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Mangla Gauri Vrat: सावन का पहला मंगला गौरी व्रत कल, इन उपायों को करने से मिलेगी शिव-पार्वती की कृपा
Mon, 14 Jul 2025 01:34 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 14 Jul 2025 01:34 PM IST
सार
मंगला गौरी व्रत सावन मास के प्रत्येक मंगलवार को किया जाने वाला अत्यंत प्रभावशाली और पुण्यदायी व्रत है। यह व्रत विशेषकर नवविवाहित स्त्रियों द्वारा अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र और घर-परिवार में सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है।
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मंगला गौरी व्रत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Sawan Mangla Gauri Vrat 2025 : मंगला गौरी व्रत सावन मास के प्रत्येक मंगलवार को किया जाने वाला अत्यंत प्रभावशाली और पुण्यदायी व्रत है। यह व्रत विशेषकर नवविवाहित स्त्रियों द्वारा अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र और घर-परिवार में सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन देवी पार्वती की विशेष पूजा की जाती है, जिन्हें सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में ऐसे अनेक उपाय बताए गए हैं जिन्हें मंगला गौरी व्रत के दिन करने से जीवन में सुख, वैभव और सौभाग्य का आगमन होता है।
1. मां गौरी को अर्पित करें सुहाग की सामग्री
इस दिन देवी पार्वती को 16 श्रृंगार की वस्तुएं जैसे चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, कंघी, काजल, मेहंदी आदि अर्पित करें। इन सामग्रियों को लाल वस्त्र में बांधकर माँ को चढ़ाने से सुहाग की रक्षा होती है और दांपत्य जीवन में प्रेम बना रहता है।
2. कुंवारी कन्याओं को भोजन कराएं और उपहार दें
मंगला गौरी व्रत के दिन पाँच या सात कुंवारी कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें लाल चूड़ियां, रिबन, बिंदी आदि भेंट करें। इससे देवी गौरी प्रसन्न होती हैं और घर में लक्ष्मी का वास होता है।
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3. गौरी मां को अर्पित करें गुलाल और कुमकुम
इस दिन गुलाल और कुमकुम से माँ गौरी का श्रृंगार करें। मान्यता है कि लाल रंग सौभाग्य और शक्ति का प्रतीक है, जिससे गृहस्थ जीवन में स्थिरता और उत्साह बना रहता है।
बेलपत्र पर चंदन से 'ॐ नमःशिवाय' लिखकर उसे देवी को अर्पित करें। यह उपाय दांपत्य जीवन में समर्पण, संतुलन और सौहार्द बढ़ाने वाला माना जाता है।
5. सप्तविवाहिता स्त्रियों को दें सुहाग की वस्तुएं
व्रत वाले दिन सात सुहागिन महिलाओं को लाल वस्त्र, चूड़ियां, सिंदूर और मिठाई भेंट करें। इस उपाय से व्रती स्त्री को भी अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इस दिन शिव-पार्वती का पंचामृत से रुद्राभिषेक करें। इससे पारिवारिक जीवन में सामंजस्य और धन-संपदा की प्राप्ति होती है। विशेषकर इस उपाय से दाम्पत्य जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं।
7. पढ़ें मंगला गौरी व्रत कथा और करें विधिपूर्वक आरती
पूजा के बाद मंगला गौरी की कथा का श्रवण या पाठ करें। फिर माता की आरती करके सभी परिजनों के साथ प्रसाद ग्रहण करें। इससे पारिवारिक सुख, स्वास्थ्य और सौभाग्य बना रहता है।
धार्मिक मान्यता है कि मंगला गौरी व्रत और इन उपायों को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से स्त्रियों को जीवन में वह सबकुछ प्राप्त होता है जो एक सुखी गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक होता है – प्रेम, विश्वास, स्वास्थ्य, धन और सौभाग्य।
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1. मां गौरी को अर्पित करें सुहाग की सामग्री
इस दिन देवी पार्वती को 16 श्रृंगार की वस्तुएं जैसे चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, कंघी, काजल, मेहंदी आदि अर्पित करें। इन सामग्रियों को लाल वस्त्र में बांधकर माँ को चढ़ाने से सुहाग की रक्षा होती है और दांपत्य जीवन में प्रेम बना रहता है।
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2. कुंवारी कन्याओं को भोजन कराएं और उपहार दें
मंगला गौरी व्रत के दिन पाँच या सात कुंवारी कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें लाल चूड़ियां, रिबन, बिंदी आदि भेंट करें। इससे देवी गौरी प्रसन्न होती हैं और घर में लक्ष्मी का वास होता है।
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3. गौरी मां को अर्पित करें गुलाल और कुमकुम
इस दिन गुलाल और कुमकुम से माँ गौरी का श्रृंगार करें। मान्यता है कि लाल रंग सौभाग्य और शक्ति का प्रतीक है, जिससे गृहस्थ जीवन में स्थिरता और उत्साह बना रहता है।
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4. बेलपत्र पर लिखें ' ॐ नमः शिवाय' लिखें और करें अर्पणबेलपत्र पर चंदन से 'ॐ नमःशिवाय' लिखकर उसे देवी को अर्पित करें। यह उपाय दांपत्य जीवन में समर्पण, संतुलन और सौहार्द बढ़ाने वाला माना जाता है।
5. सप्तविवाहिता स्त्रियों को दें सुहाग की वस्तुएं
व्रत वाले दिन सात सुहागिन महिलाओं को लाल वस्त्र, चूड़ियां, सिंदूर और मिठाई भेंट करें। इस उपाय से व्रती स्त्री को भी अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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6. मां पार्वती और भगवान शिव का करें रुद्राभिषेकइस दिन शिव-पार्वती का पंचामृत से रुद्राभिषेक करें। इससे पारिवारिक जीवन में सामंजस्य और धन-संपदा की प्राप्ति होती है। विशेषकर इस उपाय से दाम्पत्य जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं।
7. पढ़ें मंगला गौरी व्रत कथा और करें विधिपूर्वक आरती
पूजा के बाद मंगला गौरी की कथा का श्रवण या पाठ करें। फिर माता की आरती करके सभी परिजनों के साथ प्रसाद ग्रहण करें। इससे पारिवारिक सुख, स्वास्थ्य और सौभाग्य बना रहता है।
धार्मिक मान्यता है कि मंगला गौरी व्रत और इन उपायों को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से स्त्रियों को जीवन में वह सबकुछ प्राप्त होता है जो एक सुखी गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक होता है – प्रेम, विश्वास, स्वास्थ्य, धन और सौभाग्य।
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