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Buddha Purnima 2025: बुद्ध पूर्णिमा आज, जानिए महत्व और स्नान-दान का फल
Mon, 12 May 2025 05:53 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 12 May 2025 05:53 AM IST
सार
Buddha Purnima 2025: इस बार बुद्ध पूर्णिमा पर कई तरह के दुर्लभ योगों का निर्माण होने जा रहा है।
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Buddha Purnima
- फोटो : adobe stock
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विस्तार
Buddha Purnima 2025: 12 मई को बुद्ध पूर्णिमा है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि को बुद्ध पूर्णिमा के रूप मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि पर भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। इस कारण से वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। हिंदू और बौद्ध दोनों ही धर्मों में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान, दान, पूजा, अनुष्ठान और व्रत रखने का महत्व होता है।
बुद्ध पूर्णिमा तिथि 2025
पंचांग के अनुसार वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 11 मई को शाम 06 बजकर 55 मिनट से होगी और इसका समापन 12 मई को शाम 07 बजकर 22 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा 12 मई को मनाई जाएगी।
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बुद्ध पूर्णिमा पर शुभ योग
इस बार बुद्ध पूर्णिमा पर कई तरह के दुर्लभ योगों का निर्माण होने जा रहा है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन वरियान और रवि योग संयोग देखने को मिलेगा। मुहूर्त शास्त्र के अनुसार वरियान योग पूरे दिन रहेगा, वहीं रवि योग सुबह 5 बजकर 32 मिनट से लेकर अगले दिन 06 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।
वैशाख पूर्णिमा भगवान बुद्ध के जीवन की तीन अहम बातें -बुद्ध का जन्म, बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति एवं बुद्ध का निर्वाण के कारण भी विशेष तिथि मानी जाती है। गौतम बुद्ध ने चार सूत्र दिए उन्हें 'चार आर्य सत्य ' के नाम से जाना जाता है। पहला दुःख है दूसरा दुःख का कारण तीसरा दुख का निदान और चौथा मार्ग वह है जिससे दुःख का निवारण होता है। भगवान बुद्ध का अष्टांगिक मार्ग वह माध्यम है जो दुख के निदान का मार्ग बताता है।
पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्त्व है। वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा या पीपल पूर्णिमा कहा जाता है। प्रत्येक माह की पूर्णिमा जगत के पालनकर्ता श्री हरि विष्णु भगवान को समर्पित होती है। इसी दिन भगवान बुद्ध की जयंती और निर्वाण दिवस भी बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन बोधगया में दुनियाभर से बौद्ध धर्म मानने वाले यहां आते हैं। बोधि वृक्ष की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इसी वृक्ष के नीचे गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था।
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बुद्ध पूर्णिमा तिथि 2025
पंचांग के अनुसार वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 11 मई को शाम 06 बजकर 55 मिनट से होगी और इसका समापन 12 मई को शाम 07 बजकर 22 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा 12 मई को मनाई जाएगी।
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इस बार बुद्ध पूर्णिमा पर कई तरह के दुर्लभ योगों का निर्माण होने जा रहा है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन वरियान और रवि योग संयोग देखने को मिलेगा। मुहूर्त शास्त्र के अनुसार वरियान योग पूरे दिन रहेगा, वहीं रवि योग सुबह 5 बजकर 32 मिनट से लेकर अगले दिन 06 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।
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भगवान बुद्ध को भी समर्पित है यह पूर्णिमावैशाख पूर्णिमा भगवान बुद्ध के जीवन की तीन अहम बातें -बुद्ध का जन्म, बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति एवं बुद्ध का निर्वाण के कारण भी विशेष तिथि मानी जाती है। गौतम बुद्ध ने चार सूत्र दिए उन्हें 'चार आर्य सत्य ' के नाम से जाना जाता है। पहला दुःख है दूसरा दुःख का कारण तीसरा दुख का निदान और चौथा मार्ग वह है जिससे दुःख का निवारण होता है। भगवान बुद्ध का अष्टांगिक मार्ग वह माध्यम है जो दुख के निदान का मार्ग बताता है।
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बुद्ध पूर्णिमा का महत्वपूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्त्व है। वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा या पीपल पूर्णिमा कहा जाता है। प्रत्येक माह की पूर्णिमा जगत के पालनकर्ता श्री हरि विष्णु भगवान को समर्पित होती है। इसी दिन भगवान बुद्ध की जयंती और निर्वाण दिवस भी बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन बोधगया में दुनियाभर से बौद्ध धर्म मानने वाले यहां आते हैं। बोधि वृक्ष की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इसी वृक्ष के नीचे गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था।