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Kamika Ekadashi 2025: 21 जुलाई को कामिका एकादशी, इस दिन तुलसी पूजन से खुलते हैं विष्णु लोक के द्वार
Fri, 18 Jul 2025 11:35 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 18 Jul 2025 11:35 AM IST
सार
Kamika Ekadashi 2025: श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। इस साल यह एकादशी 21 जुलाई को मनाई जाएगी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं।
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कामिका एकादशी व्रत महत्व
- फोटो : adobe stock
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विस्तार
Kamika Ekadashi 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। इस साल यह एकादशी 21 जुलाई को मनाई जाएगी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं। ज्योतिष के अनुसार इन योग में किया हुआ कोई भी कार्य शुभ फल प्रदान करता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और विशेष रूप से मोक्ष, पापों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना गया है।
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कामिका एकादशी का फल
कामिका एकादशी का व्रत वही पुण्य प्रदान करता है जो पूरी धरती दान करने से होता है। इस दिन श्री हरि के पूजन से जो फल मिलता है वह गंगा, काशी, नैमिषारण्य तथा पुष्कर क्षेत्र में भी सुलभ नहीं है। जो ब्यायी हुई गाय को अन्यान्य सामग्रियों सहित दान करता है,उस मनुष्य को जिस फल की प्राप्ति होती है वही कामिका एकादशी का व्रत करने वाले को फल प्राप्त होता है। जो मनुष्य शिव के प्रिय श्रावण मास में भगवान श्रीधर का पूजन करता है उसके द्वारा गंधर्वों और नागों सहित सम्पूर्ण देवताओं की पूजा हो जाती है। यह एकादशी स्वर्गलोक तथा महान पुण्यफल प्रदान करने वाली है। जो मनुष्य श्रद्धा के साथ इसकी महिमा का श्रवण करता है वह सब पापों से मुक्त हो श्री विष्णु लोक में जाता है।
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तुलसी पूजन का फल
तुलसी माता को भगवान विष्णु की परम प्रिय मानी जाती हैं। पौराणिक मान्यता है कि जहां तुलसी होती हैं, वहां स्वयं भगवान विष्णु का वास होता है। इस दिन तुलसी की पूजा करने से व्यक्ति को वैकुंठधाम की प्राप्ति होती है। तुलसी पत्र अर्पण किए बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। तुलसी की परिक्रमा, दीपदान और जल अर्पण करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।ध्यान रहे कि इस दिन तुलसी के पत्र न तोड़ें।
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1. तुलसी पर दीपक जलाएं
कामिका एकादशी की संध्या को तुलसी के पौधे के समीप शुद्ध देशी घी का दीपक जलाएं और "ॐ विष्णवे नमः" मंत्र का जप करें। यह उपाय दरिद्रता दूर करता है और जीवन में समृद्धि लाता है।
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2. तुलसी पत्र से विष्णु पूजन करें
इस दिन भगवान विष्णु को कम से कम 11 तुलसी पत्र अर्पित करें। हर पत्र पर भगवान् विष्णु के मंत्र बोलते हुए चन्दन लगाकर अर्पित करें । इससे भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
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3. तुलसी की परिक्रमा करें
तुलसी के पौधे की 11, 21 या 108 बार परिक्रमा करने से पितृ दोष शांत होते हैं और परिवार में सुख-शांति आती है।
4. तुलसी जल का छिड़काव करें
तुलसी के कुछ पत्तों को गंगाजल में डालकर घर में छिड़कें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वातावरण पवित्र होता है। साथ ही घर में लक्ष्मी का वास होता है।
5. तुलसी मंत्र का जाप करें
कामिका एकादशी पर तुलसी के पास बैठकर “ॐ तुलस्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। यह उपाय मानसिक शांति, रोग निवारण और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।
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