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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   RamNavami 2024 Relation between Lord Rama and Surya with Aditya Hridaya Stotra

Aditya Hridaya Stotra:आदित्य हृदय स्रोत का भगवान राम और सूर्य से क्या संबंध है?

Wed, 17 Apr 2024 05:28 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 17 Apr 2024 05:28 AM IST
सार

सूर्य एक प्रत्यक्ष देवता के रूप में पूजे जाते हैं। नवग्रहों में भी सूर्यदेव को विशिष्ट स्थान प्राप्त है। सूर्य देव को पिता, पुत्र, प्रसिद्धि, यश, वैभव, तेज, आरोग्यता, आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति का कारक माना गया है।

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RamNavami 2024 Relation between Lord Rama and Surya with Aditya Hridaya Stotra
आदित्य हृदय स्तोत्रं - फोटो : amar ujala

विस्तार

Surya Abhishek: आज यानी 17 अप्रैल को रामनवमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर अयोध्या में रामलला का सूर्य तिलक होने जा रहा है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रहों के अधिपति सूर्य सनातान धर्म में पूजनीय है। सूर्य एक प्रत्यक्ष देवता के रूप में पूजे जाते हैं। नवग्रहों में भी सूर्यदेव को विशिष्ट स्थान प्राप्त है। सूर्य देव को पिता, पुत्र, प्रसिद्धि, यश, वैभव, तेज, आरोग्यता, आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति का कारक माना गया है। कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना सर्वोत्तम माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं भगवान राम और सूर्य का आदित्य हृदय स्तोत्र से क्या संबंध है। आइए जानते हैं। 

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RamNavami 2024 Relation between Lord Rama and Surya with Aditya Hridaya Stotra
आदित्य हृदय स्तोत्रं - फोटो : amar ujala

आदित्य हृदय स्तोत्र की रचना किसने की? 
आदित्य हृदय स्तोत्र की रचना अगस्त्य ऋषि ने राम-रावण युद्ध के समय राम की विजय प्राप्त के लिए की थी। वाल्मीकि रामायण के युद्ध कांड के पांचवे सर्ग में आदित्य हृदय स्तोत्र की महिमा का वर्णन विस्तार से किया गया है। 

RamNavami 2024 Relation between Lord Rama and Surya with Aditya Hridaya Stotra
आदित्य हृदय स्तोत्रं - फोटो : amar ujala

भगवान राम का आदित्य हृदय स्तोत्र से संबंध 
वाल्मीकि रामायण के अनुसार राम-रावण युद्ध क्षेत्र में आमने सामने थे और कई प्रयासों के बाद भी श्री राम रावण का वध नहीं कर पा रहे थे।  श्री राम का आत्मविश्वास रावण की तामसी शक्ति के सामने समग्र भाव से एकजुट नहीं हो पा रहा था तब युद्धक्षेत्र में प्रभु राम के समक्ष ऋषि अगस्त्य प्रकट हुए। अगस्त्य ऋषि ने युद्धक्षेत्र में राम से सूर्य देव की स्तुति करने को कहा। 
अगस्त्य ऋषि ने भगवान राम से युद्ध भूमि में कहा सबके हृदय में वास करने वाले राम! यह अति गोपनीय स्तोत्र सुनों। वत्स ! इसके पाठ मात्र से रावण समेत युद्ध में सभी शत्रुओं का विनाश होगा और उन्हें विजय की प्राप्ति होगी। 
यह परम कल्याण का स्तोत्र है। इसके पाठ से सब पापों का नाश हो जाता है। भगवान सूर्य अपनी अनंत किरणों से सुशोभित हैं। सूर्य सम्पूर्ण देवता का स्वरूप हैं। इनका तेज सम्पूर्ण जग को स्फूर्ति परदान करने वाला है। ये अपनी रश्मि किरणों से सम्पूर्ण लोक का पालन करते हैं।  ब्रह्मा, विष्णु, शिव, स्कन्द, प्रजापति, इन्द्र, कुबेर, काल, यम, चंद्रमा, वरुण, पितृम वसु, साध्य, अश्वनीकुमार, मरुदगण, मनु, वायु, अग्नि, प्रजा, प्राण, ऋतुओं को सभी लोक के समक्ष प्रकट करने वाले प्रभा के पुंज हैं। 
अगस्त्य ऋषि आगे कहते हैं, हे राघव! विपत्ति में, कष्ट में, शत्रु के सामने, किसी भय के सामने, दुर्गम मार्ग में जो भी पुरुष सूर्य देव के आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करेगा। उसे दु:ख नहीं भोगना पड़ेगा। इसीलिए हे राम ! एकाग्रचित होकर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करो। इसका तीन बार जेपी करो, युद्ध में विजय पाओगे। 
यह कहकर ऋषि अगस्त्य युद्ध क्षेत्र से चले गए। श्री राम ने प्रसन्न होकर शुद्ध हृदय से आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ किया। उस समय आकाश में विद्यमान भगवान सूर्य ने प्रसन्न होकर राम की ओर देखा और कहा, हे रघुनन्दन! तुम्हारे द्वारा की गई रावण वध की मनोकामना जल्द ही पूर्ण होगी। उसके बाद महापराक्रमी रघुनाथ ने धनुष उठाकर रावण को युद्ध का आमंत्रण दिया। इसके बाद राम ने रावण का वध करके पाप और अहंकार का नाश किया। 

RamNavami 2024 Relation between Lord Rama and Surya with Aditya Hridaya Stotra
आदित्य हृदय स्तोत्रं - फोटो : amar ujala

 आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ की विधि

  • सूर्यादय से पूर्व स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • एक तांबे के लोटे में जल लेकर रोली या चंदन और पुष्प डालकर प्रात: सूर्य को अर्पित करें।
  • सूर्य को जल देते समय गायत्री मंत्र का जाप करें और वहीं सूर्यदेव के समक्ष आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
  •  प्रयास करें कि इस पाठ को शुक्ल पक्ष के किसी रविवार से प्रारंभ करें। ऐसा करना उत्तम माना गया है।
  •  आदित्य हृदय स्तोत्र का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन सूर्योदय के समय इसका पाठ करना चाहिए।

RamNavami 2024 Relation between Lord Rama and Surya with Aditya Hridaya Stotra
आदित्य हृदय स्तोत्रं - फोटो : amar ujala

आदित्य हृदय स्तोत्र के लाभ

  • ग्रहों के राजा भगवान सूर्य देव को समर्पित आदित्य हृदय स्तोत्र का नियमित पाठ करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। चेहरे पर अलग ही चमक दिखाई देती हैं।

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आदित्य हृदय स्तोत्रं - फोटो : amar ujala
  • व्यक्ति का आलस दूर होता है एवं कार्य क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करता है। यदि आपको किसी प्रकार का सरकारी विवाद चल रहा हो तो आपको इस स्तोत्र का पाठ करने से लाभ होता है। 

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आदित्य हृदय स्तोत्रं - फोटो : amar ujala
  • सूर्य को पिता का कारक माना गया है। आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ करने से पिता पुत्र के संबंध अच्छे होते हैं। किसी व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी हो तो उसके लिए यह पाठ रामबाण उपाय माना है। इस स्त्रोत का पाठ करने से आपके प्रशासनिक अधिकारियों से मधुर संबंध स्थापित होते हैं।
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