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Somvati Amavasya 2020: सोमवती अमावस्या पर बना विशेष संयोग, पितरों की तर्पण तिथि मानी गई है अमावस्या
Mon, 20 Jul 2020 01:05 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 20 Jul 2020 01:05 PM IST
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sawan 2020: सोमवती अमावस्या 2020: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। इस तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान, दान और पूजा-पाठ का विधान है।
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somvati amavasya 2020 hariyali amavasya puja vidhi: सभी माह में सावन का महीना बहुत ही विशेष और शुभ फलदायी माना गया है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है। सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरियाली अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। इस यह तिथि आज यानी 20 जुलाई सोमवार को है। सोमवार का दिन होने के कारण इसे सोमवती अमावस्या भी कहते हैं। इस बार 47 वर्षों के बाद सोमवती और हरियाली अमावस्या एक ही दिन है। इसके अलावा सावन महीने का आज तीसरा सोमवार भी है। इस दिन भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। अमावस्या तिथि पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए उनका तर्पण किया जाता है। सोमवती अमावस्या तिथि पर शिवलिंग पर ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करते हुए जलाभिषेक करना अति उत्तम होता है।
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क्या करें इस दिन
सोमवती अमावस्या का महत्व काफी होता है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-आराधना की जाती है। सावन के महीने में पड़ने के कारण इसका महत्व और भी अधिक हो जाता है। मान्यता है सोमवती अमावस्या तिथि पर शिव मंदिर में जाकर जो भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक करता है उसकी हर तरह की मनोकामना जरूर पूरी होती है। इस दिन उपवास रखने और दिन भर मंत्रों के जाप से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। अमावस्या तिथि पर पीपल के पेड़ की पूजा और उसकी परिक्रमा कर उसके नीचे जल और दीप जलाया जाता है। इस तिथि पर गंगा स्नान और श्राद्ध कर्म किया जाता है। सावन के महीने में हरियाली अमावस्या पड़ने के कारण इस तिथि पर पेड़ भी लगाया जाता है। पेड़ लगाने पर कुंडली में चल रहे अशुभ ग्रहों का प्रभाव धीरे-धीरे खत्म हो जाता है।
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विशेष संयोग में हरियाली अमावस्या
इस बार सावन का महीना विशेष संयोग वाला महीना है। आज यानी 20 जुलाई 2020 को सावन महीने की सोमवती अमावस्या तिथि है जिसे हरियाली अमावस्या भी कहते हैं। 47 साल के बाद हरियाली अमावस्या और सोमवती अमावस्या दोनों एक साथ ही पड़ रही है। इसके अलावा सावन सोमवार भी है। इस बार सावन महीने की शुरुआत सोमवार और अंतिम दिन दोनों ही सोमवार के दिन पड़ा है। वहीं पूर्णिमा और अमावस्या तिथि दोनों ही सोमवार के दिन है। हरियाली अमावस्या पर चंद्रमा, बुध,गुरु, शुक्र और शनि सब अपनी-अपनी राशि में हैं।
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सोमवती अमावस्या का महत्व काफी होता है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-आराधना की जाती है। सावन के महीने में पड़ने के कारण इसका महत्व और भी अधिक हो जाता है। मान्यता है सोमवती अमावस्या तिथि पर शिव मंदिर में जाकर जो भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक करता है उसकी हर तरह की मनोकामना जरूर पूरी होती है। इस दिन उपवास रखने और दिन भर मंत्रों के जाप से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। अमावस्या तिथि पर पीपल के पेड़ की पूजा और उसकी परिक्रमा कर उसके नीचे जल और दीप जलाया जाता है। इस तिथि पर गंगा स्नान और श्राद्ध कर्म किया जाता है। सावन के महीने में हरियाली अमावस्या पड़ने के कारण इस तिथि पर पेड़ भी लगाया जाता है। पेड़ लगाने पर कुंडली में चल रहे अशुभ ग्रहों का प्रभाव धीरे-धीरे खत्म हो जाता है।
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विशेष संयोग में हरियाली अमावस्या
इस बार सावन का महीना विशेष संयोग वाला महीना है। आज यानी 20 जुलाई 2020 को सावन महीने की सोमवती अमावस्या तिथि है जिसे हरियाली अमावस्या भी कहते हैं। 47 साल के बाद हरियाली अमावस्या और सोमवती अमावस्या दोनों एक साथ ही पड़ रही है। इसके अलावा सावन सोमवार भी है। इस बार सावन महीने की शुरुआत सोमवार और अंतिम दिन दोनों ही सोमवार के दिन पड़ा है। वहीं पूर्णिमा और अमावस्या तिथि दोनों ही सोमवार के दिन है। हरियाली अमावस्या पर चंद्रमा, बुध,गुरु, शुक्र और शनि सब अपनी-अपनी राशि में हैं।