{"_id":"689dc37d3704ff3cf00f7d6c","slug":"janmashtami-2025-laddu-gopal-puja-vidhi-rituals-at-home-laddu-gopal-puja-niyam-2025-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Janmashtami 2025: 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, जानिए लड्डू गोपाल जी की पूजा विधि, महत्व और जरूरी नियम","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Janmashtami 2025: 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, जानिए लड्डू गोपाल जी की पूजा विधि, महत्व और जरूरी नियम
Thu, 14 Aug 2025 04:41 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 14 Aug 2025 04:41 PM IST
सार
Krishna Janmashtami 2025: भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में बड़े हर्ष और उल्लास से मनाया जाता है। इस दिन भक्तजन विशेष रूप से लड्डू गोपाल जी के बाल स्वरूप की पूजा करते हैं और मध्यरात्रि में जन्मोत्सव का आयोजन करते हैं।
विज्ञापन
कृष्ण जन्माष्टमी 2025
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
Krishna Janmashtami 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2025 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 16 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। यह पावन अवसर भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में बड़े हर्ष और उल्लास से मनाया जाता है। इस दिन भक्तजन विशेष रूप से लड्डू गोपाल जी के बाल स्वरूप की पूजा करते हैं और मध्यरात्रि में जन्मोत्सव का आयोजन करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा से सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
विज्ञापन
पूजा विधि
जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल जी की पूजा ब्रह्म मुहूर्त से शुरू करके मध्यरात्रि तक विशेष श्रद्धा से की जाती है। सबसे पहले घर के मंदिर या पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करके गंगाजल से शुद्ध करें। एक साफ चौकी पर सुंदर कपड़ा बिछाकर उस पर बाल स्वरूप लड्डू गोपाल जी की मूर्ति स्थापित करें। भगवान को स्नान कराने के लिए दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से पंचामृत तैयार करें और उसी से अभिषेक करें। स्नान के बाद उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाकर मोर पंख, बांसुरी और आभूषणों से सजाएं। पूजा में तुलसी पत्ते, माखन-मिश्री, पंजीरी, फल, फूल और धूप-दीप अर्पित करें। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म समय पर शंख और घंटियां बजाकर आरती करें और जन्मोत्सव मनाएं।
विज्ञापन
जन्माष्टमी पर अपनी राशि के अनुसार पहनें इस रंग के वस्त्र
विज्ञापन
महत्व
जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल जी की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण का अवतार हुआ था, इसलिए उनका बाल स्वरूप पूजने से भक्त को विशेष आशीर्वाद मिलता है। यह पूजा वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ाने, संतान सुख प्राप्त करने और मानसिक शांति के लिए अत्यंत फलदायी है। शास्त्रों में उल्लेख है कि लड्डू गोपाल जी की सेवा और भक्ति से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी प्रकार की नकारात्मकता समाप्त होती है।
Krishna Janmashtami 2025: जन्माष्टमी पर ग्रह-नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग, इन राशि वालों के बनेंगे बिगड़े काम
पूजा के नियम
लड्डू गोपाल जी की पूजा करते समय कुछ नियमों का पालन आवश्यक है। पूजा करने से पहले स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को स्वच्छ रखें। प्रतिदिन भगवान को ताजे फूल और प्रसाद अर्पित करें। उन्हें तुलसी पत्र अर्पित करना अनिवार्य है, किंतु तुलसी पत्ते सूर्योदय से पहले ही तोड़ें। पूजा में तामसिक भोजन का प्रयोग न करें। पूजन के समय मन को शांत रखें और श्रद्धा-भक्ति के साथ मंत्रोच्चारण करें। रात 12 बजे अवश्य आरती करें और जन्मोत्सव मनाएं, क्योंकि यह वही शुभ समय है जब भगवान श्रीकृष्ण ने धरती पर अवतार लिया था।
Krishna Janmashtami 2025 Poster: जन्माष्टमी पर भेजें बाल गोपाल के मनमोहक पोस्टर्स, हर कोई करेगा मोबाइल में सेव
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन