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Sawan 2025: इन वर्ष सावन में बनेगा बेहद खास और दुर्लभ योग, शिव आराधना के लिए रहेगा उत्तम
Mon, 07 Jul 2025 01:16 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 07 Jul 2025 01:16 PM IST
सार
सावन के महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, सावन सोमवार और सावन शिवरात्रि पर व्रत रखा जाता है। आइए जानते हैं इस वर्ष सावन कब से शुरू हो रहा है और किस-किस तरह के शुभ योगों का निर्माण हो रहा है।
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sawan 2025
- फोटो : adobe stock
विस्तार
हिंदू धर्म में सावन का महीना बहुत ही पवित्र और विशेष माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह वर्ष पांचवा महीना होता है, जो भगवान शिव को समर्पित होता है। सभी शिवभक्तों को इस महीने का बेसब्री से इंतजार होता है। इस माह में शिव पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद मिलता है। सावन के महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, सावन सोमवार और सावन शिवरात्रि पर व्रत रखा जाता है। आइए जानते हैं इस वर्ष सावन कब से शुरू हो रहा है और किस-किस तरह के शुभ योगों का निर्माण हो रहा है।
इस दिन से सावन महीने की हो रही है शुरुआत
सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है। यह महीने में भगवान शिव सबसे ज्यादा प्रसन्न रहते हैं, जिसके कारण शिवभक्त उनकी पूजा-आराधना करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सावन का महीना 11 जुलाई से प्रारंभ होकर 9 अगस्त तक चलेगा। सावन के पूरे महीने में शिवभक्त हर दिन पूजा-पाठ, जलाभिषेक और मंत्रोचार करते हैं।
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सावन का पहला सोमवार
11 जुलाई, शुक्रवार 2025 को सावन माह की शुरुआत होने वाली है और सावन का पहला सोमवार व्रत 14 जुलाई को पड़ेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा-आराधना के लिए समर्पित होता है और जब सावन माह आता है सावन सोमवार का विशेष महत्व हो जाता है। इस बार सावन माह में कई तरह के शुभ योगों का निर्माण भी होगा। आइए जानते है सावन माह में बनने वाले शुभ योगों के बारे में...
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सावन तिथि और शुभ योग 2025
वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष श्रावण माह की शुभ तिथि 11 जुलाई को प्रतिपदा तिथि रात 11 बजकर 07 मिनट से आरंभ होकर 12 जुलाई की रात को 02 बजकर 08 मिनट तक रहेगी। सावन माह का समापन 09 अगस्त 2025 को होगा। 14 जुलाई को सावन का पहला सोमवार होगा, जिसमें स्वाति नक्षत्र और सिद्ध योग का शुभ संयोग होगा। इसके अलाव 14 जुलाई को सावन के पहले सोमवार को धनिष्ठा नक्षत्र और आयुष्मान का योग के साथ गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संयोग बन रहा है। फिर 21 जुलाई को सावन का दूसरा सोमवार रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा का गोचर शुक्र की राशि वृषभ में होगा। इसके अलावा इस दिन कामिका एकादशी के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग होगा। 28 जुलाई को सावन का तीसरा सोमवार पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा। इस दिन चंद्रमा सिंह राशि में मौजूद होकर धन लाभ का योग बना रहे हैं। 04 अगस्त को सावन माह का आखिरी सोमवार के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, ब्रह्राा और इंद्र योग का निर्माण होगा।
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सावन मासिक शिवरात्रि शुभ योग
वैसे तो हर माह मासिक शिवरात्रि आती है, लेकिन सावन के महीने में पड़ने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष श्रावण माह की शिवरात्रि 23 जुलाई को है। ऐसे में सावन शिवरात्रि पर शिव आराधना करना अत्यंत ही फलदायी साबित होगा। वैदिक पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 23 जुलाई को सुबह 4 बजकर 39 मिनट पर होगी और इसका समापन 24 जुलाई को सुबह 2 बजकर 28 मिनट पर होगा। इसके अलावा निशिता मुहूर्त 24 जुलाई को सुबह 12 बजकर 07 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। शिवरात्रि पर शिव आराधना के लिए निशिता मुहूर्त बहुत शुभ माना जाता है।
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इस दिन से सावन महीने की हो रही है शुरुआत
सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है। यह महीने में भगवान शिव सबसे ज्यादा प्रसन्न रहते हैं, जिसके कारण शिवभक्त उनकी पूजा-आराधना करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सावन का महीना 11 जुलाई से प्रारंभ होकर 9 अगस्त तक चलेगा। सावन के पूरे महीने में शिवभक्त हर दिन पूजा-पाठ, जलाभिषेक और मंत्रोचार करते हैं।
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सावन का पहला सोमवार
11 जुलाई, शुक्रवार 2025 को सावन माह की शुरुआत होने वाली है और सावन का पहला सोमवार व्रत 14 जुलाई को पड़ेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा-आराधना के लिए समर्पित होता है और जब सावन माह आता है सावन सोमवार का विशेष महत्व हो जाता है। इस बार सावन माह में कई तरह के शुभ योगों का निर्माण भी होगा। आइए जानते है सावन माह में बनने वाले शुभ योगों के बारे में...
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सावन तिथि और शुभ योग 2025
वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष श्रावण माह की शुभ तिथि 11 जुलाई को प्रतिपदा तिथि रात 11 बजकर 07 मिनट से आरंभ होकर 12 जुलाई की रात को 02 बजकर 08 मिनट तक रहेगी। सावन माह का समापन 09 अगस्त 2025 को होगा। 14 जुलाई को सावन का पहला सोमवार होगा, जिसमें स्वाति नक्षत्र और सिद्ध योग का शुभ संयोग होगा। इसके अलाव 14 जुलाई को सावन के पहले सोमवार को धनिष्ठा नक्षत्र और आयुष्मान का योग के साथ गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संयोग बन रहा है। फिर 21 जुलाई को सावन का दूसरा सोमवार रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा का गोचर शुक्र की राशि वृषभ में होगा। इसके अलावा इस दिन कामिका एकादशी के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग होगा। 28 जुलाई को सावन का तीसरा सोमवार पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा। इस दिन चंद्रमा सिंह राशि में मौजूद होकर धन लाभ का योग बना रहे हैं। 04 अगस्त को सावन माह का आखिरी सोमवार के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, ब्रह्राा और इंद्र योग का निर्माण होगा।
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सावन मासिक शिवरात्रि शुभ योग
वैसे तो हर माह मासिक शिवरात्रि आती है, लेकिन सावन के महीने में पड़ने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष श्रावण माह की शिवरात्रि 23 जुलाई को है। ऐसे में सावन शिवरात्रि पर शिव आराधना करना अत्यंत ही फलदायी साबित होगा। वैदिक पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 23 जुलाई को सुबह 4 बजकर 39 मिनट पर होगी और इसका समापन 24 जुलाई को सुबह 2 बजकर 28 मिनट पर होगा। इसके अलावा निशिता मुहूर्त 24 जुलाई को सुबह 12 बजकर 07 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। शिवरात्रि पर शिव आराधना के लिए निशिता मुहूर्त बहुत शुभ माना जाता है।