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Shardiya Navratri 2022: शारदीय नवरात्रि पर बना शुभ संयोग, जानिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

Mon, 26 Sep 2022 12:15 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 26 Sep 2022 12:15 AM IST
सार

26 सितंबर 2022 को कलश स्थापना के दिन बहुत ही अच्छा शुभ मुहूर्त का संयोग बन रहा है। इस दिन शुक्ल और ब्रह्रा योग का शुभ संयोग होगा। ज्योतिषशास्त्र में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान के लिए इन योग को बहुत शुभ माना जाता है।

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shardiya navratri 2022 date shubh yog ghatasthapana puja muhurat
navratri 2022: हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष 26 सितंबर,सोमवार से शारदीय नवरात्रि शुरू होकर 05 अक्तूबर को विजयादशमी पर समाप्त हो जाएगी। - फोटो : istock

विस्तार

Shardiya Navratri 2022 Date Shubh Yog Ghatasthapana Puja Muhurat: आज से शारदीय नवरात्रि का पर्व शुरू हो रहा है और आने वाले 9 दिनों तक मां शक्ति की आराधना विशेष रूप से की जाएगी। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि आरंभ हो जाएगी। हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष 26 सितंबर,सोमवार से शारदीय नवरात्रि शुरू होकर 05 अक्तूबर को विजयादशमी पर समाप्त हो जाएगी। नवरात्रि पर्व में 9 दिनों तक देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा आराधना की जाएगी। पहले दिन कलश स्थापना करते हुए विधि-विधान से मां दुर्गा की उपासना शुरू होगी फिर अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया जाएगा। मान्यता है कि नवरात्रि पर मां दुर्गा स्वर्गलोक से पृथ्वीलोक पर अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करने के लिए आती हैं। शारदीय नवरात्रि पर देशभर में दुर्गा पूजा के लिए भव्य पंडाल लगाए जाते हैं। 

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शारदीय नवरात्रि पर बनेगा शुभ संयोग
पितृपक्ष की अमावस्या तिथि के खत्म होने के अगले दिन बाद ही शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाती है। 25 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या है फिर इसके बाद 26 सितंबर को शारदीय नवरात्रि आरंभ हो जाएगी। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाएगी। 26 सितंबर 2022 को कलश स्थापना के दिन बहुत ही शुभ मुहूर्त का संयोग बन रहा है। इस दिन शुक्ल और ब्रह्रा योग का शुभ संयोग होगा। ज्योतिषशास्त्र में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान के लिए इन योग को बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा अष्टमी तिथि 03 अक्तूबर को मनाई जाएगी उस दिन का भी मुहूर्त बहुत ही शुभ रहेगा। 
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इस नवरात्रि मां दुर्गा का वाहन हाथी है
हर नवरात्रि पर मां दु्र्गा अलग-अलग वाहन की सवारी करते हुए आती हैं। इस साल अश्विन माह की शारदीय नवरात्रि पर मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। शास्त्रों में जब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं इसे शुभ संकेत माना जाता है। यह लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि का सूचक होता है।
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शारदीय नवरात्रि 2022 की तिथि
प्रतिपदा तिथि की शुरूआत- 26 सितंबर 2022 को सुबह 03 बजकर 22 मिनट पर
प्रतिपदा तिथि का समापन-  27 सितंबर 2022 को सुबह 03 बजकर 09 मिनट पर

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 
वैदिक पंचांग गणना के अनुसार 26 सितंबर को देवी आराधना की पूजा और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर सुबह 07 बजकर 51 मिनट तक ही रहेगा। वहीं अगर आप इस मुहूर्त में किसी कारण से कलश स्थापना न कर पाएं तो दूसरा शुभ मुहूर्त अभिजीत होगा जो सुबह 11 बजकर 49 मिनट से लेकर 12 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। 

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