फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Paush Amavasya 2024 Date Importance Time Shubh Muhurat And Importance of Fasting On Paush Amavasya

Paush Amavasya 2024: पौष अमावस्या आज, जानिए महत्व, पूजाविधि और पौराणिक कथा

Thu, 11 Jan 2024 07:51 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 11 Jan 2024 07:51 AM IST
सार

Paush Amavasya 2024 : पौष माह में पितरों के लिए पूजा और धार्मिक कार्य करने का प्रावधान है। इस माह में पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान के साथ-साथ भगवान विष्णु और सूर्य की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।
 

विज्ञापन
Paush Amavasya 2024 Date Importance Time Shubh Muhurat And Importance of Fasting On Paush Amavasya
अमावस्या 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Paush Amavasya 2024 : इस वर्ष पौष अमावस्या यानि बकुला अमावस्या 11 जनवरी, गुरुवार को है। पौष माह की अमवास्या तिथि 10 जनवरी को रात 08 बजकर 11 मिनट में शुरू होगी और 11 जनवरी शाम 05 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार अमावस्या 11 जनवरी को है। इस माह में शुभ और मांगलिक कार्य मकर संक्रांति तक वर्जित होते हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक चिंतन के लिए ये महीना उत्तम माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस माह को 'छोटा श्राद्ध पक्ष'भी कहा जाता है। पौष माह में पितरों के लिए पूजा और धार्मिक कार्य करने का प्रावधान है। इस माह में पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान के साथ-साथ भगवान विष्णु और सूर्य की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।
विज्ञापन


बकुला अमावस्या का महत्व
पौष अमावस्या के दिन श्रद्धापूर्वक पितरों का श्राद्ध और पिंडदान करने से उन्हें पितर योनि से मुक्ति मिल जाती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।बकुल अमावस्या के दिन गंगा स्नान करके पितरों को तर्पण करने से घर मे सुख समृद्धि बढ़ती है, इसके साथ ही कुंडली मे सभी प्रकार के दोष समाप्त हो जाते हैं। पौष अमावस्या के दिन पितरों की शांति के लिए व्रत रखना भी शुभ माना गया है।
विज्ञापन


Makar Sankranti 2024: जानिए क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति, दान करने से सूर्य और शनिदेव होते हैं प्रसन्न
विज्ञापन
विज्ञापन


पूजा विधि
इस दिन यदि संभव हो तो सुबह गंगा नदी में स्नान करें या नहाने के पानी में गंगा जल मिलाएं। इसके बाद उगते हुए सूर्य को प्रणाम कर अर्घ्य प्रदान करें। इस दिन पितरों के लिए  विशेष तर्पण और श्राद्ध करना चाहिए। अमावस्या के दिन व्रत करने और शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से घर में हमेशा पितृ के आशीर्वाद से सुख समृद्धि बनी रहेगी और आर्थिक उन्नति होती है। इस दिन गरीबों को खाद्य सामग्री, कंबल, तिल आदि का दान करना भी बहुत लाभकारी माना गया है।

पौराणिक कथा
पौराणिक कथा है कि एक गरीब ब्राह्मण की एक सुंदर, गुणवान और संस्कारी बेटी थी।लेकिन उनकी शादी नहीं हो पाई। एक दिन उसके घर पर एक साधु आए और उनकी सेवा से प्रसन्न होकर आशीर्वाद दिया एवं उस कन्या को विवाह के लिए उपाय बताते हुए कहा कि यहां से कुछ दूरी पर एक परिवार रहता है।यदि यह रोज जाकर उसकी पत्नी की सेवा करे तो इसके विवाह में आ रही अड़चन दूर हो जाएगी। अगले दिन लड़की सुबह उठकर उनके घर जाती है, साफ-सफाई करती है और वापस अपने घर आ जाती है। उस घर में रहने वाली महिला यह देखकर हैरान हो जाती है कि घर की सफाई कौन करता है और उसके उठने से पहले ही वह चली जाती है। कुछ दिनों के बाद उस स्त्री ने ब्राह्मण की पुत्री को ऐसा करते हुए देख लिया और पूछने लगी कि तुम कौन हो, तब कन्या ने साधु द्वारा बताई गई सारी बात बता दी। उस स्त्री ने कन्या की सच्चाई और सेवा से खुश होकर उसे शीघ्र विवाह होने का आशीर्वाद दिया। लेकिन कुछ देर बाद स्त्री के पति की मृत्यु हो गई, लेकिन उसने हार नहीं मानी और आँगन में लगे हुए पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा करके भगवान विष्णु से अपने पति का जीवन लौटाने की प्रार्थना की । उस दिन पौष अमावस्या थी। ईश्वर की कृपा से उसका पति पुनः जीवित हो गया। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति इस पौष अमावस्या के दिन स्नान करके पीपल के पेड़ की परिक्रमा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed