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Chaitra Navratri 2020 date: जानें कब से चैत्र नवरात्रि की होगी शुरुआत और सभी तिथियां
Tue, 03 Mar 2020 08:24 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 03 Mar 2020 08:24 AM IST
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chaitra navratri 2020
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हिंदू मान्यताओं में चैत्र का महीना बहुत ही खास और पवित्र माना गया है। इस बार चैत्र नवरात्रि का आरंभ 25 मार्च, मंगलवार से हो रहा है और समापन 2 अप्रैल को होगा। चैत्र नवरात्रि में देवी के नौ स्वरुपों की विधिवत पूजा और अर्चना होती है। ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि में मां शक्ति की साधना से प्रसन्न होकर माता अपने साधकों पर पूरे वर्ष कृपा बरसाती हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को ही हिंदू नववर्ष का शुभारंभ भी होता है।
चैत्र नवरात्रि 2020 पर प्रमुख योग
नवरात्रि में चार सर्वार्थसिद्धि, एक अमृतसिद्धि और एक रवियोग भी आएगा। इस नवरात्रि विशेष ग्रह योगों के कारण मनोकामना पूर्ति होगी।
चैत्र नवरात्रि 2020 के नौ दिन
नवरात्रि पर नौ दिनों तक मां के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है।
पहले दिन घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा
दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की विधिवत पूजा-आराधना
नवरात्रि के तीसरे दिन चंद्रघंटा की पूजा का विधान है।
चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा होती है।
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की उपासना
छठे दिन कात्यायनी की पूजा
सातवें दिन कालरात्रि की शक्ति उपासना होता है।
आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती िहै।
नौवें दिन मां सिद्धिदात्रि की आराधना की जाती है।
चैत्र नवरात्रि 2020 के सभी नौ दिन:
25 मार्च- प्रथमा तिथि, गुड़ी पड़वा और नवरात्रि आरंभ
26 मार्च- द्वितीया तिथि, सर्वार्थ सिद्धि योग
27 मार्च- तृतीया तिथि, सर्वार्थ सिद्धि योग
28 मार्च- चतुर्थी तिथि
29 मार्च- पंचमी तिथि, रवि योग
30 मार्च- षष्ठी तिथि
31 मार्च- सप्तमी तिथि
1 अप्रैल- अष्टमी तिथि
2 अप्रैल- नवमी तिथि
नवरात्रि का महत्व
हिन्दू धर्म में नवरात्रि का बहुत महत्व है। पूरे वर्ष में कुल मिलाकर चार बार नवरात्रि आते हैं। चैत्र और आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक पड़ने वाले नवरात्रि काफी लोकप्रिय हैं। इसके अलावा आषाढ़ और माघ महीने में गुप्त नवरात्रि आते हैं। तंत्र साधना के लिए गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। देवी माता को प्रसन्न करने के लिए तांत्रिक तंत्र साधना करते हैं। लेकिन सिद्धि साधना के लिए शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व होता है।
आषाढ़ और माघ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले नवरात्रि गुप्त नवरात्रि कहलाते हैं। हालांकि गुप्त नवरात्र को आमतौर पर नहीं मनाया जाता लेकिन तंत्र साधना करने वालों के लिये गुप्त नवरात्र बहुत ज्यादा मायने रखते हैं। तांत्रिकों द्वारा इस दौरान देवी मां की साधना की जाती है। नवरात्रि के 10वें दिन दशहरा मनाया जाता है।
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नवरात्रि में शुभ कार्य
नवरात्रि में हर तरह के शुभ कार्य किए जा सकते हैं। नवरात्रि के 9 दिन बहुत शुभ होते हैं इसमें किसी विशेष कार्य के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती। इन खास दिनों पर लोग गृह प्रवेश और नई गाड़ियों की खरीददारी करते हैं।
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चैत्र नवरात्रि 2020 पर प्रमुख योग
नवरात्रि में चार सर्वार्थसिद्धि, एक अमृतसिद्धि और एक रवियोग भी आएगा। इस नवरात्रि विशेष ग्रह योगों के कारण मनोकामना पूर्ति होगी।
चैत्र नवरात्रि 2020 के नौ दिन
नवरात्रि पर नौ दिनों तक मां के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है।
पहले दिन घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा
दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की विधिवत पूजा-आराधना
नवरात्रि के तीसरे दिन चंद्रघंटा की पूजा का विधान है।
चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा होती है।
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की उपासना
छठे दिन कात्यायनी की पूजा
सातवें दिन कालरात्रि की शक्ति उपासना होता है।
आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती िहै।
नौवें दिन मां सिद्धिदात्रि की आराधना की जाती है।
चैत्र नवरात्रि 2020 के सभी नौ दिन:
25 मार्च- प्रथमा तिथि, गुड़ी पड़वा और नवरात्रि आरंभ
26 मार्च- द्वितीया तिथि, सर्वार्थ सिद्धि योग
27 मार्च- तृतीया तिथि, सर्वार्थ सिद्धि योग
28 मार्च- चतुर्थी तिथि
29 मार्च- पंचमी तिथि, रवि योग
30 मार्च- षष्ठी तिथि
31 मार्च- सप्तमी तिथि
1 अप्रैल- अष्टमी तिथि
2 अप्रैल- नवमी तिथि
नवरात्रि का महत्व
हिन्दू धर्म में नवरात्रि का बहुत महत्व है। पूरे वर्ष में कुल मिलाकर चार बार नवरात्रि आते हैं। चैत्र और आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक पड़ने वाले नवरात्रि काफी लोकप्रिय हैं। इसके अलावा आषाढ़ और माघ महीने में गुप्त नवरात्रि आते हैं। तंत्र साधना के लिए गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। देवी माता को प्रसन्न करने के लिए तांत्रिक तंत्र साधना करते हैं। लेकिन सिद्धि साधना के लिए शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व होता है।
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आषाढ़ और माघ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले नवरात्रि गुप्त नवरात्रि कहलाते हैं। हालांकि गुप्त नवरात्र को आमतौर पर नहीं मनाया जाता लेकिन तंत्र साधना करने वालों के लिये गुप्त नवरात्र बहुत ज्यादा मायने रखते हैं। तांत्रिकों द्वारा इस दौरान देवी मां की साधना की जाती है। नवरात्रि के 10वें दिन दशहरा मनाया जाता है।
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नवरात्रि में शुभ कार्य
नवरात्रि में हर तरह के शुभ कार्य किए जा सकते हैं। नवरात्रि के 9 दिन बहुत शुभ होते हैं इसमें किसी विशेष कार्य के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती। इन खास दिनों पर लोग गृह प्रवेश और नई गाड़ियों की खरीददारी करते हैं।