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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Ganesh Chaturthi 2025 Ganesh Ji Ki Aarti In Hindi Read Jai Ganesh Deva Aarti Lyrics in Hindi

Ganesh Aarti: आज गणेश चतुर्थी पर करें बप्पा की आरती, दूर होंगे जीवन के सारे विघ्न

Wed, 27 Aug 2025 10:39 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 27 Aug 2025 10:39 AM IST
सार

Jai Ganesh Deva Aarti: गणपति की आरती सिर्फ एक भक्ति गीत नहीं, बल्कि एक ऐसी ऊर्जा है जो मन को शांति देती है, बुद्धि को जाग्रत करती है और जीवन से हर तरह की नकारात्मकता को दूर करती है। आज के दिन जो भक्त सच्चे मन से गणेशजी की आरती करते हैं, उनके जीवन में मंगल ही मंगल होता है और सभी कार्य निर्विघ्न पूरे होते हैं।

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Ganesh Chaturthi 2025 Ganesh Ji Ki Aarti In Hindi Read Jai Ganesh Deva Aarti Lyrics in Hindi
गणेश चतुर्थी 2025 - फोटो : amar ujala

विस्तार

Ganesh Ji Arti In Hindi: आज 27 अगस्त 2025 को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है। इस पावन दिन को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। लोग अपने घरों में बप्पा की स्थापना कर विधिपूर्वक पूजन करते हैं और आरती के जरिए उनका स्वागत करते हैं। माना जाता है कि इस दिन "जय गणेश जय गणेश देवा" जैसी आरतियों का श्रद्धा भाव से गायन करने से भगवान गणेश का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।Ganesh Chaturthi 2025 Live: गणेश चतुर्थी आज, यहां जाने स्थापना का शुभ मुहूर्त पूजा, विधि और महत्व

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गणपति की आरती सिर्फ एक भक्ति गीत नहीं, बल्कि एक ऐसी ऊर्जा है जो मन को शांति देती है, बुद्धि को जाग्रत करती है और जीवन से हर तरह की नकारात्मकता को दूर करती है। आज के दिन जो भक्त सच्चे मन से गणेशजी की आरती करते हैं, उनके जीवन में मंगल ही मंगल होता है और सभी कार्य निर्विघ्न पूरे होते हैं। गणेश चतुर्थी के इस पावन अवसर पर आरती के माध्यम से बप्पा को प्रसन्न करें और अपने जीवन में सुख-समृद्धि का स्वागत करें।

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श्री गणेश जी आरती 

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥ 

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

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