Mauni Amavasya: गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी के लिए भक्तों का सैलाब, बाबा गरीब नाथ मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
Mauni Amavasya 2025: आस्था के पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर बक्सर के गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान किया। वहीं, मुजफ्फरपुर के बाबा गरीब नाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
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देशभर में श्रद्धा और आस्था के पर्व मौनी अमावस्या पर बिहार के विभिन्न जिलों में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बक्सर के रामरेखा घाट, नाथ बाबा घाट, सत्ती घाट समेत अन्य गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान किया। वहीं, मुजफ्फरपुर के बाबा गरीब नाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोग अहले सुबह से ही हर-हर महादेव के जयघोष के साथ गंगा स्नान करने पहुंचे और मंदिरों में जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
बक्सर में गंगा स्नान का विशेष महत्व
बक्सर के रामरेखा घाट पर मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने का विशेष महत्व माना जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल से यहां पहुंचे और गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने मौन रहकर स्नान किया और दान-पुण्य कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
वहीं, घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सदर एसडीओ धीरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी घाटों पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। इसके अलावा बोट पर गोताखोरों की टीम और क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया दल) को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैनात किया गया था।
रामरेखा घाट के पुजारी लाला बाबा ने बताया कि गंगा स्नान से कुंडली के अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होता है और पापों का नाश होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन देवी-देवता और पितर भी गंगा में स्नान करने आते हैं। इस बार माघी अमावस्या पर मकर राशि में सूर्य, बुध और चंद्रमा का शुभ संयोग बन रहा है, जिससे यह दिन और भी पावन हो गया है।
बाबा गरीब नाथ मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
मुजफ्फरपुर में मौनी अमावस्या को लेकर श्रद्धालुओं का बाबा गरीब नाथ मंदिर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्त अहले सुबह से ही बूढ़ी गंडक नदी के पवित्र घाटों पर स्नान कर मंदिर पहुंचे और बाबा गरीब नाथ का जलाभिषेक किया।
मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने बताया कि इस विशेष अवसर पर मंदिर में भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। मान्यता है कि मौनी अमावस्या की तिथि भगवान श्रीहरि विष्णु, शनि देव और पितरों को समर्पित है। इस दिन मौन व्रत रखकर गंगा स्नान करने और पूजा-अर्चना करने से सभी दुखों का नाश होता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
सुरक्षा और प्रशासन की तैयारियां
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। घाटों पर पुलिस बल तैनात किए गए थे। मंदिर प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष बैरिकेडिंग की थी। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं भी मुहैया कराई गई थीं।
श्रद्धालुओं ने किया दान-पुण्य
मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और दान देकर पुण्य अर्जित किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया दान कई गुना फलदायी होता है और इससे पितरों को शांति मिलती है।