फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   bhai dooj 2022 date history culture religious importance and significance of bhai dooj festival

Bhai Dooj 2022: 27 अक्तूबर को भाई दूज, जानिए महत्व, पूजा विधि और पौराणिक कथा

Wed, 12 Oct 2022 01:16 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 12 Oct 2022 01:16 PM IST
सार

भाई दूज का पर्व 27 अक्तूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार भाई दूज कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को आता है। इस वर्ष भाई दूज पर भाई के माथे पर तिलक करने का शुभ मुहूर्त 27 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 14 मिनट से लेकर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
 

विज्ञापन
bhai dooj 2022 date history culture religious importance and significance of bhai dooj festival
Bhai Dooj 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार भाई दूज कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। - फोटो : istock

विस्तार

Bhai Dooj 2022: रक्षाबंधन की तरह भाई दूज का त्योहार भी भाई-बहन के सुंदर रिश्ते, प्यार और स्नेह का प्रतीक है। दिवाली के बाद भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार भाई दूज कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। भाई दूज को देश के अलग-अगल हिस्सों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है। भाई दूज को भैया दूज, भाई टीका, यम द्वितीया, भ्रातृ द्वितीया भी कहते हैं। भाई दूज पर बहनें अपने भाईयों को तिलक लगाकर आरती उतारती हैं और उनकी लंबी आयु, सुख-समृद्धि और जीवन में वैभव की कामना करती हैं। इसके बाद भाई अपने बहनों को उपहार देते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भाई दूज पर यमराज अपनी बहन यमुना के आमंत्रण पर उनके घर भोजन ग्रहण करने आते हैं। ऐसे में इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और यमुना की पूजा करने का विधान है।
विज्ञापन


Dhanteras 2022 Date: इस साल धनतेरस कब है? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व और विधि
विज्ञापन


भाई दूज तिथि और शुभ मुहूर्त 2022
इस बार भाई दूज का पर्व 27 अक्तूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार भाई दूज कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को आता है। इस वर्ष भाई दूज पर भाई के माथे पर तिलक करने का शुभ मुहूर्त 27 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 14 मिनट से लेकर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


Diwali 2022 Date: इस साल दिवाली कब है? जानें तिथि,शुभ मुहूर्त और लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि

भाई दूज पूजा विधि
- भाई दूज पर शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए बहनें भाई के तिलक करने और आरती के लिए पूजा की थाल तैयार करती हैं।
- पूजा की थाल में कुमकुम,अक्षत, चंदन, जल, मिठाई, फल और फूल आदि सामग्री की जरूरत होती है।
- भाई के माथे पर तिलक करने के लिए पूर्व दिशा में भाई को चौकी पर बैठाया जाता है। 
- इसके बाद भाई के सिर पर कपड़े का टुकड़ा रखते हुए शुभ मुहूर्त में बहनें तिलक करें।
- तिलक लगाने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं और आरती उतारें।
- आरती और तिलक के बाद भाई बहनों को उपहार में कुछ चीजें भेंट करें और हमेशा रक्षा करने का वचन दें।

भाई दूज पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार भाई दूज के दिन यमराज अपनी बहन यमुना के बार बुलाने पर उनके घर गए थे और वहां पर भोजन किया था। इसी के बाद से हर वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भाई दूज की परंपरा शुरू हुई। दरअसल यमराज अपने काम में व्यस्त रहने के कारण यमुना के बार-बार घर पर आकर खाने के निमंत्रण को टाल जाते थें। जब यमराज यमुना के घर पहुंचे तब बहन यमुना भाई यमराज के माथे पर तिलक लगाते हुए उनकी आरती उतारती हैं और भोजन करते हुए भाई के खुशहाल जीवन की कामना की। इसके बाद भाई यमराज ने बहन को वरदान देते हुए कहा जो हर वर्ष इस तिथि पर घर आकर बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाएं उसके जीवन से डर खत्म हो जाएगा। तभी से भाई दूज पर्व की शुरुआत हुई। मान्यताओं के अनुसार इस दिन यमुना नदी में स्नान का विशेष महत्व होता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed