि के रचियता श्री ब्रह्मा और जगत पालनकर्ता भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना प्रारंभ की। अपने भक्तों की करूण पुकार सुनकर विष्णु जी ने आदिदेव भगवान शिवजी की आराधना कर उन्हें योग मुद्रा से जगाया। तब लोगों के जीवन की रक्षा हेतु माता पार्वती ने अन्नपूर्णा रूप और भगवान शिव ने भिक्षु का रूप धारण किया, जिसके बाद भगवान शिव ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा लेकर पृथ्वी वासियों के बीच वितरित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिससे सभी के प्राणों की रक्षा हुई और धरती पर अन्न की प्राप्ति। कथा के अनुसार तभी से सभी देवों के साथ मनुष्यो ने भी मां अन्नपूर्णा की पूजा-आराधना आरंभ कर दी। जिस दिन मनुष्यो की करूण पुकार सुनकर भगवान ब्रह्मा एवं माता अन्नपूर्णा की उत्पत्ति हुई थी, वह मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा थी। इसलिए मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है। इस दिन या अन्य किसी भी दिन अन्न का अपमान नहीं करना चाहिए। अन्न का अपमान करने से माता अन्नपूर्णा और ब्रह्म देव का अपमान होता है। अन्नपूर्णा जयंती पर अन्न दान का विशेष महत्व माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed